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टॉवर निर्माण में मानकों की अनदेखी, काम धीमा
निघासन
Updated Sat, 06 Jun 2015 06:58 PM IST
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आंधी में गिरे बिजली के टॉवरों को लगाने का कार्य धीमी गति से होने और मानकों की अनदेखी करने से नाराज व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने हंगामा काटा। सुपरवाइजर की बदसलूकी से नाराज व्यापारियों ने समाधान दिवस में ज्ञापन सौंपते हुए मामले की जांच कराने और शीघ्र ही टॉवरों को सही कराने की मांग की।
निघासन व्यापार मंडल अध्यक्ष एके चौबिया, मनोज श्रीवास्तव दामोदर प्रसाद वर्मा, मोनू दीक्षित, आफताब साहिल, बबलू वर्मा, सचिन गुप्ता, मुजम्मिल आदि रायपुर के पास गिरे 132 केवी के टॉवरों को लगाने के चल रहे काम को देखने के लिए गए। व्यापारियों का आरोप है कि वहां पर मजदूरों के अलावा कोई मौजूद नहीं था। टॉवरों को खड़ा करने वाले कंपनी के ठेकेदार, सुपरवाइजर और ट्रांसमिशन का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी का कहीं पता नहीं था। टॉवरों की फाउंडेशन बनाने में खराब सीमेंट तथा मौरंग का प्रयोग किया जा रहा था। व्यापारियों ने इसकी शिकायत ट्रांसमिशन एसडीओ और सुपरवाइजर विमल से फोन पर की।
आरोप है कि एसडीओ ने मामले की जांच करने की बात कही, लेकिन विमल के गलत बयानबाजी पर व्यापारी भड़क गए और हंगामा काटते हुए काम बंद करा दिया। करीब एक घंटे बाद वहां पर पेटी कांटेक्टर रमेश यादव आ गए और उन्होंने व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को शांत कराते हुए काम चालू कराया। पदाधिकारी सीमेंट और मौंरग का नमूना लेकर थाने में चल रहे समाधान दिवस में पहुंचे। वहां एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपते हुए मामले की जांच कराने और टॉवरों को शीघ्र सही कराने की मांग की।
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एसडीओ ट्रांसमिशन मुकेश कुमार ने बताया कि अधिक दूरी के कारण वहां नहीं जा सका था। घटिया किस्म की मौरंग और सीमेंट के लिए सुपरवाइजर विमल को फटकारा था। यदि उसने सामग्री वापस नहीं की ही तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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निघासन व्यापार मंडल अध्यक्ष एके चौबिया, मनोज श्रीवास्तव दामोदर प्रसाद वर्मा, मोनू दीक्षित, आफताब साहिल, बबलू वर्मा, सचिन गुप्ता, मुजम्मिल आदि रायपुर के पास गिरे 132 केवी के टॉवरों को लगाने के चल रहे काम को देखने के लिए गए। व्यापारियों का आरोप है कि वहां पर मजदूरों के अलावा कोई मौजूद नहीं था। टॉवरों को खड़ा करने वाले कंपनी के ठेकेदार, सुपरवाइजर और ट्रांसमिशन का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी का कहीं पता नहीं था। टॉवरों की फाउंडेशन बनाने में खराब सीमेंट तथा मौरंग का प्रयोग किया जा रहा था। व्यापारियों ने इसकी शिकायत ट्रांसमिशन एसडीओ और सुपरवाइजर विमल से फोन पर की।
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आरोप है कि एसडीओ ने मामले की जांच करने की बात कही, लेकिन विमल के गलत बयानबाजी पर व्यापारी भड़क गए और हंगामा काटते हुए काम बंद करा दिया। करीब एक घंटे बाद वहां पर पेटी कांटेक्टर रमेश यादव आ गए और उन्होंने व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को शांत कराते हुए काम चालू कराया। पदाधिकारी सीमेंट और मौंरग का नमूना लेकर थाने में चल रहे समाधान दिवस में पहुंचे। वहां एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपते हुए मामले की जांच कराने और टॉवरों को शीघ्र सही कराने की मांग की।
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एसडीओ ट्रांसमिशन मुकेश कुमार ने बताया कि अधिक दूरी के कारण वहां नहीं जा सका था। घटिया किस्म की मौरंग और सीमेंट के लिए सुपरवाइजर विमल को फटकारा था। यदि उसने सामग्री वापस नहीं की ही तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।