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Lakhimpur Kheri News: एक्सईएन हटाए गए, एई-जेई की सेवा समाप्त, निर्माण इकाई पर कार्रवाई नहीं
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लखीमपुर खीरी। ईसानगर के शेखापुर गांव में बनी पानी की टंकी फटने के मामले में जल निगम के अधिशासी अभियंता का तबादला हो चुका है।संबंधित एई और जेई की सेवा समाप्त की जा चुकी है, लेकिन कार्यदायी संस्था पर अब तक जवाबदेही तय नहीं की गई। यह एक बड़ा सवाल है।
शेखापुर गांव में पानी की टंकी का निर्माण कार्यदायी संस्था बीटीएल ने कराया है। निर्माण की गुणवत्ता पर ग्रामीण पहले ही सवाल उठा चुके थे, लेकिन जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। नतीजा 26 अप्रैल को देखने को मिला। पानी टंकी का ऊपरी हिस्सा फट गया, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया। यह मुद्दा शासन तक पहुंचा तो टीम जांच करने पहुंची। टंकी निर्माण में उपयुक्त होने वाली सामग्री को जांच के लिए कानपुर भेजा गया था।
वहीं, जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर कमेटी गठित कर जांच कराई थी। हालांकि, आज तक न तो जांच रिपोर्ट का खुलासा हो सका न ही कानपुर भेजी गई जांच रिपोर्ट का कुछ पता चल सका। विभागीय अफसरों पर कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन निर्माण इकाई पर कार्रवाई न होना बड़ा सवाल है।
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खास बात यह है कि जिम्मेदार भी इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं है। जल निगम ग्रामीण के एई दीन प्रभाकर ने बताया कि शेखापुर में टंकी फटने के मामले में शासनस्तर की टीम ने जांच की है। इसमें जो भी होना है वह मुख्यालय से ही किया जाना है।
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इनकी भी जांच शुरू नहीं
कार्यदायी संस्थान बीटीएल कंपनी ने लखीमपुर जनपद के 11 ब्लाॅकों में 237 पेयजल परियोजनाओं का काम कराया है। शेखापुर में पानी टंकी फटने के मामले में अफसरों ने बीटीएल के सभी कामों की जांच कराने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हो सका।
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शेखापुर गांव में पानी की टंकी का निर्माण कार्यदायी संस्था बीटीएल ने कराया है। निर्माण की गुणवत्ता पर ग्रामीण पहले ही सवाल उठा चुके थे, लेकिन जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। नतीजा 26 अप्रैल को देखने को मिला। पानी टंकी का ऊपरी हिस्सा फट गया, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया। यह मुद्दा शासन तक पहुंचा तो टीम जांच करने पहुंची। टंकी निर्माण में उपयुक्त होने वाली सामग्री को जांच के लिए कानपुर भेजा गया था।
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वहीं, जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर कमेटी गठित कर जांच कराई थी। हालांकि, आज तक न तो जांच रिपोर्ट का खुलासा हो सका न ही कानपुर भेजी गई जांच रिपोर्ट का कुछ पता चल सका। विभागीय अफसरों पर कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन निर्माण इकाई पर कार्रवाई न होना बड़ा सवाल है।
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खास बात यह है कि जिम्मेदार भी इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं है। जल निगम ग्रामीण के एई दीन प्रभाकर ने बताया कि शेखापुर में टंकी फटने के मामले में शासनस्तर की टीम ने जांच की है। इसमें जो भी होना है वह मुख्यालय से ही किया जाना है।
इनकी भी जांच शुरू नहीं
कार्यदायी संस्थान बीटीएल कंपनी ने लखीमपुर जनपद के 11 ब्लाॅकों में 237 पेयजल परियोजनाओं का काम कराया है। शेखापुर में पानी टंकी फटने के मामले में अफसरों ने बीटीएल के सभी कामों की जांच कराने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हो सका।