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महिलाएं चाहती हैं शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता
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रूपम तिवारी
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। लचर स्वास्थ्य संसाधन, शैक्षिक पिछड़ापन और महिलाओं की असुरक्षा के प्रति जिले की आधी आबादी की नाराजगी है। महिलाएं चाहती हैं कि उन्हें स्थानीय स्तर पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मिले और उन्हें रोजगार से जोड़ने के भी प्रयास हों, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें। जनता को उसके गांव कस्बे में पर्याप्त सरकारी सुविधाएं मिलें, जिससे बीमार होने पर बड़े शहरों में न भागना पड़े।
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए निजी अस्पतालों में इलाज कराना काफी दुष्कर है। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए। अमर उजाला ने जब जिले की आठों विधानसभा क्षेत्रों में महिलाओं से संवाद किया तो वह नेताओं के प्रति उनके मुद्दों पर गंभीर न होने को लेकर नाराजगी दिखीं। महिलाएं खुलकर मुद्दों पर बोलीं।
विधायकों के कार्यों की हो वार्षिक समीक्षा, मिले रोजगार की गारंटी
नेताओं की जवाबदेही पांच साल बाद क्यों, वार्षिकी के आधार पर तय होनी चाहिये, जिससे जनता को भी पता लग सके कि जिनका उन्होंने चुनाव किया है। वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि इंसान कहीं से भी मोबाइल एप के जरिये अपना वोट कर सके। इससे फर्जी वोटिंग पर लगाम लगेगी। भविष्य में इसके दुष्परिणाम हमें ही भोगने पड़ते हैं। महिला सुरक्षा समेत, शिक्षा और रोजगार की गारंटी सरकार की गारंटी होती है। नेता मुफ्त का पिटारा न खोलें, शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार की गारंटी दें। क्योंकि, ये जनता है, सब जानती है। - रूपम तिवारी, समाजसेवी, लखीमपुर खीरी
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विधायक ऐसा हो जो सिर्फ वादे न करे, उन्हें पूरा भी करे
चुनाव के समय उम्मीदवार और राजनीतिक दल चुनावी वादों का पिटारा खोल देते हैं, लेकिन चुनाव के बाद चुने गए विधायक इन वादों को भूल जाते हैं। निघासन में पचेपड़ी घाट पुल निर्माण का वादा जनप्रतिनिधि पिछले 50 साल से करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में किसी भी सरकार ने कोई काम नहीं किया है। ऐसी स्थिति में स्थानीय जनता को कितनी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस पर किसी का ध्यान नहीं है। अभी तक ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के कोई प्रयास नहीं हुए हैं। इन बिंदुओं पर ध्यान होना चाहिए। - रुचि वर्मा, निघासन
महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें स्वावलंबी बनाने के हों प्रयास
सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाल होनी चाहिए। क्षेत्र से ऐसा विधायक चुना जाए जो क्षेत्र के विकास पर ध्यान दे। महिलाओं की सुरक्षा के लिए काम करे। महिलाओं को रोजगार से जोड़े, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और नारी सशक्तीकरण का सपना साकार हो। महिलाओं की शिक्षा पर खास ध्यान देना चाहिए, क्योंकि पढ़ी लिखी महिलाओं से ही सभ्य समाज का निर्माण हो सकता है। महिला सुरक्षा के लिए ठोस कानून बनाए जाने चाहिए साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सरकार को प्रयास करने चाहिए। - अर्चना वर्मा, शिक्षिका, धौरहरा
छात्राओं के लिए स्थानीय स्तर पर हो उच्च शिक्षा का इंतजाम
