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ललितपुर से उदयपुरा तक इलैक्ट्रीफाईड हुई रेल लाइन
Updated Mon, 26 Jun 2017 01:55 AM IST
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उदयपुरा तक जल्द दौड़ेगा इलेक्ट्रिक इंजन
ललितपुर-खजुराहो रेल लाइन पर शीघ्र ही ललितपुर से उदयपुरा रेलवे स्टेशन तक इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ सकेगा। इस रेल लाइन पर काम कंपलीट हो चुका है। सीआरएस यानी सेफ्टी कमीशन ऑफ रेलवे सेफ्टी की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद उदयपुरा तक इलेक्ट्रिक इंजन चलाया जा सकेगा। इसके बाद उदयपुरा से टीकमगढ़ और टीकमगढ़ से खजुराहो तक लाइन को इलैक्ट्रिक करने की योजना है।
ललितपुर से टीकमगढ़ रेलवे लाइन के निर्माण के बाद सबसे पहले इस लाइन पर वर्ष 2011 में पहला डीजल इंजन चलाया गया था, जिसके बाद ललितपुर से सिंगरौली रेल लाइन परियोजना के तहत सबसे पहले ललितपुर से टीकमगढ़ तक 27 अप्रैल 2013 को डीजल इंजन युक्त झांसी-टीकमगढ़ पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू किया गया था। इसके बाद इस लाइन का विस्तार कर गत वर्ष 18 अक्टूबर को झांसी से खजुराहो तक ट्रेन का संचालन शुरू किया गया, जो वर्तमान में टीकमगढ़, खजुराहो तक यात्रा के लिए वरदान साबित हो रही है। इसके बाद रेलवे ने ललितपुर से उदयपुरा रेलवे स्टेशन तक रेल लाइन को पहले चरण में इलेक्ट्रिक लाइन बनाने की मंजूरी दे दी और इस पर करीब एक वर्ष से काम जारी है, जिसे इस वर्ष के फरवरी माह तक पूरा करने का लक्ष्य था। उदयपुरा रेलवे स्टेशन पर विद्युत आपूर्ति के लिए टीएसएस (टैक्शन सब स्टेशन) कंट्रोल रूम का निर्माण किया गया है, साथ ही बिरारी रेलवे स्टेशन पर एसपी यानी सेक्शनिंग एंड पेरलिंग पोस्ट का निर्माण भी किया है। यहां से बिजली की स्वीचिंग और वोल्टेज कंट्रोल किया जाएगा। कंट्रोल रूम में स्थापित पैनलों के माध्यम से विद्युत लाइन में खराबी होने पर उस सेक्शन की आपूर्ति काटकर दूसरी लाइन की आपूर्ति सुचारु रखी जा सकेगी, ताकि विद्युतीकरण प्रभावित न हो। यह कार्य रेलवे कंस्ट्रक्शन विभाग झांसी के अधिकारियों की देखरेख में किया गया है। अब इस लाइन पर रेल विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है और रेलवे को सीआरएस की मंजूरी का इंतजार है, इसके बाद ललितपुर से उदयपुरा तक रेल इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ सकेगा। विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसी माह के अंत तक रेलवे सीआरएस ललितपुर से उदयपुरा तक हुए विद्युतीकरण का निरीक्षण कर सकते हैं। इसके बाद उदयपुरा से खजुराहो तक पूरा रेल ट्रैक इलेक्ट्रिक लाइन करने की योजना है। वर्तमान में खजुराहो रेल ट्रैक पर फिलहाल डीजल इंजन वाली ट्रेनों का ही संचालन हो रहा है। इस रूट पर रेलवे द्वारा बजाज पावर प्लांट के लिए शीघ्र कोयला व अन्य संसाधन पहुंचाने के लिए कई मालगाड़ियां और खजुराहो, छतरपुर पर्यटक स्थलों तक अन्य सुपरफास्ट व इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन से व्यापार की संभावनाएं तेजी से विकसित की जा रही हैं।
ललितपुर से उदयपुरा रेलवे स्टेशन तक रेल विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। रेल लाइन पर इलेक्ट्रिक इंजन चलाने के लिए सीआरएस की मंजूरी जरूरी होती है। सीआरएस निरीक्षण के बाद शीघ्र ही ललितपुर से उदयपुरा तक रेल इंजन चलाया जाएगा।
