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आठ ब्लाकों में ढाई लाख बच्चों का हुआ वजन
लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 07 Sep 2015 07:16 PM IST
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जिले के आठ ब्लाकों में कुपोषित बच्चों को चिह्नित करने के लिए सोमवार को दिनभर अभियान चलाया गया। इस दौरान 1700 आंगनबाड़ी केंद्रों पर शून्य से पांच वर्ष तक के ढाई लाख बच्चों का वजन किया गया और अभिभावकों से उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली गई। प्रथम चरण पूरा होने के बाद 10 सितंबर को सात ब्लाकों में दूसरा चरण चलाया जाएगा। इसके बाद 14 सितंबर को छूटे हुए बच्चों के वजन के लिए आखिरी चरण का अभियान चलाया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेंद्र दुबे ने बताया कि शासन के निर्देश पर सोमवार को प्रथम चरण में पसगवां, कुंभी, बेहजम, लखीमपुर देहात, निघासन, बिजुआ, धौरहरा और नकहा ब्लाक में अभियान चलाया गया। इसमें कार्यकत्रियों ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन किया गया। डीपीओ ने बताया कि अभियान में 45 सेक्टर प्रभारी लगाए थे, जिन्हें बच्चों के वजन के लिए दो-दो मशीनें दी गई थीं। इसके अलावा सरकारी स्कूलों के 556 शिक्षकों को पर्यवेक्षण के रूप में लगाया गया था। सीडीओ नितीश कुमार भी सोमवार को गोद लिए गए फूलबेहड़ ब्लाक के गांव दाउदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंचे और कई बच्चों का अपने सामने वजन कराया। इस दौरान सीडीओ ने बच्चों के अभिभावकों से उनके पालन पोषण के प्रति जागरूक भी किया। वहीं हर ब्लाक पर सीडीपीओ और मुख्य सेविकाओं ने भी केंद्रों का भ्रमण कर वजन दिवस का जायजा लिया। डीपीओ ने बताया कि अभियान की रिपोर्ट आंगनबाड़ी कार्यकत्री, पर्यवेक्षक और सेक्टर प्रभारी के स्तर से दी जाएगी। रिपोर्ट में अलग-अलग प्रारूपों को भरना है। जिनका आकलन करने के बाद भी यह पता चल पाएगा कि संबंधित ब्लाकों में कितने बच्चे कुपोषित, अति कुपोषित और सामान्य श्रेणी के हैं।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेंद्र दुबे ने बताया कि शासन के निर्देश पर सोमवार को प्रथम चरण में पसगवां, कुंभी, बेहजम, लखीमपुर देहात, निघासन, बिजुआ, धौरहरा और नकहा ब्लाक में अभियान चलाया गया। इसमें कार्यकत्रियों ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन किया गया। डीपीओ ने बताया कि अभियान में 45 सेक्टर प्रभारी लगाए थे, जिन्हें बच्चों के वजन के लिए दो-दो मशीनें दी गई थीं। इसके अलावा सरकारी स्कूलों के 556 शिक्षकों को पर्यवेक्षण के रूप में लगाया गया था। सीडीओ नितीश कुमार भी सोमवार को गोद लिए गए फूलबेहड़ ब्लाक के गांव दाउदपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंचे और कई बच्चों का अपने सामने वजन कराया। इस दौरान सीडीओ ने बच्चों के अभिभावकों से उनके पालन पोषण के प्रति जागरूक भी किया। वहीं हर ब्लाक पर सीडीपीओ और मुख्य सेविकाओं ने भी केंद्रों का भ्रमण कर वजन दिवस का जायजा लिया। डीपीओ ने बताया कि अभियान की रिपोर्ट आंगनबाड़ी कार्यकत्री, पर्यवेक्षक और सेक्टर प्रभारी के स्तर से दी जाएगी। रिपोर्ट में अलग-अलग प्रारूपों को भरना है। जिनका आकलन करने के बाद भी यह पता चल पाएगा कि संबंधित ब्लाकों में कितने बच्चे कुपोषित, अति कुपोषित और सामान्य श्रेणी के हैं।
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