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10 मिनट में पीड़ितों का दिल जीतने की कोशिश

Thu, 17 Aug 2017 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  ईसानगर (लखीमपुर खीरी)।
अमर उजाला ब्यूरो  ईसानगर (लखीमपुर खीरी)। Updated Thu, 17 Aug 2017 12:15 AM IST
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Trying to win the heart of the victims in 10 minutes
सीएम - फोटो : अमर उजाला
जिले में पर्यटन की संभावनाएं भी जताईं 
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तहसील धौरहरा के सिसैया चौराहा स्थित ओएनजीसी ग्राउंड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने 10 मिनट के भाषण में कटान पीड़ितों के दिल को जीतने की कोशिश की। मुख्यमंत्री अपने संबोधन में जब जब अधिकारियों को सचेत करते और पीड़ितों को सुविधाएं देने में लापरवाही न मिलने की चेतावनी देते तो भीड़ में से नारेबाजी होने लगती। कई बार तालियां भी बजीं। लोग खुश नजर आए। ऐसा लगा कि भोजन, दवाई और मकान सहित सभी सुविधाएं देने के मुख्यमंत्री के आदेश ने पीड़ितों का दिल जीत लिया हो। 
 
बाढ़ रोकने को नेपाल से चल रही वार्ता 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ की स्थायी समाधान के लिए केंद्र और प्रदेश की सरकार नेपाल सरकार से भी वार्ता कर रही है। बाढ़ रोकने को नेपाल में चल रही पंचेश्वर आदि परियोजनाओं में भी तेजी लाई जाएगी। ताकि यहां बाढ़ न आए। 
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शारदा नदी से होने वाली क्षति रोकने को कार्ययोजना बने 
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि शारदा नदी से होने वाली क्षति रोकने को कार्ययोजना बनाई जाए। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ डीएम कार्ययोजना बनाएं। 
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कृषि और पर्यटन को विकसित किया जाएगा 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में कृषि और पर्यटन में अपार संभावनाएं हैं। इन्हें विकसित कर रोजगार को बढ़ावा दिया जा सकता है। इसके लिए युवाओं, महिलाओं और किसानों के हित के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी। 
 
सांसदों और विधायकों की भी सुनीं 
सीएम योगी ने मंच पर ही दोनों सांसदों क्रमश: अजय मिश्र टेनी और रेखा वर्मा से जिले के बारे में जानकारी ली। सांसदों ने जिले की संभावनाओं और विकास को लेकर चर्चा की। वहीं गोला विधायक अरविंद गिरि, मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह और पलिया विधायक रोमी साहनी ने भी अपने अपने क्षेत्र के विकास की बाबत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों को विकास योजनाओं को लेकर आश्वस्त किया। 
 
इनकी रही मौजूदगी 
मुख्यमंत्री के सभा के दौरान जिले की प्रभारी मंत्री गुलाब देवी, भाजपा जिलाध्यक्ष शरद बाजपेई, जिला प्रभारी नरेंद्र प्रताप सिंह, खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी, धौरहरा सांसद रेखा वर्मा, विधायक सदर योगेश वर्मा, गोला विधायक अरविंद गिरि, धौरहरा से बाला प्रसाद अवस्थी, निघासन से रामकुमार वर्मा, श्रीनगर से मंजू त्यागी, मोहम्मदी से लोकेंद्र प्रताप सिंह, पलिया से रोमी साहनी, कस्ता से सौरभ सिंह सोनू, विजय शुक्ला रिंकू, ठाकुर प्रसाद गंगवार, इंद्रजीत यादव, अनुराग मिश्र सहित अन्य जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के लोग मौजूद रहे।  
 
डीएम-एसपी ने भेंट की राष्ट्रकवि की काव्य कृति 
डीएम आकाशदीप और एसपी डॉ एस चन्नप्पा ने मुख्यमंत्री को जिले के निवासी राष्ट्रकवि पंडित बंशीधर शुक्ल की काव्य कृति भेंट की। 
 
किसको क्या दे गए मुख्यमंत्री 
मुख्यमंत्री ने सात कटान प्रभावित व्यक्तियों को गृह अनुदान स्वीकृति पत्र वितरित किए, जिनमें से बाढ़ से आवासीय झोपड़ी के नष्ट होने के कारण 05 लाभार्थियों को 4100 रुपये का गृह अनुदान सहित दो लाभार्थियों को पक्का आवासीय मकान नष्ट होने के कारण 95100 रुपये की गृह अनुदान स्वीकृति पत्र प्रदान के साथ साथ खाद्यान्न किट भी वितरित किए। साथ ही तहसील धौरहरा के कटान प्रभावित क्षेत्रों के पांच सौ लोगों को खाद्यान्न किट का वितरण किया गया। 
 
...और मायूस होकर लौट गए ये बाढ़ पीड़ित 
धौरहरा के बाढ़ प्रभावित गांव हुलासपुरवा के 50 से अधिक लोग बुधवार की सुबह ही यह उम्मीद लेकर ओएनजीसी ग्राउंड पर आ गए थे कि मुख्यमंत्री आएंगे तो उनकी सुनेंगे और उन्हें अपने नुकसान का मुआवजा व खाद्यान्न मिलेगा। वह मुख्यमंत्री के हेलीकॅाफ्टर उड़ने तक यह आस भी लगाए रहे, लेकिन जब सीएम चले गए तो वह मायूस होकर लौट गए। इस बीच मीडिया के लोगों से इन लोगों ने अपना दर्द भी बयां किया। प्रस्तुत है कुछ लोगों से बातचीत के अंश: 

सबेरे से बइठे रहेन, कुछउ नाइ मिला 
हुलापुरवा निवासी मुस्तफा, जलील, जहूर, 85 वर्षीय ईश्वरा देवी, जहूरा और शाहीम कहते हैं कि सबेरे से सीएम साहेब कै आवइ तक बइठे रहेन, निकिल कुछउ नाइ मिला। इनकी घर बखरी सबकुछ बाढ़ में समा गया। तहसील के लेखपाल उनका नाम भी नोट कर ले गए हैं, लेकिन इन्हें कसक है कि अभी तक उन्हें कोई मदद नहीं मिल सकी है। मुख्यमंत्री के आने की खबर आई तो यह अपने अन्य लोगों के साथ यहां आए थे। कहते हैं, कुछ लोगों को खाद्यान्न मिलते देख उम्मीद जगी थी, लेकिन उनका नाम नहीं पुकारा गया। इस पर वह सभी नाउम्मीद होकर लौट गए।
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