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Lakhimpur Kheri News: पालतू हाथी विनायक क्यों हुआ हिंसक... कारणों की पड़ताल शुरू
Thu, 30 Apr 2026 11:06 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 30 Apr 2026 11:06 PM IST
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दुधवा बेसकैप में राजकीय हाथी। स्रोत : वन विभाग।
लखीमपुर खीरी/बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) के सलूकापुर में पालतू नर हाथी विनायक द्वारा चारा कटर की जान लेने की घटना के बाद अब उसके व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों और वन विभाग ने इस घटना के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नर हाथी सामान्यतः मदमस्त (मस्ट) होने की स्थिति में ही हिंसक होते हैं, लेकिन इस मामले में जांच में सामने आया है कि घटना के समय विनायक मदमस्त नहीं था। ऐसे में उसके अचानक हिंसक होने के अन्य कारणों पर विचार किया जा रहा है।
डीटीआर के पूर्व एफडी और हाथी विशेषज्ञ रमेश कुमार पांडेय के अनुसार, दुर्व्यवहार, भेदभाव, चिढ़ाने या अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने जैसी स्थितियां भी हाथियों को आक्रामक बना सकती हैं। आशंका जताई जा रही है कि इसी तरह की किसी वजह से विनायक ने हमला किया होगा।
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घटना के बाद डीटीआर प्रशासन ने सभी राजकीय नर हाथियों की वैज्ञानिक ढंग से निगरानी करने का निर्णय लिया है। इसके तहत हाथियों की प्रोफाइल तैयार की जाएगी और हर तीन महीने पर उनके रक्त की जांच आईवीआरआई, बरेली में कराई जाएगी, ताकि उनके व्यवहार में बदलाव और मस्ट की स्थिति का पूर्व आकलन किया जा सके।
साथ ही हाथियों के स्वभाव और गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी और किसी भी बदलाव को रिकॉर्ड किया जाएगा। फिलहाल हाथी विनायक को एकांतवास में रखा गया है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि नर हाथी सामान्यतः मदमस्त (मस्ट) होने की स्थिति में ही हिंसक होते हैं, लेकिन इस मामले में जांच में सामने आया है कि घटना के समय विनायक मदमस्त नहीं था। ऐसे में उसके अचानक हिंसक होने के अन्य कारणों पर विचार किया जा रहा है।
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डीटीआर के पूर्व एफडी और हाथी विशेषज्ञ रमेश कुमार पांडेय के अनुसार, दुर्व्यवहार, भेदभाव, चिढ़ाने या अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने जैसी स्थितियां भी हाथियों को आक्रामक बना सकती हैं। आशंका जताई जा रही है कि इसी तरह की किसी वजह से विनायक ने हमला किया होगा।
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घटना के बाद डीटीआर प्रशासन ने सभी राजकीय नर हाथियों की वैज्ञानिक ढंग से निगरानी करने का निर्णय लिया है। इसके तहत हाथियों की प्रोफाइल तैयार की जाएगी और हर तीन महीने पर उनके रक्त की जांच आईवीआरआई, बरेली में कराई जाएगी, ताकि उनके व्यवहार में बदलाव और मस्ट की स्थिति का पूर्व आकलन किया जा सके।
साथ ही हाथियों के स्वभाव और गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी और किसी भी बदलाव को रिकॉर्ड किया जाएगा। फिलहाल हाथी विनायक को एकांतवास में रखा गया है।