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किसी को भाया, किसी को रास न आया बजट

Wed, 01 Feb 2017 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Wed, 01 Feb 2017 10:38 PM IST
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No pleasure, did not go down well with any budget
आम बजट - फोटो : अमर उजाला
आयकर स्लैब में छूट उम्मीद से थोड़ी रही कम, विशेषज्ञों ने कहा आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर, किसान और ग्रामीण विकास का रखा ध्यान
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इस बार एक फरवरी को आए आम बजट में ग्रामीण विकास, आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर और गरीबी उन्मूलन पर जोर दिया गया है। राजनीतिक दलों के नकद चंदे की रकम 20 हजार से घटाकर दो हजार किए जाने की लोगों ने सराहना की है। नौकरी पेशा वर्ग आयकर सीमा में छूट 2.5 लाख से बढ़ाकर तीन लाख किए जाने से खुश है, लेकिन 80 सी के तहत निवेश की सीमा (1.50 लाख) नहीं बढ़ाए जाने से निराशा भी है। विशेषज्ञों ने बजट को सभी वर्गों के लिए राहत वाला बताया और राजनीति पार्टियों की फंडिंग पर उठाए गए कदमों की सराहना की है। नौकरी के बजाय नए उद्यम स्थापित कराने पर जोर दिया गया है, जिससे युवाओं में मायूसी हो सकती है। नोटबंदी के बाद हालात के मद्देनजर तीन लाख से अधिक लेन-देन पर बैन लगाकर कैशलेस भुगतान पर जोर दिया गया है। 
 
सभी वर्गों का ध्यान रखने का प्रयास
इस बजट में सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए विकास का खाका तैयार किया गया है, जिसका गरीबों, किसानों को लाभ मिलेगा। नौकरियों की मांग को देखते हुए बजट में लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम स्थापित करने पर जोर दिया गया है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के संकेत दिए हैं। खासकर क्रेडिटेशन और रेटिंग के आधार पर कॉलेजों को ऑटोनॉमस बनाने की बात कही गई है। 
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-डॉ. डीएन मालपानी, प्राचार्य, वाईडी डिग्री कालेज
 

करदाताओं को मिलेगी राहत
बजट में करदाताओं को राहत मिली है। तीन से पांच लाख तक लगने वाले 10 फीसदी टैक्स को पांच फीसदी किया गया है। राजनीतिक दलों की अवैध तरीके से होने वाली फंडिंग पर अंकुश लगाने के लिए उठाए गया कदम सराहनीय है। ग्रामीण क्षेत्र में विकास को बजट में केंद्रित किया गया है, जिसमें सड़क, बिजली, मकान, शौचालय निर्माण पर जोर दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज होगी। रेलवे में सुधार और सुविधाओं के लिए बजट बढ़ाया गया है। कौशल विकास के जरिए अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। युवाओं के लिए रोजगार सृजन में और अधिक प्रयास किए जाने चाहिए थे। 
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-अर्चना सिंह, अर्थशास्त्र प्रवक्ता, भगवादीन आर्यकन्या महाविद्यालय 
 

 चार लाख तक आयकर में मिले छूट
बजट में किसानों, गरीबों का ध्यान रखा गया है, लेकिन मध्यमवर्गीय आयकरदाताओं को छूट कम मिली है। सातवें वेतन आयोग से सेलरी बढ़ी है, जिसको देखते हुए तीन लाख तक आय करमुक्त नाकाफी है। इसे बढ़ाकर चार लाख तक किया जाना चाहिए था। 80 सी के तहत निवेश की सीमा 1.50 लाख से बढ़ाकर दो लाख की जाती तो राहत मिलती। 
-एसपी वर्मा, जिलाध्यक्ष, लेखा एवं लेखा परीक्षा सेवा एसोसिएशन
 
किसानों को मिलेगी राहत
इस बजट में किसानों के लिए कई अच्छे कदम उठाए गए हैं, जिनसे लाभ मिलेगा। माइक्रो सिंचाई फंड के लिए पांच हजार करोड़ का बजट रखा गया है। लोन के लिए 10 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। कर्ज पर 60 दिनों का ब्याज माफ होने से बोझ कम होगा। मनरेगा में बजट बढ़ाने से मजदूर किसानों को फायदा होगा।
-सत्येंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी
 
महिलाओं के लिए नहीं कुछ खास
बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया, लेकिन महिलाओं के लिए कोई खास घोषणा नहीं की गई। खासकर किचेन की महंगाई कम करने के लिए बजट में कुछ भी नहीं है। 
-नीलम गुप्ता, गृहणी
 

सरहानीय है बजट
आम बजट सराहनीय है। इस बार निम्न और मध्यम वर्गीय लोगों के लिए अच्छी घोषणाएं की गई हैं। अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला बजट है। 
-एसएस छाबड़ा, व्यापारी
 
बोले सांसद, हर किसी की जरूरतों को पूरा करने वाला बजट
खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी और धौरहरा सांसद रेखा वर्मा ने बजट की सराहना करते हुए कहा है कि हर किसी की जरूरतों को पूरा करने वाला आम बजट है। नौकरी पेशा, किसानों, महिलाओं, युवाओं, व्यापारियों और मजदूरों को ध्यान में रखकर बजट बनाया गया है। यही वजह है कि बजट आम जनता के दिलों में उतर गया है। हर ओर आम बजट की सराहना हो रही है।
 
चुनावी है आम बजट
सपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्य सभा सदस्य रवि प्रकाश वर्मा का कहना है कि आम बजट लोकलुभावनी और चुनावी है। इससे किसी को फायदा पहुंचने वाला नहीं है। अब तक का सबसे फ्लाप आम बजट आया है। जनता सब समझ रही है। चुनाव में भाजपा को इसका कोई लाभ मिलने वाला नहीं है।
 
बोले जिलाध्यक्ष:
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गरीब और किसानों के लिए अच्छा बजट

आम बजट में  सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है, जिसमें गरीब और किसानों के लिए कई घोषणाएं  हुई हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। महिलाओं और  व्यापारियों का भी ख्याल रखा गया है। आयकर में छूट की सीमा बढने से  मध्यमवर्ग को लाभ मिलेगा। 
-शरद वाजपेयी, जिलाध्यक्ष, भाजपा
 
यूपी के लिए निराशाजनक है बजट
बजट  में उत्तर प्रदेश के लिए कोई बड़ी परियोजना नहीं है। पहले पेश हो चुके दो  बजट में यूपी को कुछ नहीं मिला। प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से सबसे  बड़े एक्सप्रेस हाईवे का निर्माण कराया है। आम जनता पर और अधिक कर लादने की  तैयारी है। 
-अनुराग पटेल, जिलाध्यक्ष, सपा
 
युवाओं के लिए निराशाजनक
युवाओं  के लिए बजट निराशाजनक है। किसानों को लालीपॉप दिखाया गया है, क्योंकि 2014  में चुनाव के दौरान किए गए वादे अभी पूरे नहीं हुए हैं। वित्त मंत्री अरुण  जेटली ने 2014 में चुनाव रैली को संबोधित करते आयकर सीमा पांच लाख करने की  बात कही थी, लेकिन सरकार बनने के बाद सिर्फ तीन लाख तक आयकर में छूट दी  है। 

-अजय चौधरी, जिलाध्यक्ष, बसपा
 
महंगाई को कम करने का नहीं किया प्रयास
चुनाव  को ध्यान में रखते हुए बजट बनाया गया है। इसमें शामिल कई घोषणाएं पहले की  जा चुकी हैं, जिन्हें अभी तक पूरा नहीं किया गया है। महंगाई को कम करने के  लिए कोई खास प्रयास नहीं किए गए, जिससे आम जनता को राहत मिलती। 
-राघवेन्द्र बहादुर सिंह, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
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