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‘भवसागर से पार करती हैं गोमाता’
अमर उजाला ब्यूरो गोला गोकर्णनाथ।
Updated Sun, 06 Nov 2016 10:48 PM IST
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गाोमाता
- फोटो : अमर उजााला
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गोपाष्टमी महोत्सव के पांचवें दिन माला, अंगवस्त्र भेंटकर संतों को किया सम्मानित
श्री धर्मादा समिति गोशाला द्वारा कराए जा रहे गोपाष्टमी महोत्सव के पांचवें दिन संत सम्मेलन हुआ, जिसमें दूर दराज से आए धर्माचार्यों ने गोमाता की महिमा का बखान किया है। गोशाला समिति के लोगों ने धर्माचार्यों को पुष्प माला और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
श्री धर्मादा समिति और पशु सेवा उपसमिति के द्वारा गौशाला प्रांगण में कंजा देवस्थान के संत विश्वात्मानंद जी महाराज की अध्यक्षता में हुए संत सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि मनोज शुक्ल एडवोकेट के साथ धर्माचार्यों ने गोमाता के चित्र पर पूजन अर्चन कर किया। सम्मेलन में धर्माचार्यों ने विश्व कल्याण में गोमाता की उत्पत्ति, सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति में गाय के महत्व और उपयोगिता का बखान कर गोमाता की महिमा को बताया। सम्मेलन अध्यक्ष विश्वात्मानंद महाराज ने कहा कि विश्व कल्याण की भावना के साथ गोमाता की उत्पत्ति हुई है। गाय के प्रत्येक अंग में देवी देवताओं का वास है। शिव मंदिर के पुजारी दिनेश मिश्र ने कहा कि गोसेवा करने वाला मानव सद्गति को प्राप्त होता है। विशिष्ट अतिथि संघ के जिला कार्यवाह राजेश मिश्र ने गोपाष्टमी को हिंदू समाज को गोमाता के प्रति जाग्रत करने का माध्यम बताया। धर्माचार्यों ने गोरक्षा, गो संवर्धन, पॉलीथीन का प्रयोग न करने पर जोर दिया। श्री धर्मादा समिति और पशु सेवा उपसमिति के लोगों ने संतों, धर्माचार्यों को पुष्पमाला पहनाई और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। आयोजक विजय शुक्ल रिंकू ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। संचालन मनोज श्रीवास्तव एडवोकेट ने किया। इस मौके पर आनंदप्रकाश शुक्ल, श्रवण माहेश्वरी, अनुराग गुप्त, राजेश शुक्ल, मनोज सक्सेना, संजय पाठक, ललित शर्मा, श्याम राजपूत, मनोज बाथम, सीपी श्रीवास्तव, धीरज बाजपेयी, अंकित मिश्र, स्त्रत्त्हर्षल त्रिपाठी, अमित शर्मा आदि मौजूद रहे।
इनका हुआ सम्मान
संत सम्मेलन में पौराणिक शिव मंदिर के पुजारी दिनेश मिश्र, कंजा देवस्थान के विश्वात्मानंद, केशवानंद तीर्थ, नगर के विभिन्न मंदिरों से पं. प्रमोद पांडे, दिनेश बाजपेयी, जयशंकर बाजपेयी, श्याम किशोर मिश्र, रामशंकर, ब्रजभूषण, शिव महेश, बघौड़ा से महेंद्र प्रसाद, रसूलपनाह से सागरनाथ, अलीगंज से मंजूनाथ, रविकुमार मिश्र आदि को सम्मानित किया गया।
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गोपाष्टमी महोत्सव में आज
गोला गोकर्णनाथ। आयोजक विजय शुक्ल रिंकू ने बताया कि सात नवंबर को सुबह नौ बजे से गो सेवकों द्वारा गो स्नान कार्यक्रम कराया जाएगा।
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श्री धर्मादा समिति गोशाला द्वारा कराए जा रहे गोपाष्टमी महोत्सव के पांचवें दिन संत सम्मेलन हुआ, जिसमें दूर दराज से आए धर्माचार्यों ने गोमाता की महिमा का बखान किया है। गोशाला समिति के लोगों ने धर्माचार्यों को पुष्प माला और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
श्री धर्मादा समिति और पशु सेवा उपसमिति के द्वारा गौशाला प्रांगण में कंजा देवस्थान के संत विश्वात्मानंद जी महाराज की अध्यक्षता में हुए संत सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि मनोज शुक्ल एडवोकेट के साथ धर्माचार्यों ने गोमाता के चित्र पर पूजन अर्चन कर किया। सम्मेलन में धर्माचार्यों ने विश्व कल्याण में गोमाता की उत्पत्ति, सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति में गाय के महत्व और उपयोगिता का बखान कर गोमाता की महिमा को बताया। सम्मेलन अध्यक्ष विश्वात्मानंद महाराज ने कहा कि विश्व कल्याण की भावना के साथ गोमाता की उत्पत्ति हुई है। गाय के प्रत्येक अंग में देवी देवताओं का वास है। शिव मंदिर के पुजारी दिनेश मिश्र ने कहा कि गोसेवा करने वाला मानव सद्गति को प्राप्त होता है। विशिष्ट अतिथि संघ के जिला कार्यवाह राजेश मिश्र ने गोपाष्टमी को हिंदू समाज को गोमाता के प्रति जाग्रत करने का माध्यम बताया। धर्माचार्यों ने गोरक्षा, गो संवर्धन, पॉलीथीन का प्रयोग न करने पर जोर दिया। श्री धर्मादा समिति और पशु सेवा उपसमिति के लोगों ने संतों, धर्माचार्यों को पुष्पमाला पहनाई और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। आयोजक विजय शुक्ल रिंकू ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। संचालन मनोज श्रीवास्तव एडवोकेट ने किया। इस मौके पर आनंदप्रकाश शुक्ल, श्रवण माहेश्वरी, अनुराग गुप्त, राजेश शुक्ल, मनोज सक्सेना, संजय पाठक, ललित शर्मा, श्याम राजपूत, मनोज बाथम, सीपी श्रीवास्तव, धीरज बाजपेयी, अंकित मिश्र, स्त्रत्त्हर्षल त्रिपाठी, अमित शर्मा आदि मौजूद रहे।
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इनका हुआ सम्मान
संत सम्मेलन में पौराणिक शिव मंदिर के पुजारी दिनेश मिश्र, कंजा देवस्थान के विश्वात्मानंद, केशवानंद तीर्थ, नगर के विभिन्न मंदिरों से पं. प्रमोद पांडे, दिनेश बाजपेयी, जयशंकर बाजपेयी, श्याम किशोर मिश्र, रामशंकर, ब्रजभूषण, शिव महेश, बघौड़ा से महेंद्र प्रसाद, रसूलपनाह से सागरनाथ, अलीगंज से मंजूनाथ, रविकुमार मिश्र आदि को सम्मानित किया गया।
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गोपाष्टमी महोत्सव में आज
गोला गोकर्णनाथ। आयोजक विजय शुक्ल रिंकू ने बताया कि सात नवंबर को सुबह नौ बजे से गो सेवकों द्वारा गो स्नान कार्यक्रम कराया जाएगा।