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लापरवाही: पाली
Updated Wed, 30 May 2018 03:59 AM IST
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अनुदान के बाद भी 400 परिवार नही बनवा रहे शौचालय
पाली। स्वच्छ भारत मिशन देश भर में व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में संचालित किया जा रहा है। लोगों को खुले में शौचमुक्त करने के लिए देश की मोदी सरकार प्रदेश की योगी सरकार विभिन्न जागरूक कार्यक्रम आयोजित करा रही है तो गरीब तबके के परिवारों के लिए उनके खाते में अनुदान राशि भी भेज रही है । इसके बाद भी कस्बे के 400 परिवार अनुदान राशि पाने के बाद भी अपने घरों में शौचालय निर्माण कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। खुले में शौच जाकर कस्बे की मुख्य सड़कों को गंदा करने पर तुले हैं। ऐसे लोगों पर स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारियों ने कार्रवाई का मन बना लिया है, जिसके लिए अब लापरवाही बरतने वाले परिवार को सख्त हिदायत दी गई है, कि अन्यथा की स्थिति में एफआईआर दर्ज होगी। जिसमें दोषी पाए जाने पर दो वर्ष का कारावास और जुर्माना भी भुगतना पड़ेगा।
स्वच्छता अभियान के अंतर्गत लोगों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए बड़ी मुहिम चल रही है। मंगलवार को स्वच्छ भारत अर्बन जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिषेक खरे ने अपनी टीम के साथ नदवानी बगीचा, कुरयाना मोहल्ले में सार्वजनिक सुलभ शौचालयों के साथ कस्बे में बने प्रसाधनों की मौका स्थिति जांची। कमी मिलने पर नाराजगी व्यक्त कर उचित दिशा निर्देश दिए। इसके बाद अनुदान राशि से बनाए जा रहे लोगों के शौचालयों का निरीक्षण किया। जिस प्रकार से शौचालय निर्माण की गति देखने को मिली, उसे देख नाराजगी व्यक्त की।
वहीं, नगर पंचायत से मिली जानकारी अनुसार 1000 से ज्यादा परिवारों के लिए शौचालय निर्माण के लिए अनुदान राशि जारी कर पात्र परिवारों के मुखिया के खाते में पहुंचाई। नगर पंचायत कस्बे को ओडीएफ करने के लिए कई जागरूक कार्यक्रम भी आयोजित कराती रहती है । इसके बाद भी अभी तक 400 परिवार अपने घरों में शौचालय का निर्माण कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है । दूसरी क़िस्त की आस में कई परिवारों के शौचालय निर्माणाधीन पड़े हैं , तो कस्बे में ऐसे भी परिवार है जिन्होंने अनुदान की पहली किस्त तो ले ली है लेकिन अपने घर में शौचालय का गढ्ढा तक नही खुदवा सके । आखिर ऐसी कौन सी बजह है कि लोग शौचालय निर्माण करवाने में तनिक भी रुचि नही ले रहे ।
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होगी एफआईआर दर्ज
शौचालय न बनाने वाले परिवार के मुखिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी जाएगी। इसमें दोषी पाए जाने वाले को आईपीसी की धारा 269, 270, 277, 336 का सामना करना पड़ेगा । इसलिए ऐसी नोबत न आने पाए सभी अपने घर में शौचालय बनवाएं ।
अभिषेक खरे , जिला कार्यक्रम अधिकारी
अनुदान राशि के आश में बने हैं लोग
एक तरफ लोग अनुदान राशि पाने के बाद भी शौचालय निर्माण नहीं कर रहे तो वहीं दूसरी तरफ ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने अनुदान राशि की आश में शौचालय निर्माण तो करा लिया , लेकिन उनके खातों में अनुदान राशि अब तक नही आयी। जो नगर पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाते देखे जा सकते हैं।
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पाली। स्वच्छ भारत मिशन देश भर में व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में संचालित किया जा रहा है। लोगों को खुले में शौचमुक्त करने के लिए देश की मोदी सरकार प्रदेश की योगी सरकार विभिन्न जागरूक कार्यक्रम आयोजित करा रही है तो गरीब तबके के परिवारों के लिए उनके खाते में अनुदान राशि भी भेज रही है । इसके बाद भी कस्बे के 400 परिवार अनुदान राशि पाने के बाद भी अपने घरों में शौचालय निर्माण कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। खुले में शौच जाकर कस्बे की मुख्य सड़कों को गंदा करने पर तुले हैं। ऐसे लोगों पर स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारियों ने कार्रवाई का मन बना लिया है, जिसके लिए अब लापरवाही बरतने वाले परिवार को सख्त हिदायत दी गई है, कि अन्यथा की स्थिति में एफआईआर दर्ज होगी। जिसमें दोषी पाए जाने पर दो वर्ष का कारावास और जुर्माना भी भुगतना पड़ेगा।
स्वच्छता अभियान के अंतर्गत लोगों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए बड़ी मुहिम चल रही है। मंगलवार को स्वच्छ भारत अर्बन जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिषेक खरे ने अपनी टीम के साथ नदवानी बगीचा, कुरयाना मोहल्ले में सार्वजनिक सुलभ शौचालयों के साथ कस्बे में बने प्रसाधनों की मौका स्थिति जांची। कमी मिलने पर नाराजगी व्यक्त कर उचित दिशा निर्देश दिए। इसके बाद अनुदान राशि से बनाए जा रहे लोगों के शौचालयों का निरीक्षण किया। जिस प्रकार से शौचालय निर्माण की गति देखने को मिली, उसे देख नाराजगी व्यक्त की।
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वहीं, नगर पंचायत से मिली जानकारी अनुसार 1000 से ज्यादा परिवारों के लिए शौचालय निर्माण के लिए अनुदान राशि जारी कर पात्र परिवारों के मुखिया के खाते में पहुंचाई। नगर पंचायत कस्बे को ओडीएफ करने के लिए कई जागरूक कार्यक्रम भी आयोजित कराती रहती है । इसके बाद भी अभी तक 400 परिवार अपने घरों में शौचालय का निर्माण कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है । दूसरी क़िस्त की आस में कई परिवारों के शौचालय निर्माणाधीन पड़े हैं , तो कस्बे में ऐसे भी परिवार है जिन्होंने अनुदान की पहली किस्त तो ले ली है लेकिन अपने घर में शौचालय का गढ्ढा तक नही खुदवा सके । आखिर ऐसी कौन सी बजह है कि लोग शौचालय निर्माण करवाने में तनिक भी रुचि नही ले रहे ।
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होगी एफआईआर दर्ज
शौचालय न बनाने वाले परिवार के मुखिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी जाएगी। इसमें दोषी पाए जाने वाले को आईपीसी की धारा 269, 270, 277, 336 का सामना करना पड़ेगा । इसलिए ऐसी नोबत न आने पाए सभी अपने घर में शौचालय बनवाएं ।
अभिषेक खरे , जिला कार्यक्रम अधिकारी
अनुदान राशि के आश में बने हैं लोग
एक तरफ लोग अनुदान राशि पाने के बाद भी शौचालय निर्माण नहीं कर रहे तो वहीं दूसरी तरफ ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने अनुदान राशि की आश में शौचालय निर्माण तो करा लिया , लेकिन उनके खातों में अनुदान राशि अब तक नही आयी। जो नगर पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाते देखे जा सकते हैं।