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घाघरा नदी के किनारे जंगली हाथियों ने बनाया ठिकाना
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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व के कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) से निकले जंगली हाथियों के झुंड ने धौरहरा रेंज में घाघरा नदी किनारे स्थित सेमना जंगल में डेरा डाल रखा है। मंगलवार हाथियों का यह झुंड दिन भर जंगल में मौजूद रहा और कहीं मूवमेंट नहीं किया। इससे वन विभाग ने राहत की सांस ली है।
कतर्निया घाट जंगल से निकलकर डीटीआर बफरजोन की धौरहरा रेंज के देवमनिया बीट में आए हाथियों के झुंड ने दो दिन तक कई गांव के आसपास खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया था। इसके बाद ये सभी जंगली हाथी घाघरा नदी के पास सेमना जंगल में पहुंच गए और मंगलवार सुबह से वहीं डेरा जमाए हुए हैं। हाथियों की निगरानी में लगी वन विभाग की टीमों का यह अनुमान था कि शाम ढलने के बाद हाथियों का मूवमेंट हो सकता है, लेकिन हाथी जंगल से बाहर नहीं निकले।
उधर डीटीआर बफरजोन के डीडी डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है। रेंजर अनिल शाह के निर्देशन में वन कर्मियों की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर बराबर नजर रखे हुए हैं। डीडी ने उम्मीद जताई है कि यह हाथी जल्दी ही जिस रास्ते से आए हैं उसी रास्ते से वापस लौट जाएंगे।
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कतर्निया घाट जंगल से निकलकर डीटीआर बफरजोन की धौरहरा रेंज के देवमनिया बीट में आए हाथियों के झुंड ने दो दिन तक कई गांव के आसपास खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया था। इसके बाद ये सभी जंगली हाथी घाघरा नदी के पास सेमना जंगल में पहुंच गए और मंगलवार सुबह से वहीं डेरा जमाए हुए हैं। हाथियों की निगरानी में लगी वन विभाग की टीमों का यह अनुमान था कि शाम ढलने के बाद हाथियों का मूवमेंट हो सकता है, लेकिन हाथी जंगल से बाहर नहीं निकले।
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उधर डीटीआर बफरजोन के डीडी डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है। रेंजर अनिल शाह के निर्देशन में वन कर्मियों की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर बराबर नजर रखे हुए हैं। डीडी ने उम्मीद जताई है कि यह हाथी जल्दी ही जिस रास्ते से आए हैं उसी रास्ते से वापस लौट जाएंगे।
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