{"_id":"68b72d13838d6a51c106fd9e","slug":"the-youth-brought-for-questioning-escaped-from-the-police-station-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-154732-2025-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: पकड़े गए तेंदुआ शावक की चौथे दिन इलाज के दौरान मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: पकड़े गए तेंदुआ शावक की चौथे दिन इलाज के दौरान मौत
विज्ञापन
धौरहरा। धौरहरा वन रेंज के बसंतापुर गांव में ग्रामीणों ने चार दिन पहले जिस तेंदुआ शावक को पकड़ा था, उसकी मंगलवार को मौत हो गई। चार दिन तक डाॅक्टरों की टीम ने इलाज किया, पर उसे बचा न सके।
धौरहरा वन रेंज के बसंतापुर गांव में दो शावकों के साथ एक मादा तेंदुआ खेतों में 30 अगस्त को घूम रही थी। इसे देखकर खेतों में काम कर रहे किसानों ने शोर मचाया तो एक शावक और मादा तेंदुआ खेतों में चली गई, जबकि एक शावक बैठा रहा। ग्रामीणों ने लाठियों के दम पर उसे पकड़कर वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम शावक को वन रेंज कार्यालय लाई थी। यहां उसका डाॅक्टरों की टीम ने इलाज शुरू किया।
सोमवार तक उसकी सेहत में कुछ सुधार दिखाई दे रहा था, पर रात में अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। मंगलवार दोपहर उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। डाॅ. तलहा, डाॅ. दीपक और दुधवा के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दयाशंकर की टीम ने उसका शव विच्छेदन किया। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में उसके अंदरूनी अंग खराब होने से मौत की पुष्टि हुई। विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा गया है।
विज्ञापन
पकड़े गए शावक के अंदरूनी अंग खराब होने से मंगलवार दोपहर इलाज के दौरान मौत हो गई है। विसरा सुरक्षित कर शव का अंतिम संस्कार किया गया। - डाॅ. एच राजामोहन, एफडी दुधवा टाइगर रिजर्व
एक साल में पांच तेंदुओं की हुई इलाज के दौरान मौत
धौरहरा। वन रेंज धौरहरा के बसंतापुर गांव में पकड़े गए तेंदुआ शावक की मंगलवार दोपहर इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना पहली नहीं है, इससे पहले भी चार तेंदुओं की मौत हो चुकी है।
धौरहरा में एक साल पहले दो तेंदुओं के शावकों को आबादी क्षेत्र से पकड़कर कर वन रेंज लाया गया था। रेंज में ही रखकर चार दिन तक इलाज चलने के बाद उनकी मौत हो गई। कुछ ऐसा ही बीते जुलाई माह में जटपुरवा सेंटर और बबुरी भट्ठा से पकड़े गए तेंदुओं के साथ भी हुआ। दोनों तेंदुओं को वन रेंज लाया गया, वहीं इलाज के दौरान दोनों की 26 जुलाई को मौत हो गई। मंगलवार दोपहर इलाज के दौरान बसंतापुर वाले तेंदुआ शावक की भी मौत हो गई। संवाद
जंगली जानवर के पदचिह्नों को देखकर ग्रामीण परेशान
बेहजम। बेहजम चौकी क्षेत्र के गांव बहादुरपुर में रामगोपाल मौर्य के मकान के पास खाली पड़ी जगह में जंगली जानवर के पदचिह्नों को देख गांव में अफरातफरी मच गई। सोशल मीडिया पर खबर वायरल हुई तो लोग तरह-तरह के कयास लगाने लगे।
ग्रामीणों ने बताया कि राम गोपाल का मकान गांव के बाहर दक्षिण-पूर्व दिशा में है। वहां पड़िया, भैंस, बकरी आदि बंधी हुईं थीं, लेकिन जंगली जानवर ने किसी पर हमला नहीं किया। वन दरोगा उमेश वर्मा ने बताया कि पदचिह्नों को देखकर ऐसे कुछ बताना मुश्किल है। संवाद
विज्ञापन
धौरहरा वन रेंज के बसंतापुर गांव में दो शावकों के साथ एक मादा तेंदुआ खेतों में 30 अगस्त को घूम रही थी। इसे देखकर खेतों में काम कर रहे किसानों ने शोर मचाया तो एक शावक और मादा तेंदुआ खेतों में चली गई, जबकि एक शावक बैठा रहा। ग्रामीणों ने लाठियों के दम पर उसे पकड़कर वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम शावक को वन रेंज कार्यालय लाई थी। यहां उसका डाॅक्टरों की टीम ने इलाज शुरू किया।
विज्ञापन
सोमवार तक उसकी सेहत में कुछ सुधार दिखाई दे रहा था, पर रात में अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। मंगलवार दोपहर उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। डाॅ. तलहा, डाॅ. दीपक और दुधवा के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दयाशंकर की टीम ने उसका शव विच्छेदन किया। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में उसके अंदरूनी अंग खराब होने से मौत की पुष्टि हुई। विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा गया है।
विज्ञापन
पकड़े गए शावक के अंदरूनी अंग खराब होने से मंगलवार दोपहर इलाज के दौरान मौत हो गई है। विसरा सुरक्षित कर शव का अंतिम संस्कार किया गया। - डाॅ. एच राजामोहन, एफडी दुधवा टाइगर रिजर्व
एक साल में पांच तेंदुओं की हुई इलाज के दौरान मौत
धौरहरा। वन रेंज धौरहरा के बसंतापुर गांव में पकड़े गए तेंदुआ शावक की मंगलवार दोपहर इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना पहली नहीं है, इससे पहले भी चार तेंदुओं की मौत हो चुकी है।
धौरहरा में एक साल पहले दो तेंदुओं के शावकों को आबादी क्षेत्र से पकड़कर कर वन रेंज लाया गया था। रेंज में ही रखकर चार दिन तक इलाज चलने के बाद उनकी मौत हो गई। कुछ ऐसा ही बीते जुलाई माह में जटपुरवा सेंटर और बबुरी भट्ठा से पकड़े गए तेंदुओं के साथ भी हुआ। दोनों तेंदुओं को वन रेंज लाया गया, वहीं इलाज के दौरान दोनों की 26 जुलाई को मौत हो गई। मंगलवार दोपहर इलाज के दौरान बसंतापुर वाले तेंदुआ शावक की भी मौत हो गई। संवाद
जंगली जानवर के पदचिह्नों को देखकर ग्रामीण परेशान
बेहजम। बेहजम चौकी क्षेत्र के गांव बहादुरपुर में रामगोपाल मौर्य के मकान के पास खाली पड़ी जगह में जंगली जानवर के पदचिह्नों को देख गांव में अफरातफरी मच गई। सोशल मीडिया पर खबर वायरल हुई तो लोग तरह-तरह के कयास लगाने लगे।
ग्रामीणों ने बताया कि राम गोपाल का मकान गांव के बाहर दक्षिण-पूर्व दिशा में है। वहां पड़िया, भैंस, बकरी आदि बंधी हुईं थीं, लेकिन जंगली जानवर ने किसी पर हमला नहीं किया। वन दरोगा उमेश वर्मा ने बताया कि पदचिह्नों को देखकर ऐसे कुछ बताना मुश्किल है। संवाद