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महिला बंदियों ने सीखा योग करना
लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 13 Mar 2015 06:24 PM IST
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जिला कारागार में महिला बंदियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सुधार के लिए महिला पतंजलि योग समिति के सौजन्य से चल रहे योग विज्ञान शिविर का समापन हो गया। योग शिविर में जिला महिला प्रभारी प्रभारी कुसुम गुप्ता के नेतृत्व में योग प्रशिक्षिकाओं ने महिला बंदियों को योग और प्राणायाम का उपयोग बताते हुए योगाभ्यास कराया।
योग प्रशिक्षकाओं में कुसुम गुप्ता, मुन्नी शर्मा, कुमुद सक्सेना, संगीता महाजन और कनक वर्मा ने बंदी महिलाओं को भस्त्रिका, कपालभाति, बाह्य प्राणायाम, अग्निसार क्रिया, उज्जाई प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, उद्गीथ और प्रणव प्राणायामों से अभ्यास कराया। यौगिक जॉगिंग, सूर्य नमस्कार, मण्डूकासन, शशकासन, गोमुखासन, अर्द्ध मत्स्येंद्रासन, मकरासन, भुंजगासन, शतभासन, मर्कटासन, पवनमुक्त आसन अर्ध हलासन, पाद वृंतासन, द्विचक्रियासन और शवासन के अभ्यास भी कराए गए।
आहार विहार, दिनचर्या आदि को नियंत्रित और नियमित करते हुए योग करने से सभी प्रकार के रोग दूर हो जाते हैं, इस तथ्य का अनुभव महिला बंदियों ने खुद किया। उन्हें शरीर और सिरदर्द में आराम मिला, उदर रोग, दस्त आदि ठीक हुए। कुछ को एलर्जी से आराम मिली।
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समापन के मौके पर जेल अधिकारियों ने योग प्रशिक्षिकाओं को धन्यवाद देते हुए भविष्य में भी महिला बंदियों को योग सिखाने के लिए आमंत्रित किया। इस शिविर में महिला बैरिक की वार्डन रामा सिंह और सुमन शुक्ला का विशेष सहयोग रहा।
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योग प्रशिक्षकाओं में कुसुम गुप्ता, मुन्नी शर्मा, कुमुद सक्सेना, संगीता महाजन और कनक वर्मा ने बंदी महिलाओं को भस्त्रिका, कपालभाति, बाह्य प्राणायाम, अग्निसार क्रिया, उज्जाई प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, उद्गीथ और प्रणव प्राणायामों से अभ्यास कराया। यौगिक जॉगिंग, सूर्य नमस्कार, मण्डूकासन, शशकासन, गोमुखासन, अर्द्ध मत्स्येंद्रासन, मकरासन, भुंजगासन, शतभासन, मर्कटासन, पवनमुक्त आसन अर्ध हलासन, पाद वृंतासन, द्विचक्रियासन और शवासन के अभ्यास भी कराए गए।
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आहार विहार, दिनचर्या आदि को नियंत्रित और नियमित करते हुए योग करने से सभी प्रकार के रोग दूर हो जाते हैं, इस तथ्य का अनुभव महिला बंदियों ने खुद किया। उन्हें शरीर और सिरदर्द में आराम मिला, उदर रोग, दस्त आदि ठीक हुए। कुछ को एलर्जी से आराम मिली।
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समापन के मौके पर जेल अधिकारियों ने योग प्रशिक्षिकाओं को धन्यवाद देते हुए भविष्य में भी महिला बंदियों को योग सिखाने के लिए आमंत्रित किया। इस शिविर में महिला बैरिक की वार्डन रामा सिंह और सुमन शुक्ला का विशेष सहयोग रहा।