{"_id":"585927794f1c1b1864e39f24","slug":"tur-dal-on-affordable-not-fall-in-retail-prices","type":"story","status":"publish","title_hn":"अरहर की दाल सस्ती पर फुटकर में नहीं गिरे दाम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अरहर की दाल सस्ती पर फुटकर में नहीं गिरे दाम
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 20 Dec 2016 11:15 PM IST
विज्ञापन
गिरावट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दालों के दाम हुए धड़ाम पर नहीं मिल रही निजात
अरहर दाल के दामों में लगातार गिरावट आ रही है, लेकिन इसका फायदा आम नागरिकों को नहीं मिल रहा है। वजह है कि मुनाफाखोरी के चलते खुदरा कारोबारी महीने भर से एक ही रेट पर दाल को बेच रहे हैं। मौजूदा समय में अरहर की दाल का थोक रेट 80 से 85 रुपया प्रति किलो चल रहा है। जबकि फुटकर दुकानदार इसे 100 रुपये से 110 रुपये किलो बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। मूल्यों में गिरावट का जो फायदा आम लोगों को मिलना चाहिए वह नहीं मिल रहा है।
इन दिनों ए ग्रेड की अरहर दाल का थोक भाव 85 रुपये से 90 रुपया है जबकि बाजार में यह 110 रुपया प्रति किलो की दर से बिक रहा है। बी ग्रेड की अरहर दाल थोक भाव में 80 रुपये से 85 रुपये किलो है जो बाजार में 100 रुपया किलो बिक रही है। सी ग्रेड की दाल का थोक भाव 77 रुपया से 80 रुपया प्रति किलो है। बाजार में यह 90 रुपया से 95 रुपया प्रति किलो के भाव से खुले आम बिक रही है। इस तरह थोक और फुटकर भाव में 15 रुपया से 20 रुपया प्रति किलो तक अंतर है।
लोगों को आम तौर से थोक भाव की जानकारी नहीं हो पाती। इसका फायदा फुटकर दुकानदार उठाते हैं। मूल्य गिरने के बावजूद फुटकर दुकानदार महीनों तक पुराने रेट में ही दालें बेचते रहते हैं। एक फुटकर दुकानदार ने बताया कि वह जिस रेट में थोक दुकान से सामान खरीद कर लाते हैं जब तक वह सामग्री खत्म नहीं होती या जब तक दोबारा नहीं लाते उसी रेट पर ही बेचते रहते हैं। थोक भाव के उतार चढ़ाव के अनुसार यदि सामान बेचें तो नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विज्ञापन
उधर दालों के थोक विक्रेता महेंद्र गुप्ता कहते हैं। दाल के थोक मूल्यों में गिरावट या बढ़ोतरी होने पर सभी थोक व्यवसायी ताजे मूल्यों पर ही बिक्री करते हैं। फुटकर दुकानदार किस भाव से दाले बेचते हैं। इससे उनका कोई मतलब नहीं। वैसे फुटकर दुकानदारों को निश्चित मार्जिन लेकर ही मौजूदा थोक मूल्य के अनुसार ही दाल या अन्य सामान बेचना चाहिए।
विज्ञापन
अरहर दाल के दामों में लगातार गिरावट आ रही है, लेकिन इसका फायदा आम नागरिकों को नहीं मिल रहा है। वजह है कि मुनाफाखोरी के चलते खुदरा कारोबारी महीने भर से एक ही रेट पर दाल को बेच रहे हैं। मौजूदा समय में अरहर की दाल का थोक रेट 80 से 85 रुपया प्रति किलो चल रहा है। जबकि फुटकर दुकानदार इसे 100 रुपये से 110 रुपये किलो बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। मूल्यों में गिरावट का जो फायदा आम लोगों को मिलना चाहिए वह नहीं मिल रहा है।
इन दिनों ए ग्रेड की अरहर दाल का थोक भाव 85 रुपये से 90 रुपया है जबकि बाजार में यह 110 रुपया प्रति किलो की दर से बिक रहा है। बी ग्रेड की अरहर दाल थोक भाव में 80 रुपये से 85 रुपये किलो है जो बाजार में 100 रुपया किलो बिक रही है। सी ग्रेड की दाल का थोक भाव 77 रुपया से 80 रुपया प्रति किलो है। बाजार में यह 90 रुपया से 95 रुपया प्रति किलो के भाव से खुले आम बिक रही है। इस तरह थोक और फुटकर भाव में 15 रुपया से 20 रुपया प्रति किलो तक अंतर है।
विज्ञापन
लोगों को आम तौर से थोक भाव की जानकारी नहीं हो पाती। इसका फायदा फुटकर दुकानदार उठाते हैं। मूल्य गिरने के बावजूद फुटकर दुकानदार महीनों तक पुराने रेट में ही दालें बेचते रहते हैं। एक फुटकर दुकानदार ने बताया कि वह जिस रेट में थोक दुकान से सामान खरीद कर लाते हैं जब तक वह सामग्री खत्म नहीं होती या जब तक दोबारा नहीं लाते उसी रेट पर ही बेचते रहते हैं। थोक भाव के उतार चढ़ाव के अनुसार यदि सामान बेचें तो नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विज्ञापन
उधर दालों के थोक विक्रेता महेंद्र गुप्ता कहते हैं। दाल के थोक मूल्यों में गिरावट या बढ़ोतरी होने पर सभी थोक व्यवसायी ताजे मूल्यों पर ही बिक्री करते हैं। फुटकर दुकानदार किस भाव से दाले बेचते हैं। इससे उनका कोई मतलब नहीं। वैसे फुटकर दुकानदारों को निश्चित मार्जिन लेकर ही मौजूदा थोक मूल्य के अनुसार ही दाल या अन्य सामान बेचना चाहिए।