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लखीमपुर खीरी में बाढ़: शारदा नदी में फिर आया उफान, पलिया-भीरा पर पानी का बहाव तेज

Wed, 21 Aug 2024 03:27 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी Published by: बरेली ब्यूरो Updated Wed, 21 Aug 2024 03:27 PM IST
सार

शारदा नदी में बनबसा बैराज से पानी छोड़े जाने से लखीमपुर खीरी के पलिया-भीरा मार्ग पर पानी का बहाव तेज हो गया है। बुधवार सुबह नौ बजे बनबसा बैराज से एक लाख 33 हजार क्यूसेक से अधिक पानी की रिलीजिंग बताई गई। इससे पानी बढ़ने की संभावना है। 

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Water released from Banbasa Barrage is flowing more than two feet on Palia-Bhira road
पलिया भीरा मार्ग पर बह रहा पानी - फोटो : संवाद

विस्तार

बनबसा बैराज से शारदा नदी में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे 86 हजार और रात 10 बजे करीब 95 हजार क्यूसेक पानी रिलीज किया गया। इसके बाद शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया। पलिया-भीरा मार्ग पर फिर से पानी बहने लगा। तटवर्ती गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। 

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अतरिया के आगे पड़ने वाली पुलिया से कुछ दूर प्रेमनगर के सामने होते हुए करीब एक किलोमीटर तक सड़क के ऊपर दो फुट से भी अधिक पानी बह रहा है। लोग और वाहन चालक इसी मार्ग से होकर गुजर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से पलिया-भीरा मार्ग के बजाय पलिया-निघासन मार्ग से यात्रा करने की अपील की है। 
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बता दें कि रेलवे लाइन जिस जगह कटी है, वहां पर जब तक लाइन का कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक नदी में पानी बढ़ने के बाद सड़क पर भी पानी बहने का क्रम जारी रहेगा। रेलवे लाइन पर अभी कुछ दूरी का कार्य रेलवे ने कराया है। मंगलवार को भी बनबसा बैराज से दोपहर करीब 12 बजे 75 हजार क्यूसेक से अधिक पानी रिलीज किया गया है, जो देर रात तक यहां से गुजरेगा। 

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शारदा नदी में समा चुकी है सौ हेक्टेयर भूमि
निघासन तहसील क्षेत्र के गांव ग्रंट नं 12 में शारदा नदी बीते एक सप्ताह में किसानों की लगभग सौ हेक्टेयर जमीन लहलहाती फसलों के साथ अपने में समा चुकी है। अब गांव भी शारदा नदी की जद में आ गया है। 

निघासन तहसील क्षेत्र के ग्रंट नंबर 12 में शारदा नदी ने तबाही मचा रखी है। नदी ने बीते एक सप्ताह में शैलेंद्र कुमार, अनुज कुमार, सज्जन कुमार, शेरसिंह, धर्मेश शुक्ला, इंदु कुमार, राहुल कनौजिया, राजू जायसवाल, नरेश सनोज जायसवाल सहित 80 किसानों की करीब 100 हेक्टेयर लहलहाती फसलों सहित जमीन नदी में समा चुकी हैं। नदी तेजी से कटान करती हुई अब गांव के करीब पहुंच चुकी है। 

ग्रामीणों के मुताबिक, नदी अब किसी भी समय आबादी का कटान शुरू कर सकती है। प्रशासन ने अब तक इन गांव में कोई बचाव कार्य शुरू नहीं कराया है। एसडीएम राजीव निगम ने बताया कि सूचना मिली है गांव में राजस्व टीम भेजी है। बचाव कार्य के लिए बाढ़ खंड को अवगत कराया गया है। 

तेजी से कटान कर रही घाघरा 
कुरतैहा-माथुरपुर में करीब साढ़े चार करोड़ की लागत से तैयार बांध परियोजना निगलकर घाघरा नदी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रही है। घाघरा का जबरदस्त कटान देख तराई के गांव देवीपुरवा, लालापुर, सुजानपुर, मोटेबाबा, रामनगर बगहा, तालियाघाट, और गुलरिया आदि के ग्रामीणों में हलचल मच गई है। कुरतैहा और माथुरपुर से घाघरा नदी महज दो सौ मीटर की दूरी पर है। दोनों गांवों की आबादी दो हजार के करीब है। वहीं अधिशाषी अभियंता अजय कुमार ने इस बारे में अनभिज्ञता जाहिर की। 

दंबलटांडा में भी शारदा काट रही बांध परियोजना
दंबलटांडा में बनवाई गई कटाव निरोधक परियोजना को शारदा नदी ने काटना शुरू कर दिया है। परियोजना के कट जाने से कई गांवों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है, अभी तो पानी बढ़ रहा है। अगर ज्यादा बाढ़ आती है तो परियोजना के नदी में समा जाने का खतरा है। इससे  दंबलटांडा, रेवतीपुरवा, रमेश्वरापुर, रैनागंज आदि गांवों के लिए खतरा बढ़ गया है। 

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