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मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, रेलवे झांसी।
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ललितपुर-खजुराहो रेल लाइन पर शीघ्र ही ललितपुर से उदयपुरा रेलवे स्टेशन तक इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ सकेगा। इस रेल लाइन पर काम कंपलीट हो चुका है। सीआरएस यानी सेफ्टी कमीशन ऑफ रेलवे सेफ्टी की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद उदयपुरा तक इलेक्ट्रिक इंजन चलाया जा सकेगा। इसके बाद उदयपुरा से टीकमगढ़ और टीकमगढ़ से खजुराहो तक लाइन को इलैक्ट्रिक करने की योजना है।
ललितपुर से टीकमगढ़ रेलवे लाइन के निर्माण के बाद सबसे पहले इस लाइन पर वर्ष 2011 में पहला डीजल इंजन चलाया गया था, जिसके बाद ललितपुर से सिंगरौली रेल लाइन परियोजना के तहत सबसे पहले ललितपुर से टीकमगढ़ तक 27 अप्रैल 2013 को डीजल इंजन युक्त झांसी-टीकमगढ़ पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू किया गया था। इसके बाद इस लाइन का विस्तार कर गत वर्ष 18 अक्टूबर को झांसी से खजुराहो तक ट्रेन का संचालन शुरू किया गया, जो वर्तमान में टीकमगढ़, खजुराहो तक यात्रा के लिए वरदान साबित हो रही है। इसके बाद रेलवे ने ललितपुर से उदयपुरा रेलवे स्टेशन तक रेल लाइन को पहले चरण में इलेक्ट्रिक लाइन बनाने की मंजूरी दे दी और इस पर करीब एक वर्ष से काम जारी है, जिसे इस वर्ष के फरवरी माह तक पूरा करने का लक्ष्य था। उदयपुरा रेलवे स्टेशन पर विद्युत आपूर्ति के लिए टीएसएस (टैक्शन सब स्टेशन) कंट्रोल रूम का निर्माण किया गया है, साथ ही बिरारी रेलवे स्टेशन पर एसपी यानी सेक्शनिंग एंड पेरलिंग पोस्ट का निर्माण भी किया है। यहां से बिजली की स्वीचिंग और वोल्टेज कंट्रोल किया जाएगा। कंट्रोल रूम में स्थापित पैनलों के माध्यम से विद्युत लाइन में खराबी होने पर उस सेक्शन की आपूर्ति काटकर दूसरी लाइन की आपूर्ति सुचारु रखी जा सकेगी, ताकि विद्युतीकरण प्रभावित न हो। यह कार्य रेलवे कंस्ट्रक्शन विभाग झांसी के अधिकारियों की देखरेख में किया गया है। अब इस लाइन पर रेल विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है और रेलवे को सीआरएस की मंजूरी का इंतजार है, इसके बाद ललितपुर से उदयपुरा तक रेल इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ सकेगा। विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसी माह के अंत तक रेलवे सीआरएस ललितपुर से उदयपुरा तक हुए विद्युतीकरण का निरीक्षण कर सकते हैं। इसके बाद उदयपुरा से खजुराहो तक पूरा रेल ट्रैक इलेक्ट्रिक लाइन करने की योजना है। वर्तमान में खजुराहो रेल ट्रैक पर फिलहाल डीजल इंजन वाली ट्रेनों का ही संचालन हो रहा है। इस रूट पर रेलवे द्वारा बजाज पावर प्लांट के लिए शीघ्र कोयला व अन्य संसाधन पहुंचाने के लिए कई मालगाड़ियां और खजुराहो, छतरपुर पर्यटक स्थलों तक अन्य सुपरफास्ट व इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन से व्यापार की संभावनाएं तेजी से विकसित की जा रही हैं।
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ललितपुर से उदयपुरा रेलवे स्टेशन तक रेल विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। रेल लाइन पर इलेक्ट्रिक इंजन चलाने के लिए सीआरएस की मंजूरी जरूरी होती है। सीआरएस निरीक्षण के बाद शीघ्र ही ललितपुर से उदयपुरा तक रेल इंजन चलाया जाएगा।
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मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, रेलवे झांसी।