वकील की बेटी बनी जज: शिवाली ने पहले ही प्रयास में पाया नौवां स्थान, पिता बोले- बिटिया पर गर्व है
उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा में लखीमपुर खीरी की शिवाली मिश्रा ने नौवां स्थान हासिल किया है। उन्होंने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की है। शिवाली के पिता वकील हैं।
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लखीमपुर खीरी के बाजपेयी कॉलोनी निवासी शिवाली मिश्रा ने पहले ही प्रयास में पीसीएस-जे की परीक्षा उत्तीर्ण कर टॉप टेन में जगह भी बनाई है। उन्होंने नौवां स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। शिवाली ने बताया कि इसी साल उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलएम की पढ़ाई पूरी की है। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पीसीएस-जे की परीक्षा दी थी, जिसमें उन्हें अब सफलता मिल गई है।
बेटी शिवाली की सफलता से गदगद पिता राजीव मिश्रा ने बताया कि बुधवार उनके लिए सबसे बड़ा दिन बन गया। क्योंकि, पूरे परिवार की विरासत वकालत रही है। बिटिया के दादा जी भी वकील हैं और वह खुद सिविल कोर्ट में वकालत करते हैं। यह पूरे परिवार के लिये गर्व की बात है कि हम अभी तक डायस के इस पार होते थे, अब परिवार की बिटिया डायस के उस पार न्यायाधीश की कुर्सी पर विराजमान होगी।
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वकील पिता ने कहा कि बस यही दुआ है कि बेटी ने जिस मकसद के साथ ज्यूडिशियल सिस्टम में प्रवेश लिया है। उसमें वह अपना मुकाम हासिल करे और निसंकोच लोगों को इंसाफ दिला सके। राजीव की बड़ी बेटी सुरभि मिश्रा सुप्रीम कोर्ट में वकालत करती है, जबकि दूसरे नंबर की बेटी अब पीसीएस जे में सेलेक्ट हो गई है। वहीं, सबसे छोटा बेटा यशवर्धन मिश्रा ओएनजीसी में जियो साइंटिस्ट के पद पर देहरादून में कार्य कर रहा है।
परिवार को दिया सफलता का श्रेय
शिवाली ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पूरे परिवार को देते हुए कहा कि परिवार ही उनकी सबसे बड़ी मजबूती रही है। हर कदम पर परिवार के सहारे ने उन्हें किसी भी बाधा को आसानी से पार करने में मदद पहुंचाई है। इसलिए वह अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को दे रही हैं। बताया कि 2019 में लखनऊ के डॉ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय से एलएलबी करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में एलएलएम में एडमिशन लिया था। पढ़ाई के साथ शिवाली ने पीसीएस-जे की तैयारी की थी।
उन्होंने कहा कि माता पिता, परिवार और कुछ दोस्तों की दुआएं रंग लाईं और पहले ही प्रयास में उन्होंने प्रतिष्ठित न्यायिक सेवा में मैदान मार लिया। शिवाली ने बताया कि 2023 में उन्होंने नेट जेआरएफ की परीक्षा भी पास की है। कहा कि लोगों के साथ सही इंसाफ करूं यही प्राथमिकता है। कहा कि ड्यूटी जॉइन करने के साथ ही वह अपनी पढ़ाई भी जारी रखेंगी।