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Lakhimpur Kheri News: जालसाज को तीन साल की कैद

Wed, 14 Jan 2026 11:04 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Wed, 14 Jan 2026 11:04 PM IST
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Three years imprisonment for fraudster
लखीमपुर खीरी। जालसाजी से पीड़ित के बैंक खाते से 17 हजार रुपये निकालने के मामले में निघासन जेएम दीवांशु सैनी ने पंजाब निवासी महेंद्रपाल को दोषी पाया। उसे तीन साल के कारावास की सजा सुनाने के साथ ही छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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सहायक अभियोजन अधिकारी चार्वाक आजाद ने बताया कि बरुही फार्म निघासन के रहने वाले जसवंत सिंह का बैंक खाता इंडियन बैंक की निघासन शाखा में है। इसमें दो मई 2024 को दो हजार रुपये और छह मई 2024 को 15 हजार रुपये जालसाजी और धोखाधड़ी करते हुए निकाल लिए गए। खाताधारक जब बैंक में पासबुक प्रिंट कराने पहुंचा तो उसे जानकारी हई। जसवंत सिंह ने बैंक में शिकायत की। इसी बीच नौ मई 2024 को जब पंजाब के गुरदासपुर निवासी महेंद्रपाल सिंह ने खुद को जसवंत सिंह बताते हुए फिर से लेन-देन करने की कोशिश की, तभी वह पकड़ में आ गया।
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पुलिस पूछताछ और तलाशी में नकली बैंक पासबुक के साथ ही कई फर्जी दस्तावेज बरामद हुए थे। हालांकि, जसवंत सिंह ने अपनी एफआईआर में बैक कर्मियों की संलिप्तता बताते हुए इस फर्जीवाड़े की सूचना दी थी, लेकिन विवेचक राजेंद्र तिवारी ने केवल महेंद्रपाल को ही दोषी बताते हुए चार्जशीट दाखिल की थी। अदालती सुनवाई में जसवंत सिंह, बैंक मैनेजर विजय शांतीलाल चावड़ा, असिस्टेंट मैनेजर रिन्चेन रैपिन्गवा और संपूर्णानगर शाखा के बैंक मैनेजर अंकित कुमार गोले तथा इंडियन बैक के कैशियर दीपक कुमार ने अपने बयान दर्ज कराए थे।
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अदालत ने सुनवाई के बाद बुधवार को अपने फैसले में महेंद्रपाल सिंह को दोषी पाया। उसे तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है साथ ही उस पर छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

अदालत की सजगता से बैंककर्मी भी कटघरे में
डुप्लीकेट पासबुक के सहारे बैंककर्मियों की मिलीभगत से किए गए इस फर्जीवाड़े में जब गहराई से पड़ताल की गई तब पता चला कि बैककर्मी रिन्चन रैपिन्गवा और अंकित कुमार गोले ने अपनी भूमिका का सही से निर्वहन नहीं किया है, बल्कि जालसाज के सहयोगी के रूप में नकली और अस्पष्ट असंबंधित दस्ताजेंजों पर ही डुप्लीकेट पासबुक बनाते हुए फर्जीवोडे़ को अंजाम देने में मदद की है, लिहाजा अभियोजन की ओर से 319 सीआरपीसी के तहत दी गई अर्जी को मंजूरी देते हुए बैंककर्मी रिन्चन रैपिन्गवा और अंकित कुमार गोले जिन्हें पुलिस ने गवाह बताया था, वह भी अभियुक्त की भूमिका में आ गए और अदालत ने 10 दिसंबर को उन्हें आरोपी के रूप में विचारण का सामना करने के लिए तलब किया था।



बाॅक्स
दोषी बैंककर्मियों पर चलेगा मुकदमा
सहायक अभियोजन अधिकारी चार्वाक आजाद ने बताया कि इस फर्जीवाड़े में गुरुदासपुर निवासी महेंद्रपाल सिंह की मदद करने वाले दोषी बैंककर्मी, जिन्हें अभियुक्त के रूप में तलब किया गया है। उन पर मुकदमा लंबित चल रहा है।
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