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सिलावन समाचार महरौनी पेज
Updated Fri, 07 Jul 2017 01:03 AM IST
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मरने के बाद भी मनरेगा में काम की गारंटी
सिलावन। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत मरने के बाद भी काम की गारंटी हैं। बात सुनने में कुछ अजीब जरूर लगती है पर इसे हकीकत में कर दिखाया है। विकास खंड बार की ग्राम पंचायत कैलगुंवा में मनरेगा योजना में फर्जीवाड़े का आलम यह हैं मर चुके आदमी को भी काम दे दिया गया। फर्जीवाड़े की शिकायत ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की है तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
यह पहला मौका नहीं है जब महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का घालमेल प्रकाश में आया हो। ऐसे मामलों पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिली भगत से कई बड़े-बड़े कारनामे हो चुके हैं। ऐसे मामलों पर अधिकारियों की पर्दा डालने वाली नीति के कारण दोषियों को कठोर सजा नहीं मिल सकी। हाल ही में ग्राम पंचायत कैलगवां में मृत व्यक्ति को काम देने का प्रकरण सामने आया हैं। मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया हैं कि गांव निवासी चंद्रभान पुत्र धर्मदास को पंचायत ने 001/114 नंबर का जॉबकार्ड जारी किया था जिस पर वह मनरेगा के तहत काम करता था। इस बीच 1 दिसंबर 2012 को उसकी मृत्यु हो गई। विकास विभाग ने बाकायदा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया। बावजूद इसके अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर मृतक को वर्क आईडी आर.सी. 958486255822423326 संपर्क मार्ग हरिजन बस्ती में मस्टररॉल क्रमांक 2807012 पर 10 जनवरी 2013 से लेकर 16 जनवरी 2013 तक एवं मस्टररॉल क्रमांक 2807048 पर 17 जनवरी 2013 से 23 जनवरी 2013 तक फर्जी हाजरी चढ़ाकर बैंक से धनराशि निकाल बंदरबाट कर ली। ग्राम पंचायत में यह तो बानगी मात्र हैं। यहां मनरेगा के तहत जमकर फर्जीवाड़ा किया गया, जिसकी जांच की मांग ग्रामीण लंबे अरसे से विभागीय अधिकारियों से लेकर उच्चाधिकारियों से करते आ रहे हैं लेकिन जनप्रतिनिधि के प्रभावशाली होने के कारण हर बार अधिकारी इस पर पर्दा डाल देते हैं। इस प्रकरण की खास बात यह हैं कि मरने के बाद भी भला कोई मजदूरी कैसे कर सकता हैं शायद इसका जवाब अधिकारियों के पास भी नहीं हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के तहत कराए गए कामों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की हैं। शिकायती पत्र पर सुरेन्द्र कुमार सहित अन्य के हस्ताक्षर हैं।
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न्यायालय के आदेश पर भी नहीं की गई कार्रवाई
ग्रामीण सुरेन्द्र कुमार बताते हैं कि ग्राम पंचायत कैलगुवां में मनरेगा योजना में हुए घालमेल की शिकायत अधिकारियों से करने के बाद भी न्याय नहीं मिला तो मामले को न्यायालय में ले गए जिस पर न्यायालय ने संबंधितों को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। बावजूद इसके न्यायालय के आदेश की अनदेखी कर दी गई।
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं था, अब इसकी जांच करवाई जाएगी कि मृत व्यक्ति के नाम भुगतान कैसे कर दिया गया है, जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।
नरेंद्र देव द्विवेदी
उपायुक्त श्रम एवं रोजगार
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मामला काफी गंभीर है। इस तरह की धांधली करने वालों के खिलाफ जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रवीण लक्षकार, सीडीओ