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प्री मानसून ने दी दस्तक.. 35 एमएम हुई बारिश से मिली राहत
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लखीमपुर खीरी। भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को रविवार को हुई प्री मानसून की बारिश ने राहत दी, जिसका असर मितौली, भीखमपुर, अमीरनगर आदि गांवों में देखने का मिला। बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं, क्योंकि धान रोपाई के लिए पानी की व्यवस्था करने में हजारों के खर्च से बच गए। वहीं शहर समेत अन्य क्षेत्रों में भी सुबह बादल छाए, लेकिन दोपहर होते ही वह गायब हो गए। दोपहर बाद खिली तेज धूप ने फिर से लोगों को अपनी प्रचंड गर्मी का अहसास कराया, जिससे लोग बिलबिला उठे। हालांकि मौसम वैज्ञानिक आज भी बारिश होने की संभावना जता रहे हैं।
रविवार को सुबह आसमान में अचानक घने बादल छाए, जिससे मितौली, भीखमपुर, अमीरनगर आदि क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई, जिससे किसानों के चेहरे खिल गए हैं। खेतों में पानी भरने से धान की रोपाई शुरू हो गई है। वहीं मितौली में पानी निकासी की व्यवस्था न किए जाने से बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। नालियां चोक होने से मोहल्लों की गलियां जलमग्न हो गईं। लोगों को गंदे पानी से होकर निकलना पड़ा। रविवार को सुबह बादलों के छाने से ठंडी हवाएं चलीं, तो लोगों को गर्मी से कुछ घंटे तक थोड़ी राहत मिली। दोपहर बाद जैसे ही बादल छटे, तो सूरज की तेज किरणों का सामना करना मुश्किल हो गया।
यह प्री मानसून बारिश है। अभी सोमवार को भी बारिश होने के आसार हैं। कई बार अनुमानों के उलट मौसम अपने तेवरों से सबको हैरान कर देता है। - जेपी गुप्ता, निदेशक, मौसम विज्ञान आंचलिक केंद्र लखनऊ
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गोला गोकर्णनाथ। रविवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छा गए। ठंडी हवा के साथ हुई वर्षा से तापमान में गिरावट आई। नगर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। वहीं खेती, किसानी में वर्षा से लाभ पहुंचा है। दोपहर तेज धूप निकलने से फिर उमस बढ़ गई है। लोगों का मानना है कि रात में ओस, सुबह वर्षा और दिन में तेज धूप से बीमारियां फैल सकती हैं।
ममरी। रविवार सुबह हुई वर्षा से किसानों के चेहरे खिल उठे। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत महसूस हुई। वर्षा से गन्ना, ज्वार, बाजरा आदि फसलों को लाभ पहुंचा है। गांव की गलियों में जलभराव होने से कीचड़ हो गया।
अमीरनगर। कई दिनों से उमस भरी गर्मी से बेहाल लोगों को गर्मी से राहत मिली। रविवार सुबह काले बादलों के साथ झमाझम बारिश शुरू हुई बच्चे घरों से निकले बारिश का आनंद लिया। वहीं बारिश से किसानों को सिंचाई का फायदा मिला है। इसके साथ ही धान की रोपाई की तैयारियां शुरू कर दी हैं। किसानों की गन्ने, मक्का, मूंगफली, केला आदि फसलें सूखने लगी थी, जिनके लिए बारिश संजीवनी बन गई। झमाझम बारिश से जलभराव हो जाने से सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई।
कुकरा। रविवार सुबह हुई वर्षा से कसबे के मुख्य चौराहा, चमन चौराहा और निचले इलाकों में जलभराव हो गया। कुकरा, भीरा मार्ग पर टूटी सड़क के गड्ढों में पानी भरने से लोग गिरकर चोटिल हुए।
भीखमपुर। उमस भरी गर्मेी से लोगों को राहत मिली है। रविवार सुबह से काले बादलों के बीच मूसलाधार बारिश हुई। बारिश से गन्ना किसानों की सिंचाई होने से फायदा पहुंचा है। किसानों का कहना है कि इस बारिश से गन्ने की फसल को लाभ हुआ है। अगर दो तीन दिनों तक बरसात नहीं होती तो गन्ने में पंपिंग सेट से पानी लगाना पड़ता।
रोशननगर। क्षेत्र में रविवार को सुबह हुई बरसात से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। भीषण गर्मी से भी राहत मिली, इस बरसात से किसानों को काफी लाभ हुआ, जिससे किसान गन्ने की फसल में खाद डालने लगे। उनकी एक सिंचाई बच गई है।
बाबरपुर के किसान अरुण कुमार वर्मा का कहना है कि इस बरसात से गन्ने की फसल को लाभ हुआ है। वहीं धान की फसल को रोपाई कराने के लिए तैयारी करनी है, अभी खेत में पौध तैयार नहीं है।
रोशननगर के किसान देवराम का कहना है कि बरसात से धान लगाने तैयारी हो रही है। गन्ने की फसल को लाभ हुआ है। लोगों को पड़ रही उमस भरी भीषण गर्मी से राहत मिली है।
खेतों में होने लगा पलेेवा