प्रत्येक सरकार में मोहम्मदी नगर क्षेत्र की जनता को निराशा ही हाथ लगी है। नगर का स्टेडियम अभी नहीं पूरा नहीं हो पाया, जिससे खेल प्रतिभाओं को निखरने का मौका नहीं मिल पा रहा है। उच्च शिक्षा संस्थान नहीं है, युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए घर से दूर बड़े शहरों में जाना पड़ता है। खासकर छात्राएं असुरक्षित माहौल के कारण बाहर पढ़ने के लिए नहीं जा पाती। अभिभावक लड़कियों को बाहर भेजने से कतराते हैं। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। अब जागरूक वोटर घोषणापत्र पर नहीं पिछली सरकार के कामकाज को देखकर अपने मुद्दों पर वोट करेगा। - सविता सिंह, बिचपुरी मोहम्मदी
छात्राओं के लिए रोजगारोन्मुखी शिक्षा का व्यवस्था की जाए
शासन गरीब छात्र-छात्राओं की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ब्लॉक स्तर पर निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था करें। महिला सशक्तीकरण के तहत बालिकाओं को सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। बालिकाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा दी जाए। शिक्षा, सुरक्षा सड़क और सार्वजनिक वितरण व्यवस्था मजबूत की जाए। छात्राओं के लिए रोजगारोन्मुखी शिक्षा का इंतजाम हो। गांव-गांव में ऐसे कुटीर उद्योग खोले जाएं, जिनमें महिलाओं को रोजगार मिल सके और वह आत्मनिर्भर बन सकें। इसके साथ ही महिला सुरक्षा का भी ठोस प्रबंध हो। - शबी बानो, छात्रा, पसगवां
महंगाई पर लगाम लगे, महिला शिक्षा पर विशेष ध्यान हो
हम सभी को ऐसे नेता का चुनाव करना चाहिए जो धर्म और जाति के भेदभाव से अलग हटकर देश के विकास के लिए कार्य करे। महंगाई का आलम यह है कि गृहणियों को घर चलाना तक मुश्किल हो रहा है। महंगाई पर हर हाल में नियंत्रण होना चाहिए। महंगाई का सीधा असर महिलाओं पर पड़ता है। जिले मेें महिला शिक्षा की स्थिति बेहद खराब है। छात्राओं के लिए अलग से उच्च शिक्षण संस्थाएं खोली जानी चाहिए, ताकि उन्हें अपने बल पर आगे बढ़ने का मौका मिल सके। महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के ठोस प्रयास किए जाएं। महंगाई पर अंकुश लगे। - शीतल श्रीवास्तव, मोहम्मदी
महिलाओं को मिले तकनीकी शिक्षा, ताकि वह बनें स्वावलंबी
समाज में महिलाओं की आधी आबादी है, लेकिन आज भी राजनीति में महिलाएं उपेक्षित हैं। यही कारण है कि महिलाओं के मुद्दों पर सिर्फ चुनाव के समय ही बात होती है। चुनाव के बाद इन मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं देता है। शिक्षा के मामले में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अब भी काफी पिछड़ी हैं। आने वाली सरकार को सबसे ज्यादा महिला शिक्षा पर ध्यान देने की जरूरत होगी। छात्राओं को स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा की सुविधा मिले। उन्हें तकनीकी शिक्षा दी जाए, ताकि आगे चलकर वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और देश के विकास में योगदान दे सकें। - सीमा वाजपेयी, कस्ता
गोला को मिले धार्मिक पर्यटन नगरी का दर्जा
वैसे तो मौजूदा सरकार ने ठीक ठाक किए है, जिसमें महिला सुरक्षा प्रमुख है। यदि स्थानीय स्तर पर देखा जाए तो नगर और क्षेत्र स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा के मामले में काफी पीछे है। गोला नगर में एक अच्छे अस्पताल की बेहद जरूरत है, जिससे लोगों को इलाज के लिए जिले से बाहर न जाना पड़े। गोला में पर्यटन स्थल पर विकास की काफी संभावनाएं हैं, गोला को धार्मिक पर्यटन का दर्जा दिलाने के लिए वादे तो हुए, लेकिन काम नहीं। खेल प्रतिभाओं एवं शिक्षित युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए सार्थक प्रयास किए जाने की जरूरत है। महंगाई पर नियंत्रण जरूरी है। - कुमुद मेहता, गोला
