फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Ultrasound reports are being written by hand on paper, pregnant women are worried

Lakhimpur Kheri News: कागज पर हाथ से लिखी जा रही अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट, प्रसूताएं परेशान

Sun, 14 Sep 2025 01:30 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Sun, 14 Sep 2025 01:30 AM IST
विज्ञापन
Ultrasound reports are being written by hand on paper, pregnant women are worried
जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए प्रसूताओं की भीड़। संवाद - फोटो : शहर में दरीबा के पास हादसे में क्षतिग्रस्त कार।
लखीमपुर खीरी। जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच तो कराई जा रही है, लेकिन रिपोर्ट उन्हें कंप्यूटर से प्रिंटआउट के बजाय साधारण कागज पर हाथ से लिखकर दी जा रही है। इस वजह से मरीजों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओं का कहना है कि हाथ से लिखी रिपोर्ट अक्सर अस्पष्ट होती है, जिसे डॉक्टर को समझने में दिक्कत आती है।
विज्ञापन


जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 300-400 मरीजों की ओपीडी रहती है। इसमें करीब 80-100 प्रसूताओं का अल्ट्रासाउंड कराया जाता है। कुछ माह पहले लगी इस पोर्टेबल मशीन से प्रसूताओं को अल्ट्रासाउंड की प्रिंट की हुई रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। चिकित्सक जांच के बाद सादे कागज या पर्चे पर ही रिपोर्ट लिखकर थमा देते हैं। इससे प्रसूताओं को जांच रिपोर्ट को संभालने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन

--------------------------
विज्ञापन
विज्ञापन

अस्पताल में आवारा कुत्ते बने आफत
बीते शुक्रवार को पीलीभीत के जिला अस्पताल से नवजात के शव को आवारा कुत्ते उठा ले गया था। इस घटना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग कोई सीख नहीं ले रहा है। जिला महिला अस्पताल में आवारा कुत्तों का आतंक है। यह कुत्ते अस्पताल परिसर से लेकर रैन बसेरा तक घूमते रहते हैं। इससे खतरे की आशंका बनी रहती है।
--------------------------
फोटो 16
कई बार अल्ट्रासाउंड की जांच करा चुके हैं। हमेशा पर्चे पर लिखकर रिपोर्ट दे दी जाती है। अगर बाहर किसी चिकित्सक को दिखाओ तो वह समझ नहीं पाते हैं। अगर प्रिंट करके रिपोर्ट दी जाए तो काफी आसानी होगी।

जीनत, सुंदरवल
--------------------------

अल्ट्रासाउंड जांच के बाद हाथ से रिपोर्ट लिखकर दी है। प्रिंट मिलने से चिकित्सक को दिखाने में भी आराम रहता है। अस्पताल प्रशासन को प्रिंट की हुई रिपोर्ट देनी चाहिए, ताकि उसे सुरक्षित रख सके।
प्रिया, गोलागोकर्णनाथ
--------------------------
कंप्यूटर से अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट बनाने में समय लगेगा, इसलिए हाथ से लिखकर दी जा रही है। बाकी बेसहारा कुत्तों को अस्पताल में घुसने से रोकने के लिए गार्ड मौजूद रहते हैं।
डॉ. अभिषेक साहू, प्रभारी सीएमएस, जिला महिला अस्पताल

जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए प्रसूताओं की भीड़। संवाद

जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए प्रसूताओं की भीड़। संवाद- फोटो : शहर में दरीबा के पास हादसे में क्षतिग्रस्त कार।

जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए प्रसूताओं की भीड़। संवाद

जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए प्रसूताओं की भीड़। संवाद- फोटो : शहर में दरीबा के पास हादसे में क्षतिग्रस्त कार।

जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए प्रसूताओं की भीड़। संवाद

जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए प्रसूताओं की भीड़। संवाद- फोटो : शहर में दरीबा के पास हादसे में क्षतिग्रस्त कार।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed