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Lakhimpur Kheri News: नैनीताल में युवक की मौत पर महेवागंज में हंगामा, दो घंटे हाईवे जाम
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मृतक राजेश की फाइल फोटो
महेवागंज/सुंदरवल। मजदूरी करने गए बन्नी गांव के राजेश (35) की संदिग्ध अवस्था में नैनीताल जिले के तल्लीताल में मौत हो गई। बुधवार की शाम परिजन शव गांव ले आए। राजेश के साथ काम करने वालों पर हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी। कोई कार्रवाई नहीं होने से आक्रोशित परिजनों ने ग्रामीणाें के साथ बृहस्पतिवार सुबह पलिया- लखीमपुर हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। दो घंटे तक हंगामा हुआ। अफसरों के कार्रवाई के आश्वासन पर जाम खोला गया।
राजेश कुमार राज पुत्र रामभरोसे जमुनियापुरवा गांव निवासी परिचित युवक के साथ 26 मार्च को गैठियापुराव जिला नैनीताल, उत्तराखंड में एक होटल में टाइल्स लगाने का काम करने गया था। 1 अप्रैल को साथी मनोज घर वापस आ गया। राजेश का कुछ हाल चाल नहीं मिला। परिजनों ने मनोज से पूछा तो उसने 31 मार्च को ही राजेश के घर चले आने की बात कही। फोन पर बात नहीं होने पर राजेश की पत्नी सुषमा देवी परिजनों के साथ गैठियापुराव पहुंचीं।
सुषमा ने बताया होटल में पति के कपड़े और बैग रखा मिला। कुछ पता न लगने पर स्थानीय थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। 23 अप्रैल को गैठियापुराव से दूर ज्योलीकोट चौकी थाना तल्लीताल के पास एक नाले में शव बरामद हुआ। परिजनों ने शव की शिनाख्त राजेश के रूप में की। तल्लीताल पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
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पुलिस पर हीलाहवाली का आरोप
राजेश की मौत के मामले में कार्रवाई कराने के लिए परिजन पहले चौकी महेवागंज गए, वहां से कोतवाली। उन्हाेंने मदद के लिए स्थानीय विधायक का लेटर भी दिखाया। बताते हैं मामला उत्तराखंड से जुड़ा होने की बात कहकर कोतवाली पुलिस ने पल्ला झाड़ लिया। इसी बात पर परिजन भड़क गए और ग्रामीणों के साथ बन्नी गांव के सामने लखीमपुर-पलिया हाईवे जाम कर दिया।
चार लोगों को नामजद करने और मुआवजे की मांग पर अड़े थे परिजन
जाम लगाने की सूचना पर से पुलिस में हड़कंप मच गया। सदर कोतवाल अंबर सिंह, फूलबेहड़ इंस्पेक्टर आलोक धीमान और सुंदरवल पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों को कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया मगर परिजन चार लोगों को नामजद करने और मुआवजे की मांग पर अड़ गए। सदर इंस्पेक्टर ने मल्लीताल पुलिस से मामले की जानकारी की। वहां की पुलिस ने निष्पक्ष जांच कार्रवाई का भरोसा दिया। इंस्पेक्टर ने यह बात परिजनों को बताई। इसके बाद परिजन और ग्रामीण हाईवे से हटे। ग्रामीणों के हटने के बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो पाई। बाद में परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
घर में अकेला कमाने वाला था राजेश
राजेश के पिता राम भरोसे की तीन साल पहले मौत हो चुकी थी। उसकी बहन कुंती विवाह लायक है। पत्नी सुषमा और उसकी दो छोटी पुत्रियों का रो-रो कर बुरा हाल है। घर में दो बीघा जमीन है। राजेश ही परिवार में कमाने वाला था। अब पत्नी और बेटियों के सामने दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने का संकट गहरा गया है।
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घटना स्थल उत्तराखंड का है। वहां की पुलिस से फोन पर बात की गई है। वह मामले की जांच कर रही हैं।
रमेश तिवारी, सीओ सदर
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प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्थित साफ होगी। आरोपियों से पूछताछ की गई है। जांच की जा रही है। जल्द ही खुलासा होगा।
रमेश ढबराल, एसओ तल्लीताल
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राजेश कुमार राज पुत्र रामभरोसे जमुनियापुरवा गांव निवासी परिचित युवक के साथ 26 मार्च को गैठियापुराव जिला नैनीताल, उत्तराखंड में एक होटल में टाइल्स लगाने का काम करने गया था। 1 अप्रैल को साथी मनोज घर वापस आ गया। राजेश का कुछ हाल चाल नहीं मिला। परिजनों ने मनोज से पूछा तो उसने 31 मार्च को ही राजेश के घर चले आने की बात कही। फोन पर बात नहीं होने पर राजेश की पत्नी सुषमा देवी परिजनों के साथ गैठियापुराव पहुंचीं।
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सुषमा ने बताया होटल में पति के कपड़े और बैग रखा मिला। कुछ पता न लगने पर स्थानीय थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। 23 अप्रैल को गैठियापुराव से दूर ज्योलीकोट चौकी थाना तल्लीताल के पास एक नाले में शव बरामद हुआ। परिजनों ने शव की शिनाख्त राजेश के रूप में की। तल्लीताल पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
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पुलिस पर हीलाहवाली का आरोप
राजेश की मौत के मामले में कार्रवाई कराने के लिए परिजन पहले चौकी महेवागंज गए, वहां से कोतवाली। उन्हाेंने मदद के लिए स्थानीय विधायक का लेटर भी दिखाया। बताते हैं मामला उत्तराखंड से जुड़ा होने की बात कहकर कोतवाली पुलिस ने पल्ला झाड़ लिया। इसी बात पर परिजन भड़क गए और ग्रामीणों के साथ बन्नी गांव के सामने लखीमपुर-पलिया हाईवे जाम कर दिया।
चार लोगों को नामजद करने और मुआवजे की मांग पर अड़े थे परिजन
जाम लगाने की सूचना पर से पुलिस में हड़कंप मच गया। सदर कोतवाल अंबर सिंह, फूलबेहड़ इंस्पेक्टर आलोक धीमान और सुंदरवल पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों को कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया मगर परिजन चार लोगों को नामजद करने और मुआवजे की मांग पर अड़ गए। सदर इंस्पेक्टर ने मल्लीताल पुलिस से मामले की जानकारी की। वहां की पुलिस ने निष्पक्ष जांच कार्रवाई का भरोसा दिया। इंस्पेक्टर ने यह बात परिजनों को बताई। इसके बाद परिजन और ग्रामीण हाईवे से हटे। ग्रामीणों के हटने के बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो पाई। बाद में परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
घर में अकेला कमाने वाला था राजेश
राजेश के पिता राम भरोसे की तीन साल पहले मौत हो चुकी थी। उसकी बहन कुंती विवाह लायक है। पत्नी सुषमा और उसकी दो छोटी पुत्रियों का रो-रो कर बुरा हाल है। घर में दो बीघा जमीन है। राजेश ही परिवार में कमाने वाला था। अब पत्नी और बेटियों के सामने दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने का संकट गहरा गया है।
घटना स्थल उत्तराखंड का है। वहां की पुलिस से फोन पर बात की गई है। वह मामले की जांच कर रही हैं।
रमेश तिवारी, सीओ सदर
प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्थित साफ होगी। आरोपियों से पूछताछ की गई है। जांच की जा रही है। जल्द ही खुलासा होगा।
रमेश ढबराल, एसओ तल्लीताल

मृतक राजेश की फाइल फोटो

मृतक राजेश की फाइल फोटो