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आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए निजी अस्पतालों में इलाज कराना काफी दुष्कर है। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए। अमर उजाला ने जब जिले की आठों विधानसभा क्षेत्रों में महिलाओं से संवाद किया तो वह नेताओं के प्रति उनके मुद्दों पर गंभीर न होने को लेकर नाराजगी दिखीं। महिलाएं खुलकर मुद्दों पर बोलीं।
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विधायकों के कार्यों की हो वार्षिक समीक्षा, मिले रोजगार की गारंटी
नेताओं की जवाबदेही पांच साल बाद क्यों, वार्षिकी के आधार पर तय होनी चाहिये, जिससे जनता को भी पता लग सके कि जिनका उन्होंने चुनाव किया है। वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि इंसान कहीं से भी मोबाइल एप के जरिये अपना वोट कर सके। इससे फर्जी वोटिंग पर लगाम लगेगी। भविष्य में इसके दुष्परिणाम हमें ही भोगने पड़ते हैं। महिला सुरक्षा समेत, शिक्षा और रोजगार की गारंटी सरकार की गारंटी होती है। नेता मुफ्त का पिटारा न खोलें, शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार की गारंटी दें। क्योंकि, ये जनता है, सब जानती है। - रूपम तिवारी, समाजसेवी, लखीमपुर खीरी
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विधायक ऐसा हो जो सिर्फ वादे न करे, उन्हें पूरा भी करे
चुनाव के समय उम्मीदवार और राजनीतिक दल चुनावी वादों का पिटारा खोल देते हैं, लेकिन चुनाव के बाद चुने गए विधायक इन वादों को भूल जाते हैं। निघासन में पचेपड़ी घाट पुल निर्माण का वादा जनप्रतिनिधि पिछले 50 साल से करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में किसी भी सरकार ने कोई काम नहीं किया है। ऐसी स्थिति में स्थानीय जनता को कितनी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस पर किसी का ध्यान नहीं है। अभी तक ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के कोई प्रयास नहीं हुए हैं। इन बिंदुओं पर ध्यान होना चाहिए। - रुचि वर्मा, निघासन
महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें स्वावलंबी बनाने के हों प्रयास
सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाल होनी चाहिए। क्षेत्र से ऐसा विधायक चुना जाए जो क्षेत्र के विकास पर ध्यान दे। महिलाओं की सुरक्षा के लिए काम करे। महिलाओं को रोजगार से जोड़े, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और नारी सशक्तीकरण का सपना साकार हो। महिलाओं की शिक्षा पर खास ध्यान देना चाहिए, क्योंकि पढ़ी लिखी महिलाओं से ही सभ्य समाज का निर्माण हो सकता है। महिला सुरक्षा के लिए ठोस कानून बनाए जाने चाहिए साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सरकार को प्रयास करने चाहिए। - अर्चना वर्मा, शिक्षिका, धौरहरा
छात्राओं के लिए स्थानीय स्तर पर हो उच्च शिक्षा का इंतजाम
प्रत्येक सरकार में मोहम्मदी नगर क्षेत्र की जनता को निराशा ही हाथ लगी है। नगर का स्टेडियम अभी नहीं पूरा नहीं हो पाया, जिससे खेल प्रतिभाओं को निखरने का मौका नहीं मिल पा रहा है। उच्च शिक्षा संस्थान नहीं है, युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए घर से दूर बड़े शहरों में जाना पड़ता है। खासकर छात्राएं असुरक्षित माहौल के कारण बाहर पढ़ने के लिए नहीं जा पाती। अभिभावक लड़कियों को बाहर भेजने से कतराते हैं। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। अब जागरूक वोटर घोषणापत्र पर नहीं पिछली सरकार के कामकाज को देखकर अपने मुद्दों पर वोट करेगा। - सविता सिंह, बिचपुरी मोहम्मदी
