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Lakhimpur Kheri News: बेमाैसम बारिश बनी आफत... धान, केला और गन्ने की फसल गिरी

Tue, 07 Oct 2025 10:52 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Tue, 07 Oct 2025 10:52 PM IST
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Unseasonal rains wreak havoc... paddy, banana and sugarcane crops collapse
पानी में भीगी फसल दिखाते किसान रामौतार राठौर। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले में सोमवार रात तेज हवा के साथ हुई बेमाैसम बारिश किसानों के लिए आफत बन गई। अधिकांश लोगों की धान, केला, गन्ना सहित अन्य फसलें खेतों में बिछ गई हैं।
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सबसे ज्यादा नुकसान धान को हुआ है, क्योंकि कई किसान पक चुकी फसल को काट चुके थे। अब इसमें फंगस और भूरे फुदके का कीट लगने की आशंका बढ़ गई है। किसानों के लिए कृषि विभाग ने जरूरी सलाह जारी की है। जिले में सोमवार रात करीब सात एमएम बारिश हुई है। एक सप्ताह पहले भी तेज हवा-बारिश ने किसानों को परेशानी में डाल दिया था। जैसे-तैसे किसानों ने फसलों को बचाया, लेकिन सोमवार रात फिर से हुई बारिश ने हालात और खराब कर दिए।
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जनपद के काफी किसान सिर्फ कृषि पर ही निर्भर हैं। किसी ने कर्ज लेकर फसल बोई थी तो किसी ने जमा पूंजी लगाई थी। उनके सामने अगली फसल की बोआई का अलग संकट खड़ा हो गया है। बांकेगंज की ग्राम पंचायत ग्रांट नंबर तीन नरगढ़ी फॉर्म के किसान बलकार सिंह गिल ने बताया कि उनकी पांच एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई, जिसे वे कुछ दिन में काटने वाले थे। अब फसल का अच्छा दाम नहीं मिल पाएगा।
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मैलानी निवासी काश्तकार अशफाक, मोहम्मद फहीम आदि ने बताया कि गन्ने के साथ ही धान की फसल भी खेतों में गिर गई, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है। भीरा के किसानों का कहना है कि खेतों में पानी भरा है, जिससे कटाई करना मुश्किल है।
अलीगंज के हंडेला निवासी किसान रामौतार राठौर ने बताया कि उनकी दो बीघा धान की फसल खराब हो गई। फसल को अपने हाथों से काटा था, लेकिन अचानक हुई बारिश से खेत में पानी भर गया।
किसान गुरमुख सिंह फौजी ने बताया कि उनकी तीन बीघा में खड़ा धान गिर गया। मजदूर लगाकर धान की कटाई कराई जा रही है। सुनील व शत्रुघ्न भी धान की कटाई कर धान निकाल रहे हैं।

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मुख्य फसलों का जिले में रकबा
गन्ना -3.64 लाख हेक्टेयर
धान -1.04 लाख हेक्टेयर
केला - चार हजार हेक्टेयर
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फसल बचाने के लिए यह करें
-जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि तेज हवा-बारिश में धान की फसल गिर गई है तो तत्काल खेत से पानी निकालें, ताकि फंगस और भूरे फुदके का प्रकोप न हो। इसके बाद 10-12 पौधों के झुंड बनाकर बालियों को नीचे से बांध दें या बांस लगाकर रस्सी की मदद से पौधों को खड़ा कर दें, जिससे हवा का संचार बढ़े और दाने मिट्टी के संपर्क में न आएं। अगर फसल पकी है, तो उसको काटकर सुरक्षित स्थान पर रख लें। अगर किसी ने फसल बीमा कराया है तो वह कंपनी के 14447 टोल फ्री नंबर पर 72 घंटे के अंदर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बीमा कंपनी नुकसान के अनुसार मुआवजा देगी।

पानी में भीगी फसल दिखाते किसान रामौतार राठौर। संवाद

पानी में भीगी फसल दिखाते किसान रामौतार राठौर। संवाद

पानी में भीगी फसल दिखाते किसान रामौतार राठौर। संवाद

पानी में भीगी फसल दिखाते किसान रामौतार राठौर। संवाद

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