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Lakhimpur Kheri News: फिर छाया घना कोहरा... दोपहर बाद निकली धूप
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लखीमपुर खीरी। लगातार दूसरे दिन पूरा जिला फिर से घने कोहरे की चादर ढका दिखाई दिया। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्र तक दृश्यता पांच मीटर तक पहुंच गई। हालांकि दोपहर होते-होते निकली धूप से लोगों को काफी राहत मिली।
शनिवार की अपेक्षा रविवार को अधिकतम तापमान दो डिग्री कम रहा। रविवार को न्यूनतम तापमान 8 और अधिकतम 21 रिकॉर्ड किया गया। शीतलहर और घने कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की गति थम सी गई, वाहनों को लाइटें जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार कुछ मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी के आसार हैं। रात के समय सर्दी व कोहरा और अधिक बढ़ने के आसार हैं। रविवार को दोपहर तक जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग खुद को मफलर, टोपी और गर्म कपड़ों में ढककर ठंड से बचने का प्रयास करते नजर आए।
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गलन और ठंडी हवाओं के बीच लोग जगह-जगह अलाव का सहारा लेते दिखे। उधर दोपहर बाद निकली धूप के बाद बाजारों में चहल पहल बढ़ गई। लोग छतों और बच्चे मैदानों में धूप का आनंद लेते दिखे।
नगर पालिका ने दिन में जलवाए अलाव
ठंड और गिरते पारे को देखते हुए नगर पालिका ने मुख्य चौराहों पर दिन में ही अलाव जलवा दिए हैं। सदर चौराहा, संकटा देवी चौराहा, बस स्टेशन के सामने समेत कई स्थानों पर लकड़ियां लगाकर अलाव बना दिए गए हैं।
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कोहरे के बीच ब्लैक स्पाॅट परनहीं दिखे इंतजाम
सांकेतिक बोर्ड के अलावा सड़क से गायब मिलीं पट्टी
पलियाकलां। भीषण ठंड व कोहरे का प्रकोप तराई क्षेत्र में काफी बढ़ गया है लेकिन लोगों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए कोई काम नहीं किया गया। जिन जगहों पर ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं और जहां तीव्र व अंधे मोड़ हैं, वहां पर न तो कोई सांकेतिक बोर्ड ही लगा है और न ही सड़क पर पट्टी बनी हैं।
पट्टी न दिखने से सड़क का पता ही नहीं चलता है और भीषण कोहरे में हादसा भी हो सकता है। पलिया-भीरा मार्ग पर शारदा नदी पुल से पहले तीव्र मोड़ है और सामने से आ रहे वाहनों का पता नहीं चलता है। लेकिन, यहां न तो बोर्ड है और न ही सड़क के दोनों तरफ पट्टी ही बनी हुई है।
इसके अलावा शारदा पुल पार करने पर भीरा की ओर भी उसी तरह का तीव्र मोड़ है। यहां भी हालात वैसे ही हैं। ऐसे में बोर्ड और सड़क पर पट्टी न होने से कोहरे में वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और कहीं न कहीं यह बड़ी दुर्घटना को भी दावत देता है। संवाद
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शनिवार की अपेक्षा रविवार को अधिकतम तापमान दो डिग्री कम रहा। रविवार को न्यूनतम तापमान 8 और अधिकतम 21 रिकॉर्ड किया गया। शीतलहर और घने कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की गति थम सी गई, वाहनों को लाइटें जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा।
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मौसम विभाग के अनुसार कुछ मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी के आसार हैं। रात के समय सर्दी व कोहरा और अधिक बढ़ने के आसार हैं। रविवार को दोपहर तक जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग खुद को मफलर, टोपी और गर्म कपड़ों में ढककर ठंड से बचने का प्रयास करते नजर आए।
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गलन और ठंडी हवाओं के बीच लोग जगह-जगह अलाव का सहारा लेते दिखे। उधर दोपहर बाद निकली धूप के बाद बाजारों में चहल पहल बढ़ गई। लोग छतों और बच्चे मैदानों में धूप का आनंद लेते दिखे।
नगर पालिका ने दिन में जलवाए अलाव
ठंड और गिरते पारे को देखते हुए नगर पालिका ने मुख्य चौराहों पर दिन में ही अलाव जलवा दिए हैं। सदर चौराहा, संकटा देवी चौराहा, बस स्टेशन के सामने समेत कई स्थानों पर लकड़ियां लगाकर अलाव बना दिए गए हैं।
कोहरे के बीच ब्लैक स्पाॅट परनहीं दिखे इंतजाम
सांकेतिक बोर्ड के अलावा सड़क से गायब मिलीं पट्टी
पलियाकलां। भीषण ठंड व कोहरे का प्रकोप तराई क्षेत्र में काफी बढ़ गया है लेकिन लोगों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए कोई काम नहीं किया गया। जिन जगहों पर ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं और जहां तीव्र व अंधे मोड़ हैं, वहां पर न तो कोई सांकेतिक बोर्ड ही लगा है और न ही सड़क पर पट्टी बनी हैं।
पट्टी न दिखने से सड़क का पता ही नहीं चलता है और भीषण कोहरे में हादसा भी हो सकता है। पलिया-भीरा मार्ग पर शारदा नदी पुल से पहले तीव्र मोड़ है और सामने से आ रहे वाहनों का पता नहीं चलता है। लेकिन, यहां न तो बोर्ड है और न ही सड़क के दोनों तरफ पट्टी ही बनी हुई है।
इसके अलावा शारदा पुल पार करने पर भीरा की ओर भी उसी तरह का तीव्र मोड़ है। यहां भी हालात वैसे ही हैं। ऐसे में बोर्ड और सड़क पर पट्टी न होने से कोहरे में वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और कहीं न कहीं यह बड़ी दुर्घटना को भी दावत देता है। संवाद