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बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान.. किसानों के हाथ पांव फूले
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लखीमपुर खीरी/ गोला गोकर्णनाथ। बेमौसम बारिश और कुछ स्थानों पर हुई ओलावृष्टि से जहां सर्दी बढ़ गई तो तेज हवा के साथ हुई बारिश से फसलों, आम के बौर को भी काफी नुकसान हुआ है। फसलों को हुए नुकसान को देख किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं हैं। वहीं जगह जगह जलभराव, जर्जर सड़कों पर कीचड़ होने से लोगों को परेशानी से गुजरना पड़ा।
अमीरनगर में शुक्रवार को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश मे सरसों, गेहूं की फसलें गिर गईं हैं। किसानों का कहना है कि इस बारिश से दलहनी, तिलहनी फसलों को नुकसान हुआ है।
भीखमपुर में ओले गिरने से जहां एक ओर ठंड बढ़ी है वहीं दूसरी ओर गांव में जलभराव होने से लोग परेशान हैं। लाही की खड़ी और कटी फसल, मसूर, चना को काफी नुकसान हुआ है।
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अलीगंज तेज हवा के साथ वर्षा से मुख्य चौराहे और सड़कों के किनारे निचले इलाकों में जलभराव हो गया। लखीमपुर मार्ग पर प्राइवेट वाहनों के निकलने से वर्षा का पानी उछलकर दुकानों तक पहुंच गया, राहगीरों के कपड़े भीग गए। उधर ममरी में खेतों में खड़ी गेहूं, लाही की फसल गिरकर चौपट हो गई। आम के पेड़ों में आए बौर को भी नुकसान हुआ है। बारिश से गन्ने की बुआई का काम भी प्रभावित हुआ है।
बिजुआ यहां रोजमर्रा के कामों को छोड़कर किसान फसलों के बचाव में लगे हैं। बेमौसम हुई बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही है। उनके खेतों में तैयार खड़ी गेहूं, सरसों, मसूर, चना, आलू की फसल को जहां नुकसान हुआ है। वहीं गन्ने की बुआई लेट हो गई है।
बांकेगंज आम के पेड़ों में लगे बौर को करीब 40 फीसदी नुकसान पहुंचा है। बागबान जकीउल्ला बरकाती, वीरेंद्र पाल सिंह, मनीष कुुमार आदि का कहना है कि इस बारिश से आम की फसल के उत्पादन में कमी होने की आशंका बढ़ गई है।
पलियाकलां दो दिनों से हो रही बारिश के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गेहूं, लाही की फसलों का जहां नुकसान हुआ है वहीं शहर के कई निचले मोहल्लों में जलभराव हो गया है। शहर के निचले मोहल्लों में भी जलभराव हो गया है। जिसके कारण लोगों को निकलने में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
मझगईं तेज हवाओं के चलने और बूंदाबांदी होने से मौसम ने जहां ठंड का एहसास कराया वहीं गांवों की गलियों में जलभराव हो गया।
संपूर्णानगर चीनी मिल रोड, सिंगाही खुर्द की शिव मंदिर जाने वाली रोड, टीचर्स कॉलोनी का मार्ग कीचड़ से भर गया है। जिससे राहगीरों को निकलने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
मैलानी में शुक्रवार सुबह नौ बजे से बारिश शुरू हुई तो करीब घंटे भर तक होती रही। दोपहर में बारिश थमने के बाद बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हो गया। फिर शाम चार बजे बादलों की तेज गड़गड़ाहट और तेज हवाओं के साथ बारिश फिर से शुरू हो गई, जिससे सर्दी बढ़ गई और कई खेतों में गेहूं की फसल गिर गई।
मोहम्मदी-बरवर। तेज हवा तथा बारिश के साथ ओलो की बौछार ने लाही की फसल को झाड़ कर रख दिया है। उधर गेहूं की फसल भी तेज हवा के कारण कच्ची ही जमीन पर बिछ जाने से बर्बाद हो गई है।
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अमीरनगर में शुक्रवार को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश मे सरसों, गेहूं की फसलें गिर गईं हैं। किसानों का कहना है कि इस बारिश से दलहनी, तिलहनी फसलों को नुकसान हुआ है।
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भीखमपुर में ओले गिरने से जहां एक ओर ठंड बढ़ी है वहीं दूसरी ओर गांव में जलभराव होने से लोग परेशान हैं। लाही की खड़ी और कटी फसल, मसूर, चना को काफी नुकसान हुआ है।
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अलीगंज तेज हवा के साथ वर्षा से मुख्य चौराहे और सड़कों के किनारे निचले इलाकों में जलभराव हो गया। लखीमपुर मार्ग पर प्राइवेट वाहनों के निकलने से वर्षा का पानी उछलकर दुकानों तक पहुंच गया, राहगीरों के कपड़े भीग गए। उधर ममरी में खेतों में खड़ी गेहूं, लाही की फसल गिरकर चौपट हो गई। आम के पेड़ों में आए बौर को भी नुकसान हुआ है। बारिश से गन्ने की बुआई का काम भी प्रभावित हुआ है।
बिजुआ यहां रोजमर्रा के कामों को छोड़कर किसान फसलों के बचाव में लगे हैं। बेमौसम हुई बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही है। उनके खेतों में तैयार खड़ी गेहूं, सरसों, मसूर, चना, आलू की फसल को जहां नुकसान हुआ है। वहीं गन्ने की बुआई लेट हो गई है।
बांकेगंज आम के पेड़ों में लगे बौर को करीब 40 फीसदी नुकसान पहुंचा है। बागबान जकीउल्ला बरकाती, वीरेंद्र पाल सिंह, मनीष कुुमार आदि का कहना है कि इस बारिश से आम की फसल के उत्पादन में कमी होने की आशंका बढ़ गई है।
पलियाकलां दो दिनों से हो रही बारिश के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गेहूं, लाही की फसलों का जहां नुकसान हुआ है वहीं शहर के कई निचले मोहल्लों में जलभराव हो गया है। शहर के निचले मोहल्लों में भी जलभराव हो गया है। जिसके कारण लोगों को निकलने में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
मझगईं तेज हवाओं के चलने और बूंदाबांदी होने से मौसम ने जहां ठंड का एहसास कराया वहीं गांवों की गलियों में जलभराव हो गया।
संपूर्णानगर चीनी मिल रोड, सिंगाही खुर्द की शिव मंदिर जाने वाली रोड, टीचर्स कॉलोनी का मार्ग कीचड़ से भर गया है। जिससे राहगीरों को निकलने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
मैलानी में शुक्रवार सुबह नौ बजे से बारिश शुरू हुई तो करीब घंटे भर तक होती रही। दोपहर में बारिश थमने के बाद बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हो गया। फिर शाम चार बजे बादलों की तेज गड़गड़ाहट और तेज हवाओं के साथ बारिश फिर से शुरू हो गई, जिससे सर्दी बढ़ गई और कई खेतों में गेहूं की फसल गिर गई।
मोहम्मदी-बरवर। तेज हवा तथा बारिश के साथ ओलो की बौछार ने लाही की फसल को झाड़ कर रख दिया है। उधर गेहूं की फसल भी तेज हवा के कारण कच्ची ही जमीन पर बिछ जाने से बर्बाद हो गई है।