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जिले में वैक्सीन का संकट, पांच केंद्रों पर नहीं हो सका टीकाकरण
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एक जुलाई को शुरू होना था मेगा टीकाकरण अभियान, 20 जगह लगने थे कैंप
डोज के अभाव में 15 सीएचसी और एक पीएचसी पर ही लगे टीके
लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने लिए एक जुलाई से जिले में मेगा टीकाकरण अभियान शुरू होना था, जो वैक्सीन के अभाव में नहीं हो सका। अभियान के तहत हर ब्लॉक में करीब 20 जगहों पर बूथ लगाकर वैक्सीनेशन की तैयारी थी, लेकिन पिछले दो दिन में गिनती की डोज मिलने से सिर्फ 15 सीएचसी और एक पीएचसी पर ही लोगों के वैक्सीन लग सकी।
तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक जुलाई से जिले भर में महाअभियान चलाकर वैक्सीनेशन की तैयारी की थी। मगर, बुधवार को 8000 और बृहस्पतिवार को 8800 डोज मिलने के कारण अभियान शुरू होने से पहले ही धड़ाम हो गया।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने कलस्टर एप्रोच अभियान के तहत सभी ब्लॉकों के लिए माइक्रोप्लान तैयार कराकर करीब 20 बूथों पर वैक्सीनेशन कराने की तैयारी थी। प्लान के तहत रोजाना करीब 20 से 25 हजार लोगों को टीका रूपी कवच धारण कराया जाना था, मगर शासन से वैक्सीन न मिलने के कारण अभियान शुरू नहीं हो सका। वहीं कुछ जगहों पर वैक्सीन की कमी के कारण तमाम लोगों को शुक्रवार को आना बताकर वापस कर दिया।
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मोहम्मदी। सीएचसी क्षेत्र के गांव सुंदरपुर, झखरा सहित तहसील परिसर में 18 से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण हुआ। अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सुंदरपुर एवं झखरा गांव में 18 से 44 साल तक के 400 लोगों के और 45 वर्ष के अधिक उम्र के 100 लोगों के टीका लगा।
पलियाकलां। सीएचसी अधीक्षक डॉ. हरेंद्र नाथ वरुण ने बताया कि बृहस्पतिवार को दुधवा पार्क मुख्यालय में 120 और सीएचसी टीकाकरण केंद्र पर करीब 180 लोगों के वैक्सीन लगी। उन्होंने बताया कि कलस्टर एप्रोच अभियान के तहत रोजाना 20 गांवों में कैंप लगने थेे। मगर, दो ही लग सके। सीएचसी फरधान में 18 से 44 उम्र तक के 112 लोगों और 45 साल से अधिक 82 लोगों का वैक्सीनेशन हुआ। अधीक्षक डॉ. अमित बाजपेई ने बताया कि बृहस्पतिवार को सिर्फ 400 डोज ही मिली हैं।
गोला सीएचसी में दो दिन हुआ वैक्सीनेशन
गोला गोकर्णनाथ। वैक्सीन के अभाव में गोला सीएचसी में दो दिन बाद बृहस्पतिवार को टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। पीएचसी अधीक्षक डॉ. गनेश कुमार ने बताया कि वैक्सीन न मिलने के कारण मंगलवार और बुधवार को टीकाकरण केंद्र बंद रहा। उन्होंने बताया कि एक जुलाई से कलस्टर अभियान शुरू होना था, लेकिन वैक्सीन पर्याप्त संख्या में डोज नहीं मिली। इसलिए सिर्फ चार सत्र ही चल सके।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बुलानी पड़ी पुलिस
ओयल (खीरी)। कस्बे की पीएचसी में बृहस्पतिवार को 18 से 44 उम्र के लोगों का टीकाकरण हुआ। वैक्सीनेशन की खबर लगते ही बड़ी संख्या में युवा इकठ्ठा हो गए। बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पीएचसी प्रभारी को पुलिस बुुलानी पड़ी।
सीमित मात्रा में वैक्सीन होने के कारण पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर टीके लगाए गए। दो बजे वैक्सीन समाप्त होने पर बड़ी संख्या में लोगों को निराश लौटना पड़ा। स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें शुक्रवार को बुलाया है।
