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मजदूरी करने गए सभी बच्चे सुरक्षित
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 30 Dec 2015 11:54 PM IST
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मोहल्ला गंगोत्रीनगर से मजदूरी करने बाहर गए किशोरों और युवकों की परिवार वालों से बातचीत हो गई। इसके बाद घरवालों ने राहत की सांस ली। कोतवाली पुलिस के हस्तक्षेप से ठेकेदार के साथ गए सभी 16 मजदूर वापस लखीमपुर आने के लिए तमिलनाडु के कृष्णागिरि से चल दिए हैं। मजदूरों के शुक्रवार की रात तक यहां पहुंचने की उम्मीद है। मामले में ठेकेदार ने बताया है कि उसने बंगलुरु स्थित कैफ्रीकोन ज्यूस कंपनी की फैक्ट्री में काम दिलाने की बात की थी। रास्ते में ट्रेन छूटने से उसने चेन्नई होकर बंगलुरु जाने का रास्ता चुना।
जबकि मजदूरों के घरवालों बंगलुरु के बजाए बिजनौर में काम दिलाने की बात को संज्ञान में रखते हुए उस पर संदेह जताया था। कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने फोन से ठेकेदार और उसके साथ मजदूरों से बातचीत की है और घरवालों को उनके जल्द लौटने का भरोसा दिलाया है।
बहराइच के नानपारा निवासी ठेकेदार मोनू श्रीवास्तव के साथ 26 दिसंबर 2015 को गंगोत्रीनगर कॉलोनी से 16 लोग मजदूरी करने के लिए गए थे। शिकायतकर्ता गुड्डी देवी ने बताया है कि उससे बिजनौर में काम दिलाने की बात हुई थी, जहां उसे फल बीनने और छांटने का काम करना था लेकिन ठेकेदार उसे कहीं और लेकर जा रहा था। 29 दिसंबर को जब उसने अपने बेटे गोपी से बात की, तो उसने चेन्नई रेलवे स्टेशन पर होने की बात घबराहट में बताई। इससे परिवार वाले किसी अनहोनी की आशंका में खौफजदा हो गए। इसके बाद गुड्डी देवी समेत मोहल्ले के अन्य लोगों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग कर डाली। अमर उजाला से बातचीत में काम करने गए किशन रस्तोगी और श्रीमान ने सुरक्षित और ठेकेदार के साथ लौटने की बात कही है। गुरुवार को सभी किशोरों और युवकों ने अपने परिवार वालों से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया हैै।
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प्रभारी निरीक्षक, सदर कोतवाली दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि बंगलुरु के बजाय बिजनौर में काम दिलाने को लेकर घरवालों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जो अब दूर हो गई है। ठेकेदार से बातचीत कर सभी 16 लोगों को वापस लखीमपुर लाने के निर्देश दिए गए हैं। बुधवार की शाम को सभी लोग ट्रेन से लखीमपुर के लिए रवाना हो गए हैं।
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जबकि मजदूरों के घरवालों बंगलुरु के बजाए बिजनौर में काम दिलाने की बात को संज्ञान में रखते हुए उस पर संदेह जताया था। कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने फोन से ठेकेदार और उसके साथ मजदूरों से बातचीत की है और घरवालों को उनके जल्द लौटने का भरोसा दिलाया है।
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बहराइच के नानपारा निवासी ठेकेदार मोनू श्रीवास्तव के साथ 26 दिसंबर 2015 को गंगोत्रीनगर कॉलोनी से 16 लोग मजदूरी करने के लिए गए थे। शिकायतकर्ता गुड्डी देवी ने बताया है कि उससे बिजनौर में काम दिलाने की बात हुई थी, जहां उसे फल बीनने और छांटने का काम करना था लेकिन ठेकेदार उसे कहीं और लेकर जा रहा था। 29 दिसंबर को जब उसने अपने बेटे गोपी से बात की, तो उसने चेन्नई रेलवे स्टेशन पर होने की बात घबराहट में बताई। इससे परिवार वाले किसी अनहोनी की आशंका में खौफजदा हो गए। इसके बाद गुड्डी देवी समेत मोहल्ले के अन्य लोगों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग कर डाली। अमर उजाला से बातचीत में काम करने गए किशन रस्तोगी और श्रीमान ने सुरक्षित और ठेकेदार के साथ लौटने की बात कही है। गुरुवार को सभी किशोरों और युवकों ने अपने परिवार वालों से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया हैै।
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प्रभारी निरीक्षक, सदर कोतवाली दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि बंगलुरु के बजाय बिजनौर में काम दिलाने को लेकर घरवालों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जो अब दूर हो गई है। ठेकेदार से बातचीत कर सभी 16 लोगों को वापस लखीमपुर लाने के निर्देश दिए गए हैं। बुधवार की शाम को सभी लोग ट्रेन से लखीमपुर के लिए रवाना हो गए हैं।