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लखीमपुर खीरी में बवाल: अब तक आठ लोगों ने गंवाई जान, बड़ी संख्या में जुटने लगे किसान, इंटरनेट सेवाएं बंद

Mon, 04 Oct 2021 05:19 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 04 Oct 2021 05:19 AM IST
सार

किसान नेता गुरमीत सिंह रंधावा का कहना है कि जब तक प्रशासन के उच्चाधिकारी मौके पर नहीं आते हैं, तब तक किसान घटनास्थल पर बने रहेंगे। सभी किसान इस वक्त कौड़ियाला रोड पर स्थित महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज खेल मैदान में डटे हुए हैं।
 

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two farmers killed in car collision of union minister ajay mishra teni son in lakhimpur kheri
अस्पताल में घायलों को भर्ती कराते साथी किसान - फोटो : amar ujala

विस्तार

कृषि कानूनों और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की टिप्पणी का विरोध कर रहे किसानों और मंत्री के बेटे के बीच रविवार को हिंसक टकराव हो गया। तिकुनियां कस्बे में हुए बवाल के दौरान मंत्री के बेटे आशीष मिश्र की गाड़ी से कुचलकर चार किसानों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। जानबूझकर गाड़ी चढ़ाने का आरोप लगाते हुए गुस्साए किसानों ने मंत्री के बेटे की दो गाड़ियों में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी। 

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मंत्री के बेटे ने खेतों में भागकर जान बचाई, लेकिन इस दौरान हुई पिटाई से चालक की मौत हो गई। बवाल के बाद भाकियू नेता राकेश टिकैत के दिल्ली से कूच करने की सूचना के बाद किसानों ने कस्बे के इंटर कॉलेज में मृत किसानों के शव रखकर धरना शुरू कर दिया। देर रात तक आसपास के जिलों से भी हजारों की संख्या में किसान धरनास्थल पर पहुंच गए। 
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किसान नेताओं ने कहा कि मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी होने तक वे वहीं डटे रहेंगे। शासन ने लखनऊ से पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर भेज दिए। वहीं देर शाम जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। वहीं, केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी का कहना है कि हंगामे के दौरान चालक को पत्थर लगने से गाड़ी अनियंत्रित होकर किसानों पर चढ़ने से हादसा हुआ। इसके बाद हुए हिंसक झड़प में भाजपा के तीन कार्यकर्ता समेत हमारे ड्राइवर की मौत हुई है। वहीं बेटे आशीष मिश्र का कहना है कि वह खुद गाड़ी में नहीं थे। उनके कार्यकर्ता तीन वाहनों से उप-मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए जा रहे थे। 
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इस बीच आरोप खारिज
इस बीच केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र ने कहा है कि मैं कार्यक्रम के अंत तक सुबह नौ बजे से बनवारीपुर में था। मेरे खिलाफ आरोप पूरी तरह से निराधार हैं और मैं इस मामले की न्यायिक जांच की मांग करता हूं। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। हमारे तीन वाहन एक कार्यक्रम के लिए उप मुख्यमंत्री की अगवानी करने गए थे। रास्ते में कुछ बदमाशों ने पथराव किया, कारों में आग लगा दी और हमारे चीन-चार कार्यकर्ताओं को लाठियों से पीटा। 


घटना को लेकर ज़िलाधिकारी अरविंद चौरसिया ने कहा है कि ये घटना दिन के 3-3:15 बजे की है। रोड के दोनों तरफ लोग खड़े थे। विपरीत दिशा से आती हुई तीन गाड़ियों की उनसे दुर्घटना हुई। हम प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई कर रहे हैं। चौरसिया ने कहा है कि इस घटना में चार किसानों और चार अन्य लोगों की मौत हो गई है। जांच चल रही है। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।

उधर, मंत्री अजय मिश्र ने इस घटना में अपने बेटे की संलिप्तता से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वे किसानों के बीच बदमाश थे। किसान आंदोलन की शुरुआत से ही बब्बर खालसा समेत कई आतंकी संगठन अराजक स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उसी का नतीजा है ये घटना।

घटना के बाद किसान परिवारों से मलने लखीमपुर जा रही कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि आज की घटना बताती है कि यह सरकार किसानों को कुचलने के लिए राजनीति कर रही है। यह किसानों का देश है बीजेपी का नहीं। पीड़ितों के परिजनों से मिलने का फैसला कर मैंने कोई अपराध नहीं किया है। 



गुस्से का सबब
कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान पिछले एक सप्ताह से केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी का भी विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि केंद्रीय मंत्री ने आंदोलन को लेकर गलत टिप्पणी की थी। इसी वजह से किसान उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम का विरोध करने के लिए खीरी के पास के ही कस्बे तिकुनिया में हैलीपैड के पास इकट्ठे हुए थे। विरोध की आशंका को देखते हुए उप-मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से न आकर सड़क मार्ग से खीरी पहुंचे। उन्होंने दोपहर करीब 12 बजे विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। इसके बाद उन्हें केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के गांव बनवीरपुर में एक दंगल का उद्घाटन करने जाना था। रास्ते में तिकुनिया में ही लखीमपुर और आसपास के जिलों के किसान विरोध करने के लिए भारी संख्या इकट्ठा हो गए।


रूट डायवर्जन के बावजूद हो गया बवाल
किसानों के इकट्ठा होने के कारण उप-मुख्यमंत्री का केंद्रीय मंत्री के गांव बनवीरपुर तिकुनियां मार्ग से जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। हालांकि अपने गांव से उप-मुख्यमंत्री को लेने जा रहे केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्र तिकुनियां मार्ग से ही गुजरे। दोपहर लगभग दो बजे कस्बे के विद्युत उपकेंद्र के पास इकट्ठे हुए किसानों और आशीष मिश्र के बीच झड़प हो गई। किसानों नेताओं का आरोप है कि इसी दौरान आशीष ने उनके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी। इसमें कई किसान घायल हो गए।

इनमें से गुरुविंदर सिंह उर्फ ज्ञानी सिंह (22) निवासी मटेरा (बहराइच) थाना क्षेत्र के गांव मोहरनिया, दलजीत सिंह (24) निवासी नानपारा (बहराइच) के गांव बंजारनटांडा और खीरी की पलिया तहसील के गांव चौगड़ा फार्म निवासी 25 वर्षीय लवप्रीत सिंह समेत चार की मौत हो गई। इसके बाद किसानों ने काफिले की दोनों गाड़ियों पर धावा बोल दिया और गाड़ी में मौजूद सभी लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष ने खेतों में घुसकर जान बचाई। वहीं आशीष के चालक हरिओम को किसानों ने घेर लिया और जमकर मारपीट की। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी का कहना है कि इस मारपीट से चालक की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि हंगामे के दौरान चालक को पत्थर लगा और इसी वजह से गाड़ी अनियंत्रित होकर किसानों पर चढ़ गई।

बवाल की सूचना पाते ही उप-मुख्यमंत्री मौर्य बनवीरपुर गांव के बीच रास्ते ही लौटकर बेलरायां में गेस्ट हाउस पहुंच गए। शासन ने एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार सहित कई आला अधिकारियों को मौके पर भेज दिया।

लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों की सूची
1. गुरविंदर सिंह पुत्र सुखविन्द्रर सिंह, ग्राम मकरोनिया नानपारा (आयु  20 वर्ष)
2. दलजीत सिंह पुत्र हरी सिंह, ग्राम बनजारा ठठ्ठा नानपारा (आयु 35)
3. नक्षत्र सिंह पुत्र सुब्बा सिंह, ग्राम नयापुरवा धौरहरा (आयु 65) 
4.लवप्रीत सिंह पुत्र सतिनाम सिंह चौकड़ा फार्म पलियाकला (आयु 20)

इंटर कॉलेज में बड़ी संख्या में जुटने लगे किसान
बवाल की सूचना जैसे ही आसपास के जिलों में पहुंची तो बड़ी संख्या में किसान तिकुनियां में कौड़ियाला रोड स्थित महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज में जुटना शुरू हो गए। वहां दो किसानों के शव रखकर केंद्रीय मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। वहीं किसान लखीमपुर के जिला अस्पताल से मृत दो साथियों के शव बिना पोस्टमार्टम के ही ले गए।

इसी बीच गाजीपुर (दिल्ली) की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसान नेता राकेश टिकैत ने लखीमपुर कूच की घोषणा कर दी। इसके बाद किसानों ने तिकुनियां के अग्रसेन इंटर कॉलेज में इकट्ठा होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। दो किसानों के शव के साथ देर शाम तक डटे रहे। किसानों ने केंद्रीय मंत्री के बेटे पर हत्या का मुकदमा दर्ज गिरफ्तारी की मांग रख दी।  

सुधर जाओ... मंत्री की इसी टिप्पणी ने लगाई चिंगारी
तिकुनियां में बवाल की आग आठ दिन पहले संपूर्णानगर में आयोजित किसान गोष्ठी से सुलगनी शुरू हो गई थी। 25 सितंबर को वहां जाने के दौरान केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी को काले झंडे दिखाए गए थे। इस पर उन्होंने मंच से ही किसानों को धमकाते हुए कहा था.. सुधर जाओ वरना सुधार देंगे। 

कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध कर रहे थे

किसानों का आरोप है कि वह कृषि कानूनों के खिलाफ और गृह राज्य मंत्री की किसानों के प्रति की गई टिप्पणी से आहत थे। इसके विरोध में उन्होने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करना तय किया था। इसलिए वह तिकुनिया कस्बे से थोड़ी दूर विद्युत उपकेंद्र के आगे बैरियर के पास खड़े थे, लेकिन उन्हें सूचना मिली थी कि सांसद के गांव बनवीरपुर जाने के लिए डिप्टी सीएम का मार्ग बदल गया है।

किसानों ने लगाए गंभीर आरोप
इसी दौरान खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा उर्फ मोनू दो गाड़ियों से उसी रास्ते से निकले तो, किसानों ने उनकी गाड़ी को रोककर विरोध करने की कोशिश की। किसानों का आरोप है कि इस बीच सांसद पुत्र के ड्राइवर ने उन पर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे कई किसान घायल हो गए। बाद में चार किसानों की मौत हो गई। एक मृतक किसान गुरविंदर सिंह पुत्र सुखविंदर सिंह बहराइच के मोहनिया गांव और दलजीत सिंह बंजारा टांडा गांव का रहने वाला था। वहीं, बजिंदर सिंह ग्राम बैरिया थाना निघासन गंभीर रूप से घायल हैं।

किसान खेल मैदान में डटे हुए

उधर, किसानों के रौंदे जाने पर भीड़ भड़क गए और उन्होंने मंत्री पुत्र की गाड़ी पर हमला कर किया और आरोपी ड्राइवर हरिओम की पिटाई शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि भीड़ की पिटाई में ड्राइवर की मौत हो गई है। इस दौरान सांसद पुत्र भाग निकले। बाद में किसानों ने सांसद पुत्र की दोनों गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया है। किसान नेता गुरमीत सिंह रंधावा का कहना है कि जब तक प्रशासन के उच्चाधिकारी मौके पर नहीं आते हैं, तब तक किसान घटनास्थल पर बने रहेंगे। सभी किसान इस वक्त कौड़ियाला रोड पर स्थित महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज खेल मैदान में डटे हुए हैं।

एडीजी कानून व्यवस्था फौरन मौके पर पहुंचने के निर्देश

इस बीच डीजीपी मुकुल गोयल ने बताया कि इस घटना में दो किसानों के मौत की खबर है और एक घायल है। उन्होंने बताया कि वहां के मौजूदा हालात को देखते हुए एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार को फौरन मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

राकेश टिकैत लखीमपुर खीरी रवाना
घटना के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि लखीमपुर से सैकड़ों किसान कार्यक्रम कर वापस लौट रहे थे, तभी उन पर गाड़ी चढ़ाकर हमला किया गया, इसके बाद फायरिंग की गई। वह भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी के साथ लखीमपुर के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं, पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी है। एसपी सिटी सेकंड ज्ञानेंद्र सिंह और थाना प्रभारी सचिन मलिक फोर्स के साथ किसान नेता से बात करने पहुंचे हैं।

सरकार अब किसानों का दमन करने पर उतारू हो गई है: धर्मेंद्र मलिक

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने आरोप लगाया कि सरकार अब किसानों का दमन करने पर उतारू हो गई है। उन्होंने कहा कि किसान पिछले दस महीने से शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की मांग के लिए धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों के आंदोलन से कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं घटने पाई है, लेकिन सरकार उन पर अब किसानों को ताकत के बल पर डराने का काम कर रही है। लखीमपुर की घटना से यही साबित होता है कि सरकार अब किसी भी कीमत पर उन्हें डराने का काम करेगी।

इसके बाद किसानों का अगला कदम क्या होगा? इस पर किसान नेता ने कहा कि राकेश टिकैत लखीमपुर खीरी के लिए निकल चुके हैं। वे जल्दी ही वहां पहुंच जाएंगे और किसानों से मुलाकात करेंगे। राकेश टिकैत के घटनास्थल से लौटने के बाद एक बैठक की जाएगी और इस बैठक में आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता हन्नन मौला ने अमर उजाला से कहा कि सरकार अब किसानों पर उग्र रूख अपना रही है। आज की घटना के पहले हरियाणा में प्रशासन को किसानों का सर फोड़ने का खुला आदेश दिया गया और असम में दो किसानों की हत्या कर दी गई। इसके बाद आज लखीमपुर खीरी में तीन किसानों की हत्या कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एक के बाद एक लगातार हो रही हिंसात्मक घटनाओं से यह समझ आ रहा है कि अब सरकार किसी भी कीमत पर किसानों का आंदोलन दबाने के लिए तैयार है और इसके लिए वह किसानों के ऊपर किसी भी सीमा तक जाकर दमन कर सकती है।
 

शामली में किसानों ने लगाया जाम, सोमवार को देशभर के डीएम कार्यालयों के बाहर आंदोलन का एलान

शामली में गुरुद्वारा तिराहे पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने जाम लगाया दिया है। लखीमपुर खीरी में हुई घटना को लेकर काफी संख्या में किसान एकत्र हैं। सीओ और एसडीएम जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव इमरान मसूद ने कहा कि लखीमपुर खीरी में घिनौना कृत्य हुआ है। मंत्री का इस्तीफा लिया जाना चाहिए और हत्या का मुकदमा होना चाहिए। किसानों की लड़ाई अपने मुद्दों को लेकर सरकार से है, किसी व्यक्ति से नहीं, किसानों के आंदोलन को इस तरह कुचलना बेहद निंदनीय है।

वहीं  योगेंद्र यादव ने कहा कि यूपी के लखीमपुर खीरी में दो किसानों की मौत के विरोध में सोमवार को देशभर के डीएम कार्यालयों के बाहर आंदोलन करेंगे।

कई किसान नेता लखीमपुर रवाना हुए

लखीमपुर में हुई घटना का असर बिजनौर में भी नजर आ रहा है। यहां के किसान नेताओं के इसे लेकर आक्रोष है। हालांकि जिले में कहीं प्रदर्शन की तो सूचना नहीं है, लेकिन भाकियू नेता दिगंबर सिंह कई साथियों के साथ लखीमपुर रवाना हो गए। इसके अलावा भी कई अन्य नेेताओं के भी लखीमपुर जाने की बात कही जा रही है।

यह सत्ता की हनक, लखीमपुर जाकर लेंगे हिसाबः दिगंबर सिंह
भाकियू नेता दिगंबर सिंह ने कहा कि मैं लखीमपुर के लिए निकल चुका हूं और रास्ते में हूं। वहां जो हुआ, वह सत्ता के अहंकार की पराकाष्टा है। इसका हिसाब हम लखीमपुर जाकर ही लेंगे। हमने जिले के किसानों से धैर्य रहने को कहा है।

एक घायल किसान की हालत गंभीर, दूसरे अस्पताल में किया गया रेफर

लखीमपुर खीरी जिला अस्पताल के डॉ ललित कुमार ने बताया कि दो व्यक्तियों को मृत अस्पताल लाया गया था। एक तजिंदर सिंह नामक शख्स को चोटें आईं। उसे प्राथमिक उपचार दिया गया लेकिन उसकी हालत गंभीर है। हम उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर रहे हैं।  

वहीं संयुक्त किसान मोर्चा ने दावा किया कि तीन किसानों में से एक की हत्या राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष (मोनू) मिश्रा ने की, जबकि अन्य दो को कथित तौर पर लखीमपुर खीरी में वाहनों द्वारा कुचल दिया गया।

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