डॉ. रवि अवस्थी ने बताया कि ज्ञानवती, रचना गौतम, एएनएम शिवानी सिंह की टीम ने 100 लोगों को पीएचसी पर, ओयल देहात के पसियनपुरवा गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर एएनएम शीतल ने 20, ओयल टीकाकरण केंद्र पर एएनएम मधुबाला ने 20 लोगों के वैक्सीन लगाई।
बिना पंजीकरण ही लगा दिए कई लोगों के टीके
संसारपुर। कस्बा स्थित एनम सेंटर पर 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू हुआ। टीम ने बिना पंजीकरण के तमाम लोगों के टीका लगा दिया। जानकारी के अभाव में दोपहर बाद वैक्सीन लगवाने वालों को फोन कर पंजीकरण के लिए ओटीपी पूछना शुरू किया गया। इससे लोगों में तमाम तरह के भ्रम की स्थिति बन गई। वैक्सीनेशन कराने वाले प्रमोद सोनी, उज्जवल गुप्ता, सौरभ वर्मा, ओमवीर श्रीवास्तव आदि का कहना है कि टीकाकरण शुरू करने से पहले जिम्मेदारों को स्टाफ को हर तरह की जानकारी देनी चाहिए थी। वैक्सीन लगाने के बाद फोन कर ओटीपी पूछना गलत है। वहीं पंजीकरण के लिए सेंटर पहुंचे लोग दो घंटे तक ओटीपी का इंतजार करते रहे। मगर, ओटीपी न आने से रजिस्ट्रेशन के साथ दूसरी डोज को लेकर लोगों में संशय बन गया है।
गांव झाला निवासी सारांश वर्मा बताते हैं कि वैक्सीन लगाकर कार्ड भी दे दिया। बाद में फोन कर बताया कि पंजीकरण नहीं हुआ। अब दूसरी डोज कैसे लगेगी इस बात की चिंता सता रही है।
बोझिया गांव निवासी दीपक राजपूत ने बताया कि वैक्सीन लगाकर दूसरी डोज के लिए कार्ड दे दिया। बाद में फोन कर बताया कि रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ। इसलिए पंजीकरण कराओ आकर। अब पंजीकरण को लेकर भ्रम की स्थिति बनी गई।
शासन से दो दिन में करीब 16 हजार डोज ही मिल सकी थीं। इसमें कोवाक्सिन की संख्या बेहद कम थी। बृहस्पतिवार को अभियान के तहत हर बूथ पर टीकाकरण नहीं शुरू हो सका। सभी सीएचसी सहित खीरी पीएचसी पर वैक्सीनेशन हुआ। सभी को 500 लोगों का टीकाकरण करने का लक्ष्य दिया गया था। - डॉ. बलबीर सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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डोज के अभाव में 15 सीएचसी और एक पीएचसी पर ही लगे टीके
लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने लिए एक जुलाई से जिले में मेगा टीकाकरण अभियान शुरू होना था, जो वैक्सीन के अभाव में नहीं हो सका। अभियान के तहत हर ब्लॉक में करीब 20 जगहों पर बूथ लगाकर वैक्सीनेशन की तैयारी थी, लेकिन पिछले दो दिन में गिनती की डोज मिलने से सिर्फ 15 सीएचसी और एक पीएचसी पर ही लोगों के वैक्सीन लग सकी।
तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक जुलाई से जिले भर में महाअभियान चलाकर वैक्सीनेशन की तैयारी की थी। मगर, बुधवार को 8000 और बृहस्पतिवार को 8800 डोज मिलने के कारण अभियान शुरू होने से पहले ही धड़ाम हो गया।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने कलस्टर एप्रोच अभियान के तहत सभी ब्लॉकों के लिए माइक्रोप्लान तैयार कराकर करीब 20 बूथों पर वैक्सीनेशन कराने की तैयारी थी। प्लान के तहत रोजाना करीब 20 से 25 हजार लोगों को टीका रूपी कवच धारण कराया जाना था, मगर शासन से वैक्सीन न मिलने के कारण अभियान शुरू नहीं हो सका। वहीं कुछ जगहों पर वैक्सीन की कमी के कारण तमाम लोगों को शुक्रवार को आना बताकर वापस कर दिया।
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मोहम्मदी। सीएचसी क्षेत्र के गांव सुंदरपुर, झखरा सहित तहसील परिसर में 18 से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण हुआ। अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सुंदरपुर एवं झखरा गांव में 18 से 44 साल तक के 400 लोगों के और 45 वर्ष के अधिक उम्र के 100 लोगों के टीका लगा।
पलियाकलां। सीएचसी अधीक्षक डॉ. हरेंद्र नाथ वरुण ने बताया कि बृहस्पतिवार को दुधवा पार्क मुख्यालय में 120 और सीएचसी टीकाकरण केंद्र पर करीब 180 लोगों के वैक्सीन लगी। उन्होंने बताया कि कलस्टर एप्रोच अभियान के तहत रोजाना 20 गांवों में कैंप लगने थेे। मगर, दो ही लग सके। सीएचसी फरधान में 18 से 44 उम्र तक के 112 लोगों और 45 साल से अधिक 82 लोगों का वैक्सीनेशन हुआ। अधीक्षक डॉ. अमित बाजपेई ने बताया कि बृहस्पतिवार को सिर्फ 400 डोज ही मिली हैं।
गोला सीएचसी में दो दिन हुआ वैक्सीनेशन
गोला गोकर्णनाथ। वैक्सीन के अभाव में गोला सीएचसी में दो दिन बाद बृहस्पतिवार को टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। पीएचसी अधीक्षक डॉ. गनेश कुमार ने बताया कि वैक्सीन न मिलने के कारण मंगलवार और बुधवार को टीकाकरण केंद्र बंद रहा। उन्होंने बताया कि एक जुलाई से कलस्टर अभियान शुरू होना था, लेकिन वैक्सीन पर्याप्त संख्या में डोज नहीं मिली। इसलिए सिर्फ चार सत्र ही चल सके।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बुलानी पड़ी पुलिस
ओयल (खीरी)। कस्बे की पीएचसी में बृहस्पतिवार को 18 से 44 उम्र के लोगों का टीकाकरण हुआ। वैक्सीनेशन की खबर लगते ही बड़ी संख्या में युवा इकठ्ठा हो गए। बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पीएचसी प्रभारी को पुलिस बुुलानी पड़ी।
सीमित मात्रा में वैक्सीन होने के कारण पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर टीके लगाए गए। दो बजे वैक्सीन समाप्त होने पर बड़ी संख्या में लोगों को निराश लौटना पड़ा। स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें शुक्रवार को बुलाया है।
डॉ. रवि अवस्थी ने बताया कि ज्ञानवती, रचना गौतम, एएनएम शिवानी सिंह की टीम ने 100 लोगों को पीएचसी पर, ओयल देहात के पसियनपुरवा गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर एएनएम शीतल ने 20, ओयल टीकाकरण केंद्र पर एएनएम मधुबाला ने 20 लोगों के वैक्सीन लगाई।
बिना पंजीकरण ही लगा दिए कई लोगों के टीके
संसारपुर। कस्बा स्थित एनम सेंटर पर 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू हुआ। टीम ने बिना पंजीकरण के तमाम लोगों के टीका लगा दिया। जानकारी के अभाव में दोपहर बाद वैक्सीन लगवाने वालों को फोन कर पंजीकरण के लिए ओटीपी पूछना शुरू किया गया। इससे लोगों में तमाम तरह के भ्रम की स्थिति बन गई। वैक्सीनेशन कराने वाले प्रमोद सोनी, उज्जवल गुप्ता, सौरभ वर्मा, ओमवीर श्रीवास्तव आदि का कहना है कि टीकाकरण शुरू करने से पहले जिम्मेदारों को स्टाफ को हर तरह की जानकारी देनी चाहिए थी। वैक्सीन लगाने के बाद फोन कर ओटीपी पूछना गलत है। वहीं पंजीकरण के लिए सेंटर पहुंचे लोग दो घंटे तक ओटीपी का इंतजार करते रहे। मगर, ओटीपी न आने से रजिस्ट्रेशन के साथ दूसरी डोज को लेकर लोगों में संशय बन गया है।
गांव झाला निवासी सारांश वर्मा बताते हैं कि वैक्सीन लगाकर कार्ड भी दे दिया। बाद में फोन कर बताया कि पंजीकरण नहीं हुआ। अब दूसरी डोज कैसे लगेगी इस बात की चिंता सता रही है।
बोझिया गांव निवासी दीपक राजपूत ने बताया कि वैक्सीन लगाकर दूसरी डोज के लिए कार्ड दे दिया। बाद में फोन कर बताया कि रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ। इसलिए पंजीकरण कराओ आकर। अब पंजीकरण को लेकर भ्रम की स्थिति बनी गई।
शासन से दो दिन में करीब 16 हजार डोज ही मिल सकी थीं। इसमें कोवाक्सिन की संख्या बेहद कम थी। बृहस्पतिवार को अभियान के तहत हर बूथ पर टीकाकरण नहीं शुरू हो सका। सभी सीएचसी सहित खीरी पीएचसी पर वैक्सीनेशन हुआ। सभी को 500 लोगों का टीकाकरण करने का लक्ष्य दिया गया था। - डॉ. बलबीर सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी