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राष्ट्रीय लोक अदालत ने निपटे 2,793 वाद

Sun, 15 Jul 2018 01:56 AM IST
Updated Sun, 15 Jul 2018 01:56 AM IST
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राष्ट्रीय लोक अदालत ने निपटे 2,793 वाद
राष्ट्रीय लोक अदालत ने निपटे 2,793 वाद
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2.58 करोड़ की समझौता राशि का किया गया निर्धारण
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान और जनपद न्यायाधीश वीएस पटेल की अध्यक्षता में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय परिसर, कलक्ट्रेट और जनपद की सभी तहसीलों में किया गया। इसमें विभिन्न प्रकृति के 2,793 वादों का निस्तारण किया गया। इसके साथ ही लोक अदालत में दो करोड़, 58 लाख 61 हजार 596 रुपये की समझौता राशि का निर्धारण किया गया।
जिला न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश वीएस पटेल द्वारा मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 05 वाद निस्तारित करते हुए दस लाख तीस हजार रुपए की धनराशि का निर्धारण किया गया एवं इजराय के 13 वादों का निस्तारण किया गया। अपर जिला जज द्वारा उमेश कुमार सिरोही की अदालत द्वारा 01 वाद निस्तारित किया गया। अपर जिला जज जगदीष कुमार (आवश्यक वस्तु अधिनियम) द्वारा विभिन्न प्रकार के 96 वादों को निस्तारित किया जाकर 11 लाख 15 हजार 500 रुपये की धनराशि का निर्धारण किया गया। अपर जिला जज (एफ.टी.सी.-2) अजय पाल सिंह की अदालत द्वारा 04 वाद निस्तारित कर चार लाख रुपये की धनराशि का निर्धारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय मनोज कुमार अग्रवाल की अदालत द्वारा 92 वाद निस्तारित किये गये। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामविलास प्रसाद द्वारा विभिन्न प्रकार के 428 वाद निस्तारित कर एक लाख 17 हजार 475 रुपये की समझौता राशि का निर्धारण किया गया। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार गुप्त द्वारा विभिन्न प्रकार के 87 वाद निस्तारित कर दो लाख 38 हजार 898 रुपये की समझौता धनराशि का निर्धारण किया गया। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) मुन्नालाल द्वारा विभिन्न प्रकार के 16 वाद निस्तारित किये गये। विषेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्चना सक्सेना विभिन्न प्रकार के 158 वाद निस्तारित कर 44,040 रुपये की समझौता धनराशि का निर्धारण किया गया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिंचाई खंड द्वारा 02 वाद निस्तारित कर 200 रुपये की समझौता राशि का निर्धारण किया गया।
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स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष वीके मिश्रा द्वारा 02 वाद निस्तारित किये गये। एसीजेएम महरौनी कुश कुमार द्वारा विभिन्न प्रकार के कुल 62 वाद निस्तारित कर 6,650 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया। न्यायाधिकारी, ग्राम न्यायालय, तालबेहट सूरज मिश्रा द्वारा विभिन्न प्रकार के कुल 15 वाद निस्तारित कर 7,600 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया। वहीं, जिला मजिस्ट्रेट मानवेंद्र सिंह एवं जिले की सभी तहसीलों के अधिकारियों द्वारा विभिन्न प्रकार के कुल 1482 वाद निस्तारित कर 8,060 रुपये की राशि निर्धारित की गयी एवं जिले की सभी नगर पालिका व नगर पंचायतों द्वारा 114 वाद निस्तारित किये गये। जिले की सभी बैंकों द्वारा अपने-अपने ऋण वसूली के वादों को प्रीलिटिगेशन लोक अदालत के माध्यम से 216 वाद निस्तारण करते हुए दो करोड़ 28 लाख 93 हजार 173 रुपये की समझौता राशि का निर्धारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष वीएस पटेल द्वारा निरीक्षण के दौरान बैंकों के काउंटर पर उपस्थित वादकारियों से भी बातचीत की गयी और उनको हो रही परेशानियों के बारे में जानकारी ली गई, जिसके संबंध में उपस्थित बैंक अधिकारियों को उनके निस्तारण के लिए निर्देशित किया गया। मुख्यालय पर आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अपर जिला जज प्रथम उमेश कुमार सिरोही, अपर जिला जज (डकैती कोर्ट) मनोज कुमार शुक्ला, अपर जिला जज आवश्यक वस्तु अधिनियम जगदीश कुमार, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय मनोज कुमार अग्रवाल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामविलास प्रसाद, सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार गुप्त, सिविल जज जूनियर डिवीजन मुन्नालाल, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्चना सक्सेना एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सत्येंद्र सिंह वर्मा मुख्य रुप से उपस्थित रहे।
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कैप्सन-राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला जज को अपनी समस्या बताता दिव्यांग।

दिव्यांग ने सुनाई जिला जज को व्यथा
शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश वीएस पटेल जब लोक अदालत के दौरान विभिन्न बैंकों के द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण करने पहुंचे तो एक दिव्यांग व्यक्ति ने उन्हें रोककर बताया कि उसने स्टेट बैंक महरौनी से लोन लिया था, जो राशि बैंक द्वारा बताई गई, उसने अपना खेत बेचकर बैंक में जमा कराई थी, लेकिन अभी तक उसका बैंक खाता बंद नहीं किया गया है, जिस पर जिला न्यायाधीश ने बैंक अधिकारियों को मौके पर ही दिव्यांग की समस्या का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
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