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नार्थ खीरी के जंगल में जख्मी मिला बाघ
अमर उजाला ब्यूरो महंगापुर।
Updated Wed, 18 Jan 2017 11:26 PM IST
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tiger
- फोटो : amar ujala
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- झाड़ियों में है छिपा, पहुंची वन विभाग की टीम
- उच्चाधिकारियों को दी सूचना
- अंधेरा होने के कारण नहीं जा सका निकाला
गदनियां क्षेत्र से सटे नार्थ खीरी डिवीजन के जंगल की झाड़ियों में एक बाघ जख्मी अवस्था में मिला है। जानकारी होते ही नार्थ खीरी डिवीजन के स्थानीय अधिकारी कर्मी मौके पर पहुंच गए हैं। अंधेरा होने के कारण बाघ को झाड़ियों से नहीं निकाला जा सका है। उसकी निगरानी की जा रही है। उसको बृहस्पतिवार को निकाले जाने की संभावनाएं हैं। बाघ को जख्म कैसे लगे हैं इसका अभी पता नहीं चल सका है।
गदनिया इलाके से सटे नार्थ खीरी डिवीजन की पलिया वन रेंज के अंतर्गत जंगल में झाड़ियों के बीच एक बाघ को जख्मी अवस्था में ग्रामीणों ने देखा तो वन विभाग के अधिकारियों को इसकी खबर दी। खबर मिलते ही हड़कंप मच गया और वनदरोगा विजेंद्र सिंह समेत कई वनकर्मी मौके पर पहुंच गए। इधर, खबर मिलते परसपुर पुलिस चौकी इंचार्ज नितीश भारद्वाज भी पहुंच गए। मौके पर ग्रामीण भी एकत्र हो गए। बताया गया कि बाघ के पिछले हिस्से में जख्म है और वह उछल कर चल रहा है। अंधेरा काफी हो जाने के कारण उसको निकाला नहीं जा सका है। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों को खबर दे दी है। वन दरोगा विजेंद्र कुमार ने बताया कि उसकी निगरानी शुरू कर दी गई है उसको निकालकर इलाज मुहैया कराया जाएगा। उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है। जरूरत पड़ी तो उसे ट्रैंकुलाइज कर निकाला जाएगा। बाघ को जख्म कैसे आए इसके बारे में अभी कोई भी पता नहीं लग सका है। बृहस्पतिवार को उसके निकलने के बाद ही सही जानकारी हो सकेगी।
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- उच्चाधिकारियों को दी सूचना
- अंधेरा होने के कारण नहीं जा सका निकाला
गदनियां क्षेत्र से सटे नार्थ खीरी डिवीजन के जंगल की झाड़ियों में एक बाघ जख्मी अवस्था में मिला है। जानकारी होते ही नार्थ खीरी डिवीजन के स्थानीय अधिकारी कर्मी मौके पर पहुंच गए हैं। अंधेरा होने के कारण बाघ को झाड़ियों से नहीं निकाला जा सका है। उसकी निगरानी की जा रही है। उसको बृहस्पतिवार को निकाले जाने की संभावनाएं हैं। बाघ को जख्म कैसे लगे हैं इसका अभी पता नहीं चल सका है।
गदनिया इलाके से सटे नार्थ खीरी डिवीजन की पलिया वन रेंज के अंतर्गत जंगल में झाड़ियों के बीच एक बाघ को जख्मी अवस्था में ग्रामीणों ने देखा तो वन विभाग के अधिकारियों को इसकी खबर दी। खबर मिलते ही हड़कंप मच गया और वनदरोगा विजेंद्र सिंह समेत कई वनकर्मी मौके पर पहुंच गए। इधर, खबर मिलते परसपुर पुलिस चौकी इंचार्ज नितीश भारद्वाज भी पहुंच गए। मौके पर ग्रामीण भी एकत्र हो गए। बताया गया कि बाघ के पिछले हिस्से में जख्म है और वह उछल कर चल रहा है। अंधेरा काफी हो जाने के कारण उसको निकाला नहीं जा सका है। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों को खबर दे दी है। वन दरोगा विजेंद्र कुमार ने बताया कि उसकी निगरानी शुरू कर दी गई है उसको निकालकर इलाज मुहैया कराया जाएगा। उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है। जरूरत पड़ी तो उसे ट्रैंकुलाइज कर निकाला जाएगा। बाघ को जख्म कैसे आए इसके बारे में अभी कोई भी पता नहीं लग सका है। बृहस्पतिवार को उसके निकलने के बाद ही सही जानकारी हो सकेगी।
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