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हम पर भरोसा करें, बेसिक स्कूलों में नाम लिखाएं
अब्दुल सलीम खान/बिजुआ (खीरी)।
Updated Mon, 11 Jul 2016 11:55 PM IST
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खोया हुआ यकीन वापस पाने को बेसिक स्कूलों की नई शुरुआत
फ्लैक्स, होर्डिंग के जरिए अभिभावकों को कंविंस करने में जुटे गुरुजी
बेसिक स्कूलों को लेकर लोगों के जहन में बन चुकी तस्वीर को अब बदलने की कवायद की जा रही है। कंपटीशन के दौर में अब बेसिक स्कूल भी पीछे नही रहना चाहते, अभिभावकों के बीच साख वापस पाने के लिए कांवेंट की तर्ज पर प्रचार प्रसार शुरू किया गया है। स्कूल चलो अभियान में महज एक दिन रैली निकालकर खानापूरी करने वाले विभाग की इमेज तोड़ने की बिजुआ ब्लाक के अषाणी न्याय पंचायत से शुरुआत हुई है। गांवों के गलियारों के अलावा मुख्य मार्गों के किनारे प्राइमरी स्कूलों के प्रचार के बोर्ड नई शुरुआत हैं।
अमूमन लोगों के जहन में सरकारी स्कूल का नाम लेते ही टाट-पट्टी पर बैठे और एमडीएम के लिए आपस में भिड़ती हुई बच्चों की तस्वीर सामने आती है। वहीं गुरुजनों के लिए लोगों के जहन में बनने वाली तस्वीर इससे भी बदतर होती है। इसी सोच को बदलने की शुरुआत बिजुआ ब्लाक से की गई है। इसी के चलते अषाणी एवं भानपुर एनपीआरसी प्रभारी अमित शुक्ला और वीरेंद्र शुक्ला ने फ्लैक्स बनवाए हैं। इन पर अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बेसिक स्कूलों पर यकीन करें और अपने बच्चों के नाम लिखाएं। अषाणी एनपीआरसी प्रभारी अमित कहते हैं कि पढ़े बिजुआ-बढ़े बिजुआ के तहत इस कार्यक्रम को शुरू किया गया है।
लगाए गए फ्लैक्स
यहां-वहां लगे फ्लैक्स बरबस ही ध्यान खींचते हैं, इन पर लिखी अपील देखकर लगता है कि बेसिक स्कूल अपनी छवि तोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। फलैक्स के अलावा लोगों से मिलकर उन्हें बेसिक स्कूलों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
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स्कूलों में भी दिख रहा बदलाव
प्राथमिक स्कूल चकपसियापुर के कक्षाओं में दरवाजे खिड़कियों में पड़े पर्दे, टेबिल पर बैठकर पढ़ते बच्चे देखकर सरकारी स्कूलों में बदलाव साफ दिखता है। इसके अलावा रामदीनपुरवा के यूपीएस स्कूल के बच्चों का जिले के आला अफसरों के सामने जिला स्तरीय कार्यक्रम में अंग्रेजी में नाटक प्ले करना बदलाव का ही एक हिस्सा है। उच्च प्राथमिक स्कूल सूरजपुर, प्राथमिक स्कूल कचनारा, मझौरा, दाउदपुर, बद्रीपुर, वसलीपुर ग्रंट, बंगाली कॉलोनी समेत कई स्कूल में अब पढ़ाई का तौर तरीका बदल चुका है, इन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे खुद इस बदलाव के गवाह हैं।
स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत ब्लाक के एनपीआरसी अषाणी एवं भानपुर क्षेत्र से की गई है, इसे बिजुआ के सभी एनपीआरसी क्षेत्रों में किया जा रहा है। शासन की मंशा के मुताबिक स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन कराने एवं लोगों के बीच सरकारी स्कूलों में बच्चों के नाम लिखाने के लिए जागरूक करने की ये एक शुरुआत है।
-अनुराग कुमार मिश्रा-खंड शिक्षा अधिकारी, बिजुआ
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फ्लैक्स, होर्डिंग के जरिए अभिभावकों को कंविंस करने में जुटे गुरुजी
बेसिक स्कूलों को लेकर लोगों के जहन में बन चुकी तस्वीर को अब बदलने की कवायद की जा रही है। कंपटीशन के दौर में अब बेसिक स्कूल भी पीछे नही रहना चाहते, अभिभावकों के बीच साख वापस पाने के लिए कांवेंट की तर्ज पर प्रचार प्रसार शुरू किया गया है। स्कूल चलो अभियान में महज एक दिन रैली निकालकर खानापूरी करने वाले विभाग की इमेज तोड़ने की बिजुआ ब्लाक के अषाणी न्याय पंचायत से शुरुआत हुई है। गांवों के गलियारों के अलावा मुख्य मार्गों के किनारे प्राइमरी स्कूलों के प्रचार के बोर्ड नई शुरुआत हैं।
अमूमन लोगों के जहन में सरकारी स्कूल का नाम लेते ही टाट-पट्टी पर बैठे और एमडीएम के लिए आपस में भिड़ती हुई बच्चों की तस्वीर सामने आती है। वहीं गुरुजनों के लिए लोगों के जहन में बनने वाली तस्वीर इससे भी बदतर होती है। इसी सोच को बदलने की शुरुआत बिजुआ ब्लाक से की गई है। इसी के चलते अषाणी एवं भानपुर एनपीआरसी प्रभारी अमित शुक्ला और वीरेंद्र शुक्ला ने फ्लैक्स बनवाए हैं। इन पर अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बेसिक स्कूलों पर यकीन करें और अपने बच्चों के नाम लिखाएं। अषाणी एनपीआरसी प्रभारी अमित कहते हैं कि पढ़े बिजुआ-बढ़े बिजुआ के तहत इस कार्यक्रम को शुरू किया गया है।
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लगाए गए फ्लैक्स
यहां-वहां लगे फ्लैक्स बरबस ही ध्यान खींचते हैं, इन पर लिखी अपील देखकर लगता है कि बेसिक स्कूल अपनी छवि तोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। फलैक्स के अलावा लोगों से मिलकर उन्हें बेसिक स्कूलों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
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स्कूलों में भी दिख रहा बदलाव
प्राथमिक स्कूल चकपसियापुर के कक्षाओं में दरवाजे खिड़कियों में पड़े पर्दे, टेबिल पर बैठकर पढ़ते बच्चे देखकर सरकारी स्कूलों में बदलाव साफ दिखता है। इसके अलावा रामदीनपुरवा के यूपीएस स्कूल के बच्चों का जिले के आला अफसरों के सामने जिला स्तरीय कार्यक्रम में अंग्रेजी में नाटक प्ले करना बदलाव का ही एक हिस्सा है। उच्च प्राथमिक स्कूल सूरजपुर, प्राथमिक स्कूल कचनारा, मझौरा, दाउदपुर, बद्रीपुर, वसलीपुर ग्रंट, बंगाली कॉलोनी समेत कई स्कूल में अब पढ़ाई का तौर तरीका बदल चुका है, इन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे खुद इस बदलाव के गवाह हैं।
स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत ब्लाक के एनपीआरसी अषाणी एवं भानपुर क्षेत्र से की गई है, इसे बिजुआ के सभी एनपीआरसी क्षेत्रों में किया जा रहा है। शासन की मंशा के मुताबिक स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन कराने एवं लोगों के बीच सरकारी स्कूलों में बच्चों के नाम लिखाने के लिए जागरूक करने की ये एक शुरुआत है।
-अनुराग कुमार मिश्रा-खंड शिक्षा अधिकारी, बिजुआ