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मानव-बाघ संघर्ष से कोरोना संक्रमण का बड़ा खतरा
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। खीरी जिले में मानव- वन्यजीव घटनाओं की बाहुल्यता के कारण यहां बाघों और तेंदुओ में कोरोना संक्रमण की आशंका अधिक है। इसको ध्यान में रखते हुए डीटीआर प्रशासन विशेष एहतियात बरत रहा है। बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की जारी गाइड लाइन का पालने करते हुए टाइगर रिजर्व में कई जरूरी कदम उठाए गए हैं।
उप्र के तराई क्षेत्र में मानव-बाघ संघर्ष की घटनाएं देश के अन्य जगहों की अपेक्षा ज्यादा हो रही हैं। इससे बाघों/तेंदुओ को कोरोना संक्रमण के खतरों से बचाने के लिए वन विभाग विशेष सावधानी बरत रहा है। जंगल के रास्तों पर इंसानी आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित करने के साथ-साथ बाघ और तेंदुए आबादी की ओर न बढ़ने पाएं इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के दुधवा, बफरजोन और कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) जंगलों में बाघों /तेंदुओ के अलावा अन्य वन्यजीवों की निगरानी के लिए लगाए गए फील्ड स्टाफ पूरी तरह सैनिटाइज करने के बाद मास्क, दस्ताने आदि पहन कर ही जंगल में गश्त के लिए भेजा जा रहा है। यह फील्ड स्टाफ बाघ बाहुल्य क्षेत्र में चहलकदमी करने वाले बाघों की गतिविधियों की लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
पौधरोपण में लगे श्रमिकों को किया जा रहा सैनिटाइज
मौजूदा समय में डीटीआर बफरजोन जंगल में पौधरोपण के लिए नर्सरी तैयार करने का काम चल रहा है। इसकी 32 नर्सरियों में बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूर काम कर रहे हैं, उन्हें भी सैनिटाइज करने के बाद ही मास्क पहनकर काम करना अनिवार्य कर दिया गया है। डीटीआर बफरजोन के डीडी डॉ अनिल कुमार पटेल ने बताया कि इन नर्सरियों में सामाजिक दूरी का भी पूरी तरह पालन किया जा रहा है।
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कटने के 24 घंटे बाद ही दुधवा के पालतू हाथियों को दिया जाएगा चारा
माना जाता है कि कोविड-19 का वायरस लगभग 14 घंटे का होता है। इसलिए जंगल से काटकर लाए गए चारे को 24 घंटे बाद ही पालतू हाथियों को परोसा जाएगा। ताकि यह चारा किसी कारण से संक्रमित हो तो वह दुधवा के पालतू हाथियों में न पहुंचे।
जंगल में ग्रामीणों के प्रवेश पर लगी रोक
बेलरायां दुधवा टाइगर रिजर्व बेलरायां के वन क्षेत्राधिकारी चंद्रभाल ने बताया कि अमेरिका में एक बाघिन को कोरोना संक्रमित होने से राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने दुधवा नेशनल पार्क जंगल में वन्यजीवों को कोरोना से बचाव करने के आदेश किए हैं। पार्क के वन्य जीवों को कोरोना से बचाने के लिए टास्क फोर्स की टीमें गठित की गई हैं। कैमरों से निगरानी की जा रही है। जंगल में बाघ, तेंदुआ की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी। पेट्रोलिंग तेजी से कराई जा रही है। पार्क जंगल में प्रवेश करने पर ग्रामीणों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
डीटीआर में वन्यजीवों खासकर बाघ /तेंदुओ को कोविड-19 से बचाने के लिए एनटीसीए से जारी गाइड लाइन के अनुसार सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों से लेकर फील्ड स्टाफ, महावतों,चारा कटर्स, केयर टेकर्स और वॉचरों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित करने के प्रयास हो रहे हैं।
- संजय पाठक एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व
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उप्र के तराई क्षेत्र में मानव-बाघ संघर्ष की घटनाएं देश के अन्य जगहों की अपेक्षा ज्यादा हो रही हैं। इससे बाघों/तेंदुओ को कोरोना संक्रमण के खतरों से बचाने के लिए वन विभाग विशेष सावधानी बरत रहा है। जंगल के रास्तों पर इंसानी आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित करने के साथ-साथ बाघ और तेंदुए आबादी की ओर न बढ़ने पाएं इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के दुधवा, बफरजोन और कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) जंगलों में बाघों /तेंदुओ के अलावा अन्य वन्यजीवों की निगरानी के लिए लगाए गए फील्ड स्टाफ पूरी तरह सैनिटाइज करने के बाद मास्क, दस्ताने आदि पहन कर ही जंगल में गश्त के लिए भेजा जा रहा है। यह फील्ड स्टाफ बाघ बाहुल्य क्षेत्र में चहलकदमी करने वाले बाघों की गतिविधियों की लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
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पौधरोपण में लगे श्रमिकों को किया जा रहा सैनिटाइज
मौजूदा समय में डीटीआर बफरजोन जंगल में पौधरोपण के लिए नर्सरी तैयार करने का काम चल रहा है। इसकी 32 नर्सरियों में बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूर काम कर रहे हैं, उन्हें भी सैनिटाइज करने के बाद ही मास्क पहनकर काम करना अनिवार्य कर दिया गया है। डीटीआर बफरजोन के डीडी डॉ अनिल कुमार पटेल ने बताया कि इन नर्सरियों में सामाजिक दूरी का भी पूरी तरह पालन किया जा रहा है।
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कटने के 24 घंटे बाद ही दुधवा के पालतू हाथियों को दिया जाएगा चारा
माना जाता है कि कोविड-19 का वायरस लगभग 14 घंटे का होता है। इसलिए जंगल से काटकर लाए गए चारे को 24 घंटे बाद ही पालतू हाथियों को परोसा जाएगा। ताकि यह चारा किसी कारण से संक्रमित हो तो वह दुधवा के पालतू हाथियों में न पहुंचे।
जंगल में ग्रामीणों के प्रवेश पर लगी रोक
बेलरायां दुधवा टाइगर रिजर्व बेलरायां के वन क्षेत्राधिकारी चंद्रभाल ने बताया कि अमेरिका में एक बाघिन को कोरोना संक्रमित होने से राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने दुधवा नेशनल पार्क जंगल में वन्यजीवों को कोरोना से बचाव करने के आदेश किए हैं। पार्क के वन्य जीवों को कोरोना से बचाने के लिए टास्क फोर्स की टीमें गठित की गई हैं। कैमरों से निगरानी की जा रही है। जंगल में बाघ, तेंदुआ की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी। पेट्रोलिंग तेजी से कराई जा रही है। पार्क जंगल में प्रवेश करने पर ग्रामीणों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
डीटीआर में वन्यजीवों खासकर बाघ /तेंदुओ को कोविड-19 से बचाने के लिए एनटीसीए से जारी गाइड लाइन के अनुसार सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों से लेकर फील्ड स्टाफ, महावतों,चारा कटर्स, केयर टेकर्स और वॉचरों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित करने के प्रयास हो रहे हैं।
- संजय पाठक एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व