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गौरीफंटा कोतवाली में युवक ने लगाई आग, कोतवाल सस्पेंड

Thu, 17 Mar 2022 01:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 17 Mar 2022 01:42 AM IST
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Youth set fire in Gauriphanta Kotwali, Kotwal suspended
अपनी व्यथा सुनाता शुभम।
गंभीर रूप से झुलसा, जिला अस्पताल रेफर
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पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। भारत नेपाल बॉर्डर पर स्थित गौरीफंटा कोतवाली में पुलिस पर पक्षपात और परेशान करने का आरोप लगाते हुए एक युवक ने पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली। आग से जल रहे युवक को किसी तरह से बचाकर पलिया सीएचसी लाया गया। जहां से हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उधर, सूचना पर पलिया पहुंचे एसपी संजीव सुमन ने बताया कि मामले की जानकारी कर कोतवाल को तुरंत सस्पेंड किया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पलिया के कृष्णानगर पटिहन निवासी शिवम गुप्ता (26) पुत्र राजीव गुप्ता ने बुधवार की देर शाम गौरीफंटा कोतवाली पहुंचकर आग लगा ली। युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलिया लाया गया। यहां युवक ने बताया कि वह बनगवां से गौरीफंटा बॉर्डर के लिए प्राइवेट टैक्सी चलाने का काम करता है।
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आरोप है कि गौरीफंटा कोतवाल समेत अन्य टैक्सी माफिया उसे परेशान करके फर्जी केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दिया करते थे। आरोप है कि बुधवार को गौरीफंटा कोतवाल ने उसकी टैक्सी भी कोतवाली लाकर सीज कर दी, जिससे वह काफी परेशान था और कोतवाली पहुंचने के बाद भी उससे अभद्रता की गई। आहत होकर उसने पेट्रोल डालकर अपने को आग लगा ली।
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आग लगाने के बाद कोतवाली स्टाफ के साथ ही अन्य लोगों ने किसी तरह से आग बुझाने के बाद युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलिया भर्ती कराया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद युवक को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
चिकित्सकों ने बताया कि युवक करीब 85 प्रतिशत जला हुआ था। घटना के बाद एसडीएम डॉ. अमरेश कुमार व सीओ संजय नाथ तिवारी पुलिस बल के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलिया आ पहुंचे और पीड़ित का पूरा वीडियो बयान दर्ज किया। काफी देर तक अस्पताल में गहमागहमी का माहौल बना रहा।
पीड़ित ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया है, लेकिन अब तक उच्चाधिकारियों तक ऐसी कोई शिकायत नहीं की गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले में तत्काल प्रभाव से कोतवाल अश्वनि कुमार को सस्पेंड किया गया है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- संजीव सुमन, एसपी

ट्रांसपोर्टरों के दलाल तय करते हैं किसका चलेगा वाहन
पलियाकलां। गौरीफंटा बॉर्डर पर जब से ट्रांसपोर्टरों के दलालों ने कब्जा जमाया है, तब से आए दिन पुलिस की कोई न कोई कारगुजारी सामने आ रही है। यह दलाल यहां से अच्छी खासी तादाद में देश के अन्य महानगरों में जाने वाले नेपालियों को अपनी चुनिंदा ट्रांसपोर्ट से भेजवाकर मनमाना किराया वसूलते थे। इसके एवज में पुलिस को माहवार मोटी रकम भी देते थे। 
आरोप है कि इसी कारण पुलिस नेपाली सवारियों को किसी अन्य वाहन से नहीं जाने देती थी। जरूरत पड़ती है तो पुलिस खुद सामने आकर नेपाली सवारियों को इन दलालों के जरिए उनकी ट्रांसपोर्टरों से भेजवाती है। इसमें आनाकानी की तो पुलिस उस सवारी को प्रताड़ित भी करती है। यह पिछले साल जगजाहिर भी हो चुका है, जिसमें तत्कालीन एसपी ने यहां पर इस तरीके के ट्रांसपोर्ट दलालों पर रोक लगा दी थी। बाद में यह वहां फिर कारोबार करने लगे। दूरदराज के महानगरों को बड़ी तादाद में सवारी भेजवाकर मोटा मुनाफा कमाने वाले इन दलालों की नजर अब लोकल गौरीफंटा बार्डर से बनगवां मंडी तक करीब सात-आठ किलोमीटर की दूरी तक चलने वाले मैजिक वाहनों पर भी लगी। वह यहां भी अपनी मैजिकें चलवाकर गरीब, जरूरतमंदों से धंधा छीनने की जुगत में लग गए। गौरीफंटा कोतवाली में एक मैजिक चालक के आग लगाए जाने की यह घटना इसी से संबंधित है। 
हुआ यह कि एक-एक कर चल रही मैजिकों पर दलालों की नजर टेढ़ी हुई तो उनके मोटे माहवार पर पल रही पुलिस जाग उठी और टैक्सी चालकों को आए दिन परेशान करना शुरू कर दिया। टैक्सी चालकों को परेशान करने का यह मामला पहला नहीं है। पिछले वर्ष भी जबरन तमाम टैक्सी चालकों से पुलिस ने बीस-तीस हजार रुपये वसूले थे। ऐसा न करने वालों के वाहन सीज कर दिए जा रहे थे। यह मामला भी उठा, लेकिन इस पर कोई खास कार्रवाई नहीं हुई। इसी से पुलिस के हौसले बुलंद होते चले गए और वह पूरी तरीके से दलालों के लिए काम करने लगी। 
कोतवाल पर कोतवाल बदले, लेकिन पुलिस की कार्यशैली नहीं बदली। मैजिक चालक शिवम गुप्ता ने भी कुछ ऐसा ही बताया है। उसकी मैजिक को पुलिस ने पकड़कर सीज कर दिया। रोजी-रोटी छिनी तो उसने बहुत गुहार लगाई लेकिन दलालों के दबाव में पुलिस ने उस गरीब की कुछ न सुनी और फिर शिवम ने जो रास्ता अख्तियार किया वह सबके सामने दिख रहा है। आने वाले दिनों में भी अगर इन ट्रांसपोर्टरों के दलालों पर रोक न लगाई गई तो ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। 

एसपी बोले, मामले की पूरी होगी  जांच, दलालों पर होगी कार्रवाई
एसपी संजीव सुमन ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जिन दलालों के नाम तहरीर में दिए गए हैं उनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले को शुरूआत से लेकर आखिर तक देखा जाएगा और इसमें जो भी दोषी पाया गया उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 


क्या घटनास्थल बदल रही है गौरीफंटा पुलिस?
गौरीफंटा पुलिस दर्शाना चाह रही है कि आत्मदाह की कोशिश की यह घटना कोतवाली परिसर के बाहर हुई है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों व वायरल वीडियो के मुताबिक, यह बात पूरी तरीके से निराधार है। वीडियो में साफ पता लग रहा है कि युवक ने आत्मदाह की कोशिश कोतवाली परिसर के भीतर ही की है।
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