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Lakhimpur Kheri News: हाईवे का ‘रॉन्ग साइड’ बना ‘राइट’ रास्ते की मजबूरी
Sun, 19 Jul 2026 10:59 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 19 Jul 2026 10:59 PM IST
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सर्विस रोड अधूरी होने से एक ही रास्ते से गुजरते हुए वाहन। संवाद
मैगलगंज। लखीमपुर-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मैगलगंज बाइपास के औरंगाबाद ओवरब्रिज के पास ‘राइट’ रास्ते के लिए करीब 500 मीटर ‘रॉन्ग साइड’ चलना वाहन चालकों की मजबूरी बन गया है।
जमीन विवाद और स्टे के कारण यहां सर्विस रोड वर्ष 2015 से अधूरी है। इससे लखीमपुर, मोहम्मदी, पलिया, गोला और पीलीभीत की ओर से सीतापुर जाने वाले सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों को मुख्य हाईवे पर करीब आधा किलोमीटर उल्टी दिशा में चलना पड़ता है। सामने से तेज रफ्तार वाहन आने के कारण आमने-सामने टक्कर का खतरा रहता है। रात और बारिश में जोखिम और बढ़ जाता है, लेकिन मौके पर वैकल्पिक मार्ग, संकेतक, बैरिकेडिंग और स्पीड ब्रेकर समेत अन्य सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं।
स्थानीय लोगों व पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले डेढ़ वर्ष में इस क्षेत्र में करीब एक दर्जन हादसे हुए, जिनमें 5 से 6 लोगों की मौत और लगभग आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। उपलब्ध विवरण में चार हादसों में मौत का उल्लेख है। कुछ घटनाओं में उल्टी दिशा से आ रहे वाहनों की टक्कर की बात सामने आई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अधूरी सर्विस रोड और रॉन्ग साइड यातायात से दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
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मैगलगंज बाइपास का निर्माण वर्ष 2013-14 में हुआ था, जबकि सर्विस रोड 2015 से अधूरी है। सर्विस रोड की जमीन का विवाद माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है। वर्ष 2015-16 में स्टे प्रभावी हुआ था। बताया गया कि जिस खेत में सर्विस रोड बननी थी, उसके मालिक मुकदमा हार गए थे और बाद में फिर स्टे ले लिया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि मामला वर्षों से लंबित होने के बावजूद एनएचएआई ने वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग या व्यवस्था नहीं की। दुर्घटना होने पर हाईवे पर गश्त करने वाली 1033 की गाड़ी पहुंचकर बचाव कार्य शुरू करती है। इस मार्ग से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। क्षेत्रवासियों ने अधूरी सर्विस रोड का निर्माण पूरा कराने और तब तक वैकल्पिक मार्ग व सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।
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डेढ़ वर्ष में हुए कुछ हादसे
24 नवंबर : मूड़ा गांव निवासी मोहित बाइक से घर जा रहे थे। उल्टी दिशा से आ रहे अज्ञात वाहन की टक्कर से उनकी मौके पर मौत हो गई।
7 अप्रैल: संडीला गांव निवासी बोदालाल गुप्ता पिकअप से भैंस लेकर जा रहे थे। उल्टी दिशा से आ रहे ट्रक की टक्कर से वह पिकअप से उछलकर आगे गिरे और मौके पर मौत हो गई।
28 मई: मैगलगंज के मूड़ा बसही गांव निवासी विनीत मिश्रा बाइक से लिधियाई मोड़ जा रहे थे। अज्ञात वाहन की टक्कर से उनकी मौके पर मौत हो गई।
7 नवंबर: बेहड़ा अजीत गांव निवासी शिवम कुमार को उल्टी दिशा से आ रहे ई-रिक्शा ने टक्कर मार दी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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जिस खेत में सर्विस रोड बनाने का प्रावधान था, उसके मालिक का मुकदमा न्यायालय में लंबित है और जमीन पर स्टे है। फैसला आने के बाद ही सर्विस रोड का निर्माण कराया जा सकेगा।
-दीपक कुमार, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआई
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जमीन विवाद और स्टे के कारण यहां सर्विस रोड वर्ष 2015 से अधूरी है। इससे लखीमपुर, मोहम्मदी, पलिया, गोला और पीलीभीत की ओर से सीतापुर जाने वाले सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों को मुख्य हाईवे पर करीब आधा किलोमीटर उल्टी दिशा में चलना पड़ता है। सामने से तेज रफ्तार वाहन आने के कारण आमने-सामने टक्कर का खतरा रहता है। रात और बारिश में जोखिम और बढ़ जाता है, लेकिन मौके पर वैकल्पिक मार्ग, संकेतक, बैरिकेडिंग और स्पीड ब्रेकर समेत अन्य सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं।
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स्थानीय लोगों व पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले डेढ़ वर्ष में इस क्षेत्र में करीब एक दर्जन हादसे हुए, जिनमें 5 से 6 लोगों की मौत और लगभग आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। उपलब्ध विवरण में चार हादसों में मौत का उल्लेख है। कुछ घटनाओं में उल्टी दिशा से आ रहे वाहनों की टक्कर की बात सामने आई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अधूरी सर्विस रोड और रॉन्ग साइड यातायात से दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
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मैगलगंज बाइपास का निर्माण वर्ष 2013-14 में हुआ था, जबकि सर्विस रोड 2015 से अधूरी है। सर्विस रोड की जमीन का विवाद माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है। वर्ष 2015-16 में स्टे प्रभावी हुआ था। बताया गया कि जिस खेत में सर्विस रोड बननी थी, उसके मालिक मुकदमा हार गए थे और बाद में फिर स्टे ले लिया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि मामला वर्षों से लंबित होने के बावजूद एनएचएआई ने वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग या व्यवस्था नहीं की। दुर्घटना होने पर हाईवे पर गश्त करने वाली 1033 की गाड़ी पहुंचकर बचाव कार्य शुरू करती है। इस मार्ग से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। क्षेत्रवासियों ने अधूरी सर्विस रोड का निर्माण पूरा कराने और तब तक वैकल्पिक मार्ग व सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।
डेढ़ वर्ष में हुए कुछ हादसे
24 नवंबर : मूड़ा गांव निवासी मोहित बाइक से घर जा रहे थे। उल्टी दिशा से आ रहे अज्ञात वाहन की टक्कर से उनकी मौके पर मौत हो गई।
7 अप्रैल: संडीला गांव निवासी बोदालाल गुप्ता पिकअप से भैंस लेकर जा रहे थे। उल्टी दिशा से आ रहे ट्रक की टक्कर से वह पिकअप से उछलकर आगे गिरे और मौके पर मौत हो गई।
28 मई: मैगलगंज के मूड़ा बसही गांव निवासी विनीत मिश्रा बाइक से लिधियाई मोड़ जा रहे थे। अज्ञात वाहन की टक्कर से उनकी मौके पर मौत हो गई।
7 नवंबर: बेहड़ा अजीत गांव निवासी शिवम कुमार को उल्टी दिशा से आ रहे ई-रिक्शा ने टक्कर मार दी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
जिस खेत में सर्विस रोड बनाने का प्रावधान था, उसके मालिक का मुकदमा न्यायालय में लंबित है और जमीन पर स्टे है। फैसला आने के बाद ही सर्विस रोड का निर्माण कराया जा सकेगा।
-दीपक कुमार, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआई