फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   tiger

ड्रोन कैमरे में कैद न हो सकी बाघ की तस्वीर

Tue, 31 Dec 2019 01:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 31 Dec 2019 01:48 AM IST
विज्ञापन
tiger
पांच दिन पहले बाघ ने बरौंछा-सोहनरा भूड़ गांव के बीच खेतों में मार डाला था बैल
विज्ञापन

बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। कस्बे से कुछ दूरी पर बैल को निवाला बनाने वाले बाघ की लोकेशन पता लगाने में वन विभाग नाकाम रहा है। अब तक पगचिह्नों के सहारे ही उसकी लोकेशन पता लगाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन सोमवार को ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल किया गया। गन्ने के खेतों में छिपे होने के कारण ड्रोन कैमरे में भी बाघ की तस्वीर कैद नहीं हो सकी।
मालूम हो कि गुरुवार की रात दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट और बांकेगंज कस्बे से कुछ दूरी पर स्थिति बरौंछा-सोहनरा भूड़ गांव के बीच गन्ने के खेत से निकलकर बाघ ने एक बैल को मार डाला था। वन विभाग की टीम को बाघ के जंगल की ओर वापस जाने के कोई पगचिह्न न मिलने से अनुमान लगाया जा रहा है कि बाघ सोहनरा भूड़ और बरौंछा के बीच गन्ने के खेतों में ही छिपा हुआ है।
विज्ञापन

जब बाघ की लोकेशन का पता नहीं चला तो दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल के निर्देश पर सोमवार सुबह से ही रेंजर केपी सिंह, फॉरेस्टर मोहहम्मद उमर ने संभावित स्थलों पर ड्रोन कैमरे उड़ाकर लोकेशन तलाशने की कोशिश की,लेकिन गन्ने की फसल काफी ऊंची और घनी होने के कारण उसमें छिपे बाघ की तस्वीरें कैमरे में कैद नहीं हो सकीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीणों का दावा, दो हैं बाघ
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में एक नहीं दो बाघ सक्रिय हैं। ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पहले एक बाघ गांव के बिल्कुल पास तो दूसरा बाघ खेतों में दिखाई पड़ा।

सोमवार को ड्रोन कैमरों के जरिए बाघ की स्थिति पता लगाने की कोशिश की गई, लेकिन घनी और ऊंची गन्ने की फसल के चलते बाघ की तस्वीर कैमरे में ट्रैप नहीं हो पाई हैं।
- डॉ अनिल कुमार पटेल, डीडी, डीटीआर बफरजोन

दुधवा के बफरजोन जंगल में रात भर हुई कांबिंग
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में नववर्ष के जश्न के चलते संभावित शिकार की घटनाओं को लेकर जारी अलर्ट के बाद जंगलों में गश्त तेज कर दी गई है। इसके साथ ही डीटीआर बफरजोन उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने टीमें बनाकर मैलानी, भीरा रेंज के अलावा नेपाल सीमा से सटे जंगलों की सघन कांबिंग कराई। इस दौरान डीडी बफरजोन भी पूरी रात गश्त पर रहे।
फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक के निर्देश देने के बाद डीटीआर बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने संबधित रेंजरों के नेतृत्व में वनकर्मियों की कई टीमें गठित की। इन टीमों ने स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (एसटीपीएफ) के जवानों के साथ दिन और रात भर मैलानी, भीरा व नेपाल से सटे संपूर्णानगर, टाटरगंज जंगल की कांबिंग की।
डीडी डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि फील्ड स्टॉफ को निर्देश दिए गए हैं कि जंगल के किसी भी क्षेत्र में अवैध घुसपैठ करने वालों पर नजर रखें। साथ ही यदि नए साल के जश्न के दौरान कहीं भी कोई आवांछित गतिविधि पाई जाती हैं तो सख्त कार्रवाई की जाए।


नववर्ष के जश्न के चलते शिकार की घटनाओं को लेकर दुधवा टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी किया गया है। जंगल की कांबिंग करने के साथ नेपाल से सटे जंगल और रास्तों पर खास नजर रखी जा रही है। जिसके लिए जंगल में लगातार कंबिंग भी कराई जा रही है।
-डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed