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खेतों में बाघ ने जमाया डेरा
ब्यूरो बांकेगंज।
Updated Thu, 31 Mar 2016 11:09 PM IST
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बाघ आ धमका
- फोटो : अमर उजाला
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सोनहरा भूड़ में रात में आबादी के अंदर घुस आया था बाघ, दहशत
ठीक एक सप्ताह पहले इसी जगह तरसेम सिंह को बनाया था निवाला
मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल से सटे गांव सोनहरा भूड़ में एक बार फिर बाघ आ धमका है। बुधवार सुबह से ही इस क्षेत्र में डेरा जमाए बैठा बाघ चहलकदमी करता हुआ सरेशाम आबादी के निकट पहुंच गया। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। इससे ठीक एक सप्ताह पहले 17 मार्च को बाघ ने इसी जगह खेत की रखवाली कर रहे किसान तरसेम सिंह को अपना शिकार बनाया था, जिसकी मौत हो गई थी।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल से सटे गांव सोहनरा भूड़ गांव किनारे गेंहू के खेतों में बाघ ने दुबारा डेरा जमाया है। बुधवार सवेरे से खेतों में डेरा जमाए बैठा बाघ सरेशाम चहलकदमी करता हुआ। आबादी के निकट पहाड़ नगर के पूर्व प्रधान जयचंद्र के घर के करीब पहुंच गया। प्रधान और ग्रामीणों के खूटों पर बंधे पशुओं के रंभाने और गांव के कुत्तों के तेज भौंकने की आवाज सुनकर ग्रामीणों को बाघ के आने का आभास हुआ। इससे घबराए ग्रामीणों ने जोर से हल्ला मचाकर और गांव किनारे आग जलाकर बाघ को वहां से हटाया। जटपुरा प्रधान कुलवंत सिंह कक्की और ग्रामीणों जयचंद्र, धमेंद्र कुमार, सुरेश, महेन्द्र, जगदीश, मोती लाल, रोज मोहम्मद, रामचंद्र, मोहम्मद शाहिद आदि ने बताया कि इसके बाद सारी रात रूक-रूक कर बाघ के दहाड़ने की आवाजें सुनाई देती रहीं। दहशतजदा ग्रामीणों ने बताया बाघ गुरूवार सवेरे तक खेतों में डेरा जमाए बैठा हुआ है। जिससे किसान अपने खेतों की रखवाली करने नहीं जा पा रहे है। उधर इस संबध में रेजर मैलानी डीएस यादव ने बताया ग्रामीणों की सूचना पर वन कर्मियों की टीम को मौके पर भेजा गया है। जहां वन कर्मियों ने बाघ के पद चिन्ह देखने के बाद बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की है। रेंजर ने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
ठीक एक सप्ताह पहले इसी जगह तरसेम सिंह को बनाया था निवाला
मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल से सटे गांव सोनहरा भूड़ में एक बार फिर बाघ आ धमका है। बुधवार सुबह से ही इस क्षेत्र में डेरा जमाए बैठा बाघ चहलकदमी करता हुआ सरेशाम आबादी के निकट पहुंच गया। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। इससे ठीक एक सप्ताह पहले 17 मार्च को बाघ ने इसी जगह खेत की रखवाली कर रहे किसान तरसेम सिंह को अपना शिकार बनाया था, जिसकी मौत हो गई थी।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल से सटे गांव सोहनरा भूड़ गांव किनारे गेंहू के खेतों में बाघ ने दुबारा डेरा जमाया है। बुधवार सवेरे से खेतों में डेरा जमाए बैठा बाघ सरेशाम चहलकदमी करता हुआ। आबादी के निकट पहाड़ नगर के पूर्व प्रधान जयचंद्र के घर के करीब पहुंच गया। प्रधान और ग्रामीणों के खूटों पर बंधे पशुओं के रंभाने और गांव के कुत्तों के तेज भौंकने की आवाज सुनकर ग्रामीणों को बाघ के आने का आभास हुआ। इससे घबराए ग्रामीणों ने जोर से हल्ला मचाकर और गांव किनारे आग जलाकर बाघ को वहां से हटाया। जटपुरा प्रधान कुलवंत सिंह कक्की और ग्रामीणों जयचंद्र, धमेंद्र कुमार, सुरेश, महेन्द्र, जगदीश, मोती लाल, रोज मोहम्मद, रामचंद्र, मोहम्मद शाहिद आदि ने बताया कि इसके बाद सारी रात रूक-रूक कर बाघ के दहाड़ने की आवाजें सुनाई देती रहीं। दहशतजदा ग्रामीणों ने बताया बाघ गुरूवार सवेरे तक खेतों में डेरा जमाए बैठा हुआ है। जिससे किसान अपने खेतों की रखवाली करने नहीं जा पा रहे है। उधर इस संबध में रेजर मैलानी डीएस यादव ने बताया ग्रामीणों की सूचना पर वन कर्मियों की टीम को मौके पर भेजा गया है। जहां वन कर्मियों ने बाघ के पद चिन्ह देखने के बाद बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की है। रेंजर ने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
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