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व्यस्ततम और प्रमुख जगहों पर आधी आबादी के लिये टॉयलेट तक नहीं... परेशान होती हैं महिलाएं

Thu, 25 Aug 2022 01:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 25 Aug 2022 01:33 AM IST
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toilet problem
लखीमपुर खीरी। शहर में आधी आबादी के लिए पर्याप्त शौचालय का इंतजाम नहीं है। जो एक है वह भी ऐसी जगह पर, जो कि व्यस्ततम जगहों व मुख्य बाजार से काफी दूर है। ऐसे में घर से बाजार निकली महिलाओं को काफी असुविधा हो रही है।
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टॉयलेट न होने की वजह से महिलाओं को यूरिन काफी समय तक रोके रहना पड़ता है। मजबूरी में महिलाएं महिलाएं घर से बाहर निकलने के दो-तीन घंटे पहले से ही पानी आदि का सेवन करना बंद कर देती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बाथरूम रोकना या फिर देर तक पानी न पीना, यह दोनो स्थितियां सेहत के लिए हानिकारक हैैं। क्योंकि इससे यूटीआई संक्रमण का खतरा रहता है। गांव से तमाम महिलाएं, युवतियां और छात्राएं शहर में रोजाना आती हैं। आठ से दस घंटे शहर में रहने पर शौचालय की जरूरत पड़ना लाजिमी है, लेकिन नगर में पर्याप्त महिला शौचालय न होने के कारण महिलाओं को टॉयलेट महसूस होने पर परेशानी उठानी पड़ती है।
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राजापुर चौराहा पर रहती है यात्रियों की भीड़
लखीमपुर खीरी। राजापुर चौराहा हाईवे से सीधे जुड़ा है। इससे बहराइच और धौरहरा से आने वाली तमाम बसें और निजी गाड़ियां वहां रुकती हैं। यहां से गोला और लखनऊ के लिए भी लोग बस या टैक्सी पकड़ते हैं। पुलिस चौकी के पास पीने के पानी की टंकी तो लगी है, लेकिन महिलाओं के लिए यहां हाईवे पर किलोमीटरों तक कोई शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इससे महिलाएं लोगों से टॉयलेट का पता पूछती हैं, लेकिन उन्हें निराशा का सामना करना पड़ता है। चूंकि यह नगर पालिका की सीमा से बाहर है, इसलिये भी यहां किसी तरह का शौचालय नहीं बन सका है।
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एक पिंक सहित शहर में मात्र 14 शौचालय
शहर में 14 शौचालय हैं, जिसमें एक पिंक टायलेट है। खपरैला बाजार से लेकर मेन रोड और संकटा देवी रोड पर कोई शौचालय नहीं है। जबकि इन जगहों पर ही महिलाओं के लिए मुख्य बाजार है। ऐसे में सवाल है कि इन स्थानों पर खरीदारी के लिए आईं महिलाएं टॉयलेट के लिए कहां जाएं।
खपरैला बाजार में दिन भर रहती है महिलाओं की भीड़
खपरैला बाजार शहर का मुख्य पुराना बाजार है। इसमें सौंदर्य प्रसाधन से लेकर कपड़े, किराना आदि की दुकानें है। इसलिए सुबह से लेकर शाम तक खासकर महिलाओं की भीड़ बनी रहती है। मगर, यहां पर पर शौचालय न होने के कारण महिलाओं को असुविधा होती है।
महिला शौचालय में पड़ा रहता है ताला
नगर पालिका ने पिछले साल लाखों की लागत से टीबी अस्पताल के पास संयुक्त शौचालय बनवाया, लेकिन इसमें हर समय ताला पड़ा रहने के कारण लोगों को इसका लोगों का इसका लाभ नहीं मिलता। इसका ताला खुलवाने के लिए न तो पालिका गंभीर है और न ही जिले के जिम्मेदार।
यूटीआई संक्रमण का कारण है देर तक टॉयलेट रोकना
यूटीआई यानि यूरीनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन के वैसे तो कई कारण है, लेकिन इसकी मुख्य वजह टॉयलेट लगने के बावजूद देर तक न शौचालय न जाना। इसे रोककर रखना या फिर गंदे शौचालय का उपयोग करना। समस्या होने पर बिना देर किए डॉक्टर दिखाएं। ताकि समस्या से बचा जा सके। - डॉ. सुप्रिया मिश्रा, एमडी, स्त्री रोग विशेषज्ञ

शहर में 14 शौचालय हैं। इसमें एक महिलाओं के लिए है और एक कंपनी बाग में निर्माणाधीन है। खपरैला बाजार से लेकर मेन रोड एवं संकटा रोड पर शौचालय के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है। इसके लिए प्रयास जारी है। जगह मिलते ही महिला शौचालय की समस्या का समाधान हो जाएगा। - संजय कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका लखीमपुर
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