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इतिहास के पन्नों में सिमट जाएगा मीटरगेज का सफर 

Thu, 06 Oct 2016 11:20 PM IST
अवनीश शुक्ला/लखीमपुर खीरी।
अवनीश शुक्ला/लखीमपुर खीरी। Updated Thu, 06 Oct 2016 11:20 PM IST
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Travel will be confined to the pages of history of the meter gauge
line - फोटो : amar ujala
- ऐशबाग से मैलानी के बीच आमान परिवर्तन के काम में आई तेजी
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- 15 अक्टूबर से नहीं चलेंगी सीतापुर मैलानी के बीच ट्रेनें

जिले के लोगों को लखनऊ से लेकर राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर और वीरभूमि जोधपुर के साथ, कभी मुगलों की राजधानी रही ताज नगरी आगरा तक का सफर कराने वाली छोटी लाइन की पटरियां अब इतिहास के पन्नों में सिमटने के कगार पर हैं। नजाकत और नफासत के लिए मशहूर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को नैनीताल के पहाड़ों तक पहुंचाने वाली छोटी लाइन की ट्रेनें बस यादें बनकर रह जाएंगी। अमान परिवर्तन के चलते 15 अक्तूबर से सीतापुर से मैलानी के बीच ट्रेनों को बंद करने की तैयारी है। 
करीब 130 साल पहले अंग्रेजी हुकूमत में शुरू हुई मीटर गेज की ट्रेनें राजधानी लखनऊ के लिए जिला खीरी होते हुए बरेली, राजस्थान के जोधपुर, काठगोदाम, आगरा सहित मथुरा तक का सफर कराती थीं, लेकिन ब्राडगेज के विस्तार के साथ ही मीटर गेज का दायरा सिमटने लगा। चारबाग से मैलानी के बीच 1886 और 1887 में शुरू हुई मीटर गेज लाइन 2016 में खत्म हो जाएगी। बता देें कि ऐशबाग से पीलीभीत ( 262.76 किमी.) मीटर गेज को ब्राडगेज गेज में बदले जाने का काम तीन चरणों में पूरा किया जाना है।  
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पहले चरण में ऐशबाग से सीतापुर, दूसरे चरण में सीतापुर से मैलानी और अंत में मैलानी से पीलीभीत के बीच शुरू होगा। रेलवे अधिकारियों ने अनुसार दूसरे चरण काम पूरा होने के बाद ही मैलानी पीलीभीत  के बीच मेगा ब्लाक लिया जाना संभव होगा, जिसमें अभी कई महीनों का समय लगेगा। ऐशबाग से मैलानी के बीच चार चरणों के बीच मीटर गेज का सफर शुरू हुआ था। पहले चरण में लखनऊ से सीतापुर, दूसरे में सीतापुर से लखीमपुर, तीसरे चरण में लखीमपुर से गोला और चौथे चरण में गोला से मैलानी के बीच ट्रेनें शुरू हुई थीं।
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इस तरह शुरू हुआ था मीटर गेज का सफर
लखनऊ से सीतापुर    15 नवम्बर 1886 ( 86.30 किमी.)
सीतापुर से लखीमपुर  15 अप्रैल  1887   (106.92 किमी.)
लखीमपुर से गोला      15 दिसम्बर 1887 (58.18 किमी. )
गोला से पीलीभीत        1 अप्रैल 1891      ( करीब 86 किमी.)

सिमट गया मरुधर एक्सप्रेस का दायरा
चारबाग लखनऊ से जोधपुर तक का सीधा सफर कराने वाली मरूधर एक्सप्रेस का दायरा ब्राडगेज के विस्तार के साथ सिकुड़ता गया। ब्राडगेज के विस्तार के बाद मरूधर एक्सप्रेस का संचालन चारबाग से आगरा फोर्ट फिर मथुरा और उसके बाद ऐशबाग से इज्जतनगर और फिर सिमटकर पीलीभीत तक ही रह गया। वहीं इस रूट की सबसे वीआईपी ट्रेन नैनीताल एक्सप्रेस, जो चारबाग से लालकुआं तक जाती थी, पहले इसका संचालन भोजीपुरा तक किया गया और फिर उसके बाद टनकपुर कर दिया गया।
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