अमीरनगर। रविवार को हुई झमाझम बारिश के बाद खेतों में भरा पानी देखकर किसानों के चेहरे खिल गए। धान की रोपाई के लिए किसानों ने बारिश के पानी से पलेवा बनाने का काम शुरू कर दिया। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि धान रोपाई की तैयारियां चल रही थीं, झमाझम बारिश हो गई। इससे धान रोपाई का काम भी शुरू हो गया है।
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रविवार को सुबह आसमान में अचानक घने बादल छाए, जिससे मितौली, भीखमपुर, अमीरनगर आदि क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई, जिससे किसानों के चेहरे खिल गए हैं। खेतों में पानी भरने से धान की रोपाई शुरू हो गई है। वहीं मितौली में पानी निकासी की व्यवस्था न किए जाने से बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। नालियां चोक होने से मोहल्लों की गलियां जलमग्न हो गईं। लोगों को गंदे पानी से होकर निकलना पड़ा। रविवार को सुबह बादलों के छाने से ठंडी हवाएं चलीं, तो लोगों को गर्मी से कुछ घंटे तक थोड़ी राहत मिली। दोपहर बाद जैसे ही बादल छटे, तो सूरज की तेज किरणों का सामना करना मुश्किल हो गया।
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यह प्री मानसून बारिश है। अभी सोमवार को भी बारिश होने के आसार हैं। कई बार अनुमानों के उलट मौसम अपने तेवरों से सबको हैरान कर देता है। - जेपी गुप्ता, निदेशक, मौसम विज्ञान आंचलिक केंद्र लखनऊ
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गोला गोकर्णनाथ। रविवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छा गए। ठंडी हवा के साथ हुई वर्षा से तापमान में गिरावट आई। नगर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। वहीं खेती, किसानी में वर्षा से लाभ पहुंचा है। दोपहर तेज धूप निकलने से फिर उमस बढ़ गई है। लोगों का मानना है कि रात में ओस, सुबह वर्षा और दिन में तेज धूप से बीमारियां फैल सकती हैं।
ममरी। रविवार सुबह हुई वर्षा से किसानों के चेहरे खिल उठे। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत महसूस हुई। वर्षा से गन्ना, ज्वार, बाजरा आदि फसलों को लाभ पहुंचा है। गांव की गलियों में जलभराव होने से कीचड़ हो गया।
अमीरनगर। कई दिनों से उमस भरी गर्मी से बेहाल लोगों को गर्मी से राहत मिली। रविवार सुबह काले बादलों के साथ झमाझम बारिश शुरू हुई बच्चे घरों से निकले बारिश का आनंद लिया। वहीं बारिश से किसानों को सिंचाई का फायदा मिला है। इसके साथ ही धान की रोपाई की तैयारियां शुरू कर दी हैं। किसानों की गन्ने, मक्का, मूंगफली, केला आदि फसलें सूखने लगी थी, जिनके लिए बारिश संजीवनी बन गई। झमाझम बारिश से जलभराव हो जाने से सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई।
कुकरा। रविवार सुबह हुई वर्षा से कसबे के मुख्य चौराहा, चमन चौराहा और निचले इलाकों में जलभराव हो गया। कुकरा, भीरा मार्ग पर टूटी सड़क के गड्ढों में पानी भरने से लोग गिरकर चोटिल हुए।
भीखमपुर। उमस भरी गर्मेी से लोगों को राहत मिली है। रविवार सुबह से काले बादलों के बीच मूसलाधार बारिश हुई। बारिश से गन्ना किसानों की सिंचाई होने से फायदा पहुंचा है। किसानों का कहना है कि इस बारिश से गन्ने की फसल को लाभ हुआ है। अगर दो तीन दिनों तक बरसात नहीं होती तो गन्ने में पंपिंग सेट से पानी लगाना पड़ता।
रोशननगर। क्षेत्र में रविवार को सुबह हुई बरसात से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। भीषण गर्मी से भी राहत मिली, इस बरसात से किसानों को काफी लाभ हुआ, जिससे किसान गन्ने की फसल में खाद डालने लगे। उनकी एक सिंचाई बच गई है।
बाबरपुर के किसान अरुण कुमार वर्मा का कहना है कि इस बरसात से गन्ने की फसल को लाभ हुआ है। वहीं धान की फसल को रोपाई कराने के लिए तैयारी करनी है, अभी खेत में पौध तैयार नहीं है।
रोशननगर के किसान देवराम का कहना है कि बरसात से धान लगाने तैयारी हो रही है। गन्ने की फसल को लाभ हुआ है। लोगों को पड़ रही उमस भरी भीषण गर्मी से राहत मिली है।
खेतों में होने लगा पलेेवा
अमीरनगर। रविवार को हुई झमाझम बारिश के बाद खेतों में भरा पानी देखकर किसानों के चेहरे खिल गए। धान की रोपाई के लिए किसानों ने बारिश के पानी से पलेवा बनाने का काम शुरू कर दिया। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि धान रोपाई की तैयारियां चल रही थीं, झमाझम बारिश हो गई। इससे धान रोपाई का काम भी शुरू हो गया है।