{"_id":"9e6aad10a66e8d5d9e41c934f110aa53","slug":"uria-na-milnai-sai-gussai-kissanon-nai-kia-pradarshan-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूरिया न मिलने से गुस्साए किसानों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूरिया न मिलने से गुस्साए किसानों ने किया प्रदर्शन
बांकेगंज।
Updated Mon, 05 Jan 2015 06:21 PM IST
विज्ञापन
महीनों से यूरिया खाद की कमी से जूझ रहे क्षेत्रीय किसानों के सब्र का बांध आखिर टूट गया। गुस्साए कुकरा समिति के सैकड़ाें किसानों ने सोमवार सुबह 10 बजे बांकेगंज स्थित मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि यूरिया के अभाव में खेतों में खड़ी गेंहू की फसल बर्बाद हो रही है। ग्रामीणों ने यूरिया खाद उपलब्ध कराने की मांग की।
कुकरा समिति मुख्यालय पर सुबह 10 बजे एक ट्रक यूरिया खाद लेकर पहुंचा। वहां पहले से ही सैंकड़ों किसान मौजूद थे। किसानों की भीड़ देखकर समिति कर्मियों के हाथ-पैर फूल गए। इस दौरान एमडी भगवानदीन ने वहां मौजूद किसानों से समिति में मौजूद मात्रा के हिसाब से यूरिया लेने का अनुरोध किया।
इससे नाराज किसानों तरसेम सिंह, रामानंद, बाबूराम, लखविंदर सिंह, अली मोहम्मद, सुखवीर कौर, इंद्रजीत सिंह, जाकिर, माजिद अली, सेवा सिंह आदि ने समिति पर हंगामा करते हुए उनकी फसल की जरूरत के मुताबिक यूरिया खाद देने की मांग की।
विज्ञापन
उधर इस संबध में एआर कोआपरेटिव आरके सिंह ने बताया कि कुकरा समिति में खाद की मांग अधिक है। यूरिया की कमी चल रही है। बावजूद इसके प्रत्येक माह वहां खाद भेजी जा रही है। उन्होंने किसानों से धैर्य रखने को कहा।
विज्ञापन
कुकरा समिति मुख्यालय पर सुबह 10 बजे एक ट्रक यूरिया खाद लेकर पहुंचा। वहां पहले से ही सैंकड़ों किसान मौजूद थे। किसानों की भीड़ देखकर समिति कर्मियों के हाथ-पैर फूल गए। इस दौरान एमडी भगवानदीन ने वहां मौजूद किसानों से समिति में मौजूद मात्रा के हिसाब से यूरिया लेने का अनुरोध किया।
विज्ञापन
इससे नाराज किसानों तरसेम सिंह, रामानंद, बाबूराम, लखविंदर सिंह, अली मोहम्मद, सुखवीर कौर, इंद्रजीत सिंह, जाकिर, माजिद अली, सेवा सिंह आदि ने समिति पर हंगामा करते हुए उनकी फसल की जरूरत के मुताबिक यूरिया खाद देने की मांग की।
विज्ञापन
उधर इस संबध में एआर कोआपरेटिव आरके सिंह ने बताया कि कुकरा समिति में खाद की मांग अधिक है। यूरिया की कमी चल रही है। बावजूद इसके प्रत्येक माह वहां खाद भेजी जा रही है। उन्होंने किसानों से धैर्य रखने को कहा।