छात्राओं के लिए रोजगारोन्मुखी शिक्षा का व्यवस्था की जाए
शासन गरीब छात्र-छात्राओं की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ब्लॉक स्तर पर निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था करें। महिला सशक्तीकरण के तहत बालिकाओं को सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। बालिकाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा दी जाए। शिक्षा, सुरक्षा सड़क और सार्वजनिक वितरण व्यवस्था मजबूत की जाए। छात्राओं के लिए रोजगारोन्मुखी शिक्षा का इंतजाम हो। गांव-गांव में ऐसे कुटीर उद्योग खोले जाएं, जिनमें महिलाओं को रोजगार मिल सके और वह आत्मनिर्भर बन सकें। इसके साथ ही महिला सुरक्षा का भी ठोस प्रबंध हो। - शबी बानो, छात्रा, पसगवां
महंगाई पर लगाम लगे, महिला शिक्षा पर विशेष ध्यान हो
हम सभी को ऐसे नेता का चुनाव करना चाहिए जो धर्म और जाति के भेदभाव से अलग हटकर देश के विकास के लिए कार्य करे। महंगाई का आलम यह है कि गृहणियों को घर चलाना तक मुश्किल हो रहा है। महंगाई पर हर हाल में नियंत्रण होना चाहिए। महंगाई का सीधा असर महिलाओं पर पड़ता है। जिले मेें महिला शिक्षा की स्थिति बेहद खराब है। छात्राओं के लिए अलग से उच्च शिक्षण संस्थाएं खोली जानी चाहिए, ताकि उन्हें अपने बल पर आगे बढ़ने का मौका मिल सके। महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के ठोस प्रयास किए जाएं। महंगाई पर अंकुश लगे। - शीतल श्रीवास्तव, मोहम्मदी
महिलाओं को मिले तकनीकी शिक्षा, ताकि वह बनें स्वावलंबी
समाज में महिलाओं की आधी आबादी है, लेकिन आज भी राजनीति में महिलाएं उपेक्षित हैं। यही कारण है कि महिलाओं के मुद्दों पर सिर्फ चुनाव के समय ही बात होती है। चुनाव के बाद इन मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं देता है। शिक्षा के मामले में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अब भी काफी पिछड़ी हैं। आने वाली सरकार को सबसे ज्यादा महिला शिक्षा पर ध्यान देने की जरूरत होगी। छात्राओं को स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा की सुविधा मिले। उन्हें तकनीकी शिक्षा दी जाए, ताकि आगे चलकर वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और देश के विकास में योगदान दे सकें। - सीमा वाजपेयी, कस्ता
गोला को मिले धार्मिक पर्यटन नगरी का दर्जा
वैसे तो मौजूदा सरकार ने ठीक ठाक किए है, जिसमें महिला सुरक्षा प्रमुख है। यदि स्थानीय स्तर पर देखा जाए तो नगर और क्षेत्र स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा के मामले में काफी पीछे है। गोला नगर में एक अच्छे अस्पताल की बेहद जरूरत है, जिससे लोगों को इलाज के लिए जिले से बाहर न जाना पड़े। गोला में पर्यटन स्थल पर विकास की काफी संभावनाएं हैं, गोला को धार्मिक पर्यटन का दर्जा दिलाने के लिए वादे तो हुए, लेकिन काम नहीं। खेल प्रतिभाओं एवं शिक्षित युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए सार्थक प्रयास किए जाने की जरूरत है। महंगाई पर नियंत्रण जरूरी है। - कुमुद मेहता, गोला

शबी बानो- फोटो : LAKHIMPUR

सविता सिंह- फोटो : LAKHIMPUR

अर्चना वर्मा- फोटो : LAKHIMPUR

रूचि वर्मा- फोटो : LAKHIMPUR

कुमुद मेहता- फोटो : LAKHIMPUR

सीमा बाजपेई- फोटो : LAKHIMPUR

शीतल श्रीवास्तव- फोटो : LAKHIMPUR