{"_id":"69a33851dd9842707d070edb","slug":"three-day-gurmat-samagam-from-tomorrow-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-169413-2026-03-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: तीन दिवसीय गुरमत समागम कल से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: तीन दिवसीय गुरमत समागम कल से
Sun, 01 Mar 2026 12:17 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 01 Mar 2026 12:17 AM IST
विज्ञापन
गुरुद्वारा नानक प्याऊ। संवाद
सम्पूर्णानगर। महंगापुर में होला महल्ला के पावन पर्व पर आयोजित होने वाले तीन दिवसीय गुरमत समागम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। गुरुद्वारा नानक प्याऊ में होने वाले इस आयोजन को लेकर गुरुद्वारा प्रबंध समिति और सैकड़ों सेवादार दिन-रात सेवा में जुटे हुए हैं।
दो मार्च से शुरू होने वाले इस समागम में देश-विदेश से लाखों की संख्या में संगत के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। गुरुद्वारा परिसर में तैयारियों का नजारा देखते ही बन रहा है। कुछ सेवादार मिठाइयां और पकवान बनाने में व्यस्त हैं, तो कुछ बिजली की झालरों से पूरे गुरुद्वारे को सजा रहे हैं।
संगत के ठहरने के लिए स्कूल के कमरों में अस्थायी आवास बनाए गए हैं और एक विशाल पंडाल तैयार किया गया है। पेयजल, एंबुलेंस सेवा, साफ-सफाई और बिस्तरों की भी व्यवस्था की जा रही है।
विज्ञापन
विगत कई वर्षों की तरह इस वर्ष भी सचखंड वासी संत बाबा तारा सिंह और संत बाबा घोला सिंह (सरहाली साहिब) की सरपरस्ती में यह आयोजन हो रहा है। मुख्य सेवादार संत बाबा गुरनाम सिंह के दिशा-निर्देश में दो मार्च को सुबह 10 बजे अखंड पाठ के भोग और अरदास के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसी दिन दस्तार बंदी का विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
दो और तीन मार्च को दिन और रात के विशेष दीवान सजेंगे, जबकि चार मार्च को सुबह गुरमत समागम और शाम को समापन होगा। इसमें पंजाब, अमृतसर और कनाडा से आ रहे प्रसिद्ध कथावाचक, रागी जत्थे और ढाडी जत्थे गुरुओं के जीवन और बलिदान पर प्रकाश डालकर संगत को निहाल करेंगे।
मुख्य सेवादार संत बाबा गुरनाम सिंह ने स्वयं तैयारियों का जायजा लेते हुए बताया कि इस बार भी संगत के लिए अटूट लंगर की व्यवस्था की गई है। उन्होंने सोशल मीडिया और आमंत्रण पत्रों के माध्यम से दूर-दराज से आने वाली संगत से कार्यक्रम में शामिल होकर सेवा, सिमरन और कीर्तन का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरु घर में निस्वार्थ सेवा ही जीवन को सही मार्ग पर ले जाती है।
इस दौरान गुरुद्वारा मैनेजर गुरविंदर सिंह, सेवादार भाई गुरप्रीत सिंह भिंडर, तीर्थ सिंह, गुरमीत सिंह, गुरदीप सिंह, बिट्टू सिंह, सर्वजीत सिंह सहित अनेक सेवादार अपनी जिम्मेदारियां निभाते नजर आए।
विज्ञापन
दो मार्च से शुरू होने वाले इस समागम में देश-विदेश से लाखों की संख्या में संगत के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। गुरुद्वारा परिसर में तैयारियों का नजारा देखते ही बन रहा है। कुछ सेवादार मिठाइयां और पकवान बनाने में व्यस्त हैं, तो कुछ बिजली की झालरों से पूरे गुरुद्वारे को सजा रहे हैं।
विज्ञापन
संगत के ठहरने के लिए स्कूल के कमरों में अस्थायी आवास बनाए गए हैं और एक विशाल पंडाल तैयार किया गया है। पेयजल, एंबुलेंस सेवा, साफ-सफाई और बिस्तरों की भी व्यवस्था की जा रही है।
विज्ञापन
विगत कई वर्षों की तरह इस वर्ष भी सचखंड वासी संत बाबा तारा सिंह और संत बाबा घोला सिंह (सरहाली साहिब) की सरपरस्ती में यह आयोजन हो रहा है। मुख्य सेवादार संत बाबा गुरनाम सिंह के दिशा-निर्देश में दो मार्च को सुबह 10 बजे अखंड पाठ के भोग और अरदास के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसी दिन दस्तार बंदी का विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
दो और तीन मार्च को दिन और रात के विशेष दीवान सजेंगे, जबकि चार मार्च को सुबह गुरमत समागम और शाम को समापन होगा। इसमें पंजाब, अमृतसर और कनाडा से आ रहे प्रसिद्ध कथावाचक, रागी जत्थे और ढाडी जत्थे गुरुओं के जीवन और बलिदान पर प्रकाश डालकर संगत को निहाल करेंगे।
मुख्य सेवादार संत बाबा गुरनाम सिंह ने स्वयं तैयारियों का जायजा लेते हुए बताया कि इस बार भी संगत के लिए अटूट लंगर की व्यवस्था की गई है। उन्होंने सोशल मीडिया और आमंत्रण पत्रों के माध्यम से दूर-दराज से आने वाली संगत से कार्यक्रम में शामिल होकर सेवा, सिमरन और कीर्तन का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरु घर में निस्वार्थ सेवा ही जीवन को सही मार्ग पर ले जाती है।
इस दौरान गुरुद्वारा मैनेजर गुरविंदर सिंह, सेवादार भाई गुरप्रीत सिंह भिंडर, तीर्थ सिंह, गुरमीत सिंह, गुरदीप सिंह, बिट्टू सिंह, सर्वजीत सिंह सहित अनेक सेवादार अपनी जिम्मेदारियां निभाते नजर आए।