{"_id":"6a1f1e666a74188cc90e2125","slug":"water-and-danger-are-also-free-passersby-are-quenching-their-thirst-amidst-open-wires-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1009-176610-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: पानी के साथ खतरा भी मुफ्त, खुले तारों के बीच प्यास बुझा रहे राहगीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: पानी के साथ खतरा भी मुफ्त, खुले तारों के बीच प्यास बुझा रहे राहगीर
Tue, 02 Jun 2026 11:48 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 02 Jun 2026 11:48 PM IST
विज्ञापन
प्रमोद कुमार
- फोटो : विवाद के दौरान जमा भीड़।
लखीमपुर खीरी। सिंगाही कस्बे में वाटर कूलर में उतरे करंट की चपेट में आकर नौ वर्षीय बच्चे की मौत के बाद सार्वजनिक पेयजल व्यवस्थाओं की पड़ताल की गई तो कई जगह चिंताजनक हालात मिले।
कहीं खुले बिजली के तार दिखे, कहीं कूलरों के आसपास पानी जमा मिला, तो कई वाटर कूलर और आरओ प्लांट बंद पड़े मिले। शहर में राहगीरों को ठंडा पानी उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर 15 वाटर कूलर लगाए गए हैं। पड़ताल में संकटा देवी चौराहे और शास्त्री पार्क के वाटर कूलर ही दुरुस्त मिले, जबकि 13 वाटर कूलर खराब पड़े पाए गए। कई स्थानों पर रखरखाव और सफाई का अभाव भी दिखा।
निघासन के लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों, स्कूलों, चौराहों और बस स्टैंड पर लगाए गए वाटर कूलरों की नियमित निगरानी नहीं होती। इनके रखरखाव की जिम्मेदारी नगर पंचायत के पथ प्रकाश कर्मियों पर है, जबकि अलग से कोई तकनीकी व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
नगर पंचायत कार्यालय के सामने लगा वाटर कूलर भी बदहाल स्थिति में मिला। कूलर के आसपास गंदा पानी जमा था, टोंटियों पर काई जमी थी और विद्युत एमसीबी बॉक्स खुले में लटका मिला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी और बिजली का यह मेल कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। वहीं सिंगाही थाना परिसर में लगा वाटर कूलर भी कई महीनों से खराब पड़ा है।
विज्ञापन
कहीं खुले बिजली के तार दिखे, कहीं कूलरों के आसपास पानी जमा मिला, तो कई वाटर कूलर और आरओ प्लांट बंद पड़े मिले। शहर में राहगीरों को ठंडा पानी उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर 15 वाटर कूलर लगाए गए हैं। पड़ताल में संकटा देवी चौराहे और शास्त्री पार्क के वाटर कूलर ही दुरुस्त मिले, जबकि 13 वाटर कूलर खराब पड़े पाए गए। कई स्थानों पर रखरखाव और सफाई का अभाव भी दिखा।
विज्ञापन
निघासन के लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों, स्कूलों, चौराहों और बस स्टैंड पर लगाए गए वाटर कूलरों की नियमित निगरानी नहीं होती। इनके रखरखाव की जिम्मेदारी नगर पंचायत के पथ प्रकाश कर्मियों पर है, जबकि अलग से कोई तकनीकी व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
नगर पंचायत कार्यालय के सामने लगा वाटर कूलर भी बदहाल स्थिति में मिला। कूलर के आसपास गंदा पानी जमा था, टोंटियों पर काई जमी थी और विद्युत एमसीबी बॉक्स खुले में लटका मिला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी और बिजली का यह मेल कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। वहीं सिंगाही थाना परिसर में लगा वाटर कूलर भी कई महीनों से खराब पड़ा है।

प्रमोद कुमार- फोटो : विवाद के दौरान जमा भीड़।

प्रमोद कुमार- फोटो : विवाद के दौरान जमा भीड़।

प्रमोद कुमार- फोटो : विवाद के दौरान जमा भीड़।

प्रमोद कुमार- फोटो : विवाद के दौरान जमा भीड़।