बाघ के हमले में मौत के बाद परिजनों ने शव रखकर लगाया जाम
सार
करीब चार घंटे बाद अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन माने, तब जाकर हाईवे खुला और आवागमन बहाल हो सका।मंगलवार सुबह जमुना फार्म में रात्रि चौकीदार के रूप में काम करने वाले हैदराबाद थाना क्षेत्र के नारायनपुर निवासी 32 वर्षीय यदुनाथ की बाघ के हमले में मौत हो गई थी। सूचना पर सीओ राजेश कुमार, गोला तहसीलदार विनोद कुमार गुप्ता पहुंचे और परिजनों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी।इसके बाद लखीमपुर सदर एसडीएम श्रद्धा सिंह, एएसपी अरुण कुमार सिंह, गोला एसडीएम अनुराग सिंह, सदर तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंचे। इस मौके पर पूर्व विधायक रामसरन, जिला पंचायत सदस्य महेश कनौजिया आदि मौजूद रहे।इन आश्वासनों पर बनी बातवन्य जीव-मानव संघर्ष आपदा योजना के तहत पांच लाख रुपये, पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30 हजार रुपये एकमुश्त, विधवा पेंशन, आवास, अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 10 हजार रुपये, परिवार के एक सदस्य को पौधरोपण की सुरक्षा संविदा वाचर की नौकरी।‘वन्यजीव-मानव सुरक्षा आपदा योजना के तहत अनुमन्य दिलाने के लिए कल ही प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
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