{"_id":"6946e244eacb5805b202e1ae","slug":"two-doctors-appear-in-tikunia-violence-case-one-records-statement-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1010-164073-2025-12-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: तिकुनिया हिंसा मामले में दो डॉक्टर पेश, एक ने दर्ज कराए बयान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: तिकुनिया हिंसा मामले में दो डॉक्टर पेश, एक ने दर्ज कराए बयान
Sat, 20 Dec 2025 11:22 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 20 Dec 2025 11:22 PM IST
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में शनिवार को एडीजे देवेंद्र नाथ सिंह की अदालत में दो डॉक्टर पेश हुए। इसमें डॉक्टर अनिल कुमार के बयान और जिरह पूरी हो गई। दूसरे डॉक्टर अजमेर सिंह को गवाही से डिस्चार्ज करते हुए अगले गवाह को तलब करने का आदेश देते हुए कोर्ट ने 23 दिसंबर की तारीख मुकर्रर की गई है।
तिकुनिया हिंसा मामले में चोटिल गुरनाम सिंह की चोटों का डॉक्टरी मुआयना करने वाले डॉक्टर अनिल कुमार को शनिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश किया गया, जिन्होंने अपने बयान में बताया कि आज से चार साल पहले उन्होंने चोटिल गुरनाम सिंह की चोटों का डॉक्टरी परीक्षण किया था। उन्होंने बताया कि मामले में उन्होंने डॉक्टरी मुआयना रिपोर्ट भी बनाई थी, जो पत्रावली में रखी है।
डॉक्टर अनिल कुमार से जिरह पूरी होने के बाद अदालत में निघासन सीएचसी के डॉक्टर अजमेर सिंह ने जिस मरीज का इलाज किया था, उस मरीज की डॉक्टरी परीक्षण रिपोर्ट पत्रावली में नहीं शामिल थी और न ही उसके मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबंद बयान दर्ज कराए गए थे।
विज्ञापन
अभियोजन की ओर से उसे डिस्चार्ज करते हुए अगले गवाह को पेश करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
तिकुनिया हिंसा मामले में चोटिल गुरनाम सिंह की चोटों का डॉक्टरी मुआयना करने वाले डॉक्टर अनिल कुमार को शनिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश किया गया, जिन्होंने अपने बयान में बताया कि आज से चार साल पहले उन्होंने चोटिल गुरनाम सिंह की चोटों का डॉक्टरी परीक्षण किया था। उन्होंने बताया कि मामले में उन्होंने डॉक्टरी मुआयना रिपोर्ट भी बनाई थी, जो पत्रावली में रखी है।
विज्ञापन
डॉक्टर अनिल कुमार से जिरह पूरी होने के बाद अदालत में निघासन सीएचसी के डॉक्टर अजमेर सिंह ने जिस मरीज का इलाज किया था, उस मरीज की डॉक्टरी परीक्षण रिपोर्ट पत्रावली में नहीं शामिल थी और न ही उसके मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबंद बयान दर्ज कराए गए थे।
विज्ञापन
अभियोजन की ओर से उसे डिस्चार्ज करते हुए अगले गवाह को पेश करने का आदेश दिया है।