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पहले दिन ही रस्म अदायगी बनी सशक्त गांव की मुहिम
अमर उजाला ब्यूरो/बांकेगंज।
Updated Thu, 22 Sep 2016 11:43 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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आनन-फानन में बुलाई ग्राम सभा की बैठकें, कहीं अफसर नदारद तो कहीं सचिव रहे गायब
सशक्त गांव और विकसित प्रदेश का खाका खींचने के लिए ग्राम पंचायतों में शुरू की गई मुहिम पहले दिन ही महज रस्म अदायगी साबित हुई, क्योंकि सिर्फ सीडीओ अमित सिंह बंसल ही हजरतपुर ग्राम सभा की बैठक में पहुंचे। इसके अलावा अन्य 14 ग्राम पंचायतों में विभिन्न कारणों से ग्राम सभा की बैठकें सफल नहीं हो सकीं। बैठकों में अधिकतर जिम्मेदार अधिकारी नदारद रहे। प्रचार-प्रसार न होने के कारण ग्रामीणों की संख्या उंगलियों पर गिनती लायक रही। दिन में करीब तीन बजे गोला तहसीलदार अशोक कुमार जब कुकरा पंचायत में ग्राम सभा की बैठक में भाग लेने पहुंचे, तो वहां बैठक समाप्त हो चुकी थी। लिहाजा उन्हें बैरंग होना पड़ा।
पहले चरण में ब्लाक बांकेगंज की 15 पंचायतों में ग्राम सभा की खुली बैठकें कराई गईं, उनमें मात्र दो ग्राम पंचायत अधिकारी तैनात हैं। सुबह 11 बजे तक ग्राम प्रधानों को भी ग्राम सभा की बैठक बुलाए जाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। पिछले कई दिनों से बन रही योजना से प्रधानों और पंचायत सचिवों को अलग-थलग रखा गया। जिला प्रशासन के दबाव में ग्राम प्रधानों ने किसी तरह बैठक तो बुला ली, लेकिन कई ग्राम पंचायतों में कोरम तक पूरा नहीं हो पाया। इससे न कोई प्रस्ताव पारित हुए और न कोई गांव के विकास की योजना बन पाई। ग्राम पंचायत हजरतपुर में शाम चार बजे के बाद ग्राम सभा की बैठक में सीडीओ अमित सिंह बंसल पहुंचे। जहां उन्होंने बैठक में मौजूद ग्रामीणों को राज्य और केंद्र सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ लेने के बारे में जागरूक किया। इसके अलावा ग्रामीणों को संवेदनशील करने, जन सहभागिता बढ़ाने और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने की विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर बीडीओ राघवेंद्र तिवारी, सेक्रेटरी जगतपाल, ग्राम प्रधान दीक्षा देवी, प्रधानपति विक्रम जोशी, रोजगार सेवक रंजीत सिंह सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
कोरम और सूचना के अभाव में कई पंचायतों में नहीं हुई बैठक
कोरम और सूचना के अभाव में कई ग्राम पंचायतों में बैठक नहीं हो सकी। प्रधानों का आरोप है कि पंचायतों में खुली बैठकों की सूचना उन्हें संबधित ग्राम पंचायत अधिकारियों ने मोबाईल पर बृहस्पतिवार की दिन में 11 बजे के बाद दी। ऐन वक्त पर बैठक की सूचना मिलने पर ग्रामीण और पंचायत सदस्य बैठकों में नहीं पहुंचे। नतीजतन सूचना और कोरम के अभाव में खुली बैठकें स्थगित होकर मात्र औपचारिकता बनकर रह गईं।
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ब्लाक में तो पूर्णकालिक बीडीओ तक नहीं
ब्लाक बांकेगंज में पूर्णकालिक बीडीओ की तैनाती नहीं है। जिसके चलते कुंभी ब्लाक में तैनात बीडीओ राघवेंद्र तिवारी के पास दोनों ब्लाकों का चार्ज है।
जब प्रधानों के फूले हाथ पांव
बृहस्पतिवार को दिन में एक बजे ग्राम पंचायत हरदुआ, जटपुरा, खंजनपुर, खजुहा, कुकरा, हजरतपुर, पहाड़नगर, पहाड़पुर आदि के प्रधानों को महत्वपूर्ण बैठक की सूचना मोबाइल से दी गई, जिससे उनके हाथ-पांव फूल गए। संबधित प्रधानों ने अफरा-तफरी के बीच ग्रामीणों और पंचायत सदस्यों को इसकी सूचना दी। दिन में 2.30 बजे न्याय पंचायत कुकरा की ग्राम पंचायत कुकरा में पंचायत सेक्रेटरी जगतपाल बैठक में भाग लेने पहुंचे, जहां रस्म आदायगी के बाद बैठक समाप्त हो गई। एसडीएम गोला के चुनाव प्रशिक्षण के लिए बरेली में होने के कारण तहसीलदार गोला कुकरा पंचायत पहुंचे जरूर लेकिन इससे पहले बैठक खत्म हो चुकी थी। शासनादेश के मुताबिक वीडियोग्राफी भी नहीं कराई गई।
पांच ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा बैठक में शामिल होकर ग्रामीणों को महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। इसके अलावा 10 अन्य ग्राम पंचायतों में हुई बैठकों की रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। पहला दिन होने के कारण कुछ जगहों पर अव्यवस्थाएं हुई हैं, लेकिन आगे से व्यवस्थाएं दुरुस्त करा ली जाएंगी।
-अमित सिंह बंसल, सीडीओ
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सशक्त गांव और विकसित प्रदेश का खाका खींचने के लिए ग्राम पंचायतों में शुरू की गई मुहिम पहले दिन ही महज रस्म अदायगी साबित हुई, क्योंकि सिर्फ सीडीओ अमित सिंह बंसल ही हजरतपुर ग्राम सभा की बैठक में पहुंचे। