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वन विभाग कहां, वर्ष 1940 में था गांव
अमर उजाला ब्यूरो/ लख्ाीमपुरख्ाीरी
Updated Fri, 05 May 2017 12:42 AM IST
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1960 में कटान के बाद फिर से बसे थे ग्रामीण, तब से करते हैं जमीन पर खेती
बुधवार को वन विभाग की टीम ने परसपुर रेंज के मदनपुर पतेड़ा गांव में वन भूमि पर कब्जा करने वाले ग्रामीणों को हटाने की कार्रवाई की थी। जिसमें ग्रामीणों ने टीम को खदेड़ दिया था। वन विभाग जिस भूमि को अपनी बताकर कब्जेदारों को हटाने की प्रक्रिया कर रहा है उस जमीन को ग्रामीण अपनी बता रहे हैं। बाजपुर, परसपुर, गदनियां, मदनपुर पतेड़ा के कई बुजुर्ग ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1940 में यहां पर गांव था जिसको वर्ष 1952 में शारदा नदी ने काटकर उजाड़ कर दिया। लगभग आठ साल बाद वर्ष 1960 में फिर से ग्रामीणों ने यहां पर अपना डेरा जमाया तथा 1964 तक यहां पर पूरा बाजपुर गांव बस गया था। बुजुर्ग ग्रामीणों से वार्ता करने पर उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और शुरूआत से ही वन विभाग की जमीन यहां पर होने की बात से इंकार किया।
गांव के 80 वर्षीय अमरीक सिंह पुत्र सुलखन सिंह ने बताया कि वह पाकिस्तान से आकर यहां बसे थे उनको यहां करीब 70 साल हो गए हैं इस बीच कभी भी यह जमीन वन विभाग की नहीं रही। बाजपुर निवासी 86 वर्षीय तरसेम सिंह ने बताया कि 1940 में यहाँ गांव था, 1952 में शारदा ने कटान करके गांव को उजाड़ दिया इसके तीन साल बाद शारदा ने इस जगह को छोड़ दिया था। ग्रामीणों ने 1960 से हिम्मत करके फिर से यहां रहना शुरू किया तथा 1964 तक बाजपुर पूरी तरह बस चुका था। उन्होंने बताया कि तब तक यहां के बाशिंदों को खतौनी मिलती रही थी उसके बाद कब जंगल में चली गई लोगों को पता ही नहीं चला। यहां के बाशिंदे पढ़े लिखे नहीं थे तो कोई अधिक जानकारी नहीं है। बाजपुर निवासी 103 वर्षीय प्रीतम सिंह ने बताया कि वह जब 40 साल के थे तब से यहीं रहकर खेती करते हैं तथा अपने परिवार का भरण पोषण करते थे लेकिन इतने सालों के बाद आज यह जमीन वन विभाग की कैसे हो गई यह बात उनको भी नहीं मालूम है। 70 वर्षीय बाजपुर निवासी निरंजन सिंह ने 1990-91 की खतौनी भी दिखाई जिसमें यहां की भूमि उनके नाम दर्ज दिखाई गई है। बाजपुर निवासियों का कहना है कि उनके पास जो नक्शा 1938 -39 का है उस समय भी यहां पर लोग बसे हुए थे, नक्शे पर अलग-अलग गाटा संख्या, आबादी एवं भूमि दर्ज है उसे 1952 में नदी ने कटान की जद में ले लिया। जिसके बाद 1960 से फिर लोग बसने लगे। लोगों का कहना है कि यह भूमि कैसे और कब वन विभाग की हो गई उनको यह नहीं पता चला।
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26 नामजद सहित चार दर्जन पर दर्ज हुई रिपोर्ट
वन विभाग की तरफ से परसपुर बीट प्रभारी ने बुधवार को वन विभाग की टीम को खदेड़े जाने के मामले में गुलजार सिंह, बलमिंदर सिंह, प्रताप सिंह, मुख्यार सिंह, गुरप्रीत सिंह, कुलवंत सिंह, निर्मल सिंह, रजवंत कौर समेत 26 लोगों को नामजद करते हुए 40 से 50 अज्ञात के खिलाफ शस्त्रों से लैस होकर जान से मारने की नियत से प्रहार, सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ ही विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पलिया रेंजर आरके दीक्षित ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है तथा इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी ने बताया कि जिस जमीन पर ग्रामीण कब्जा करे हैं वह वन विभाग की है तथा उस पर से कब्जा हटवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट दर्ज हो गई है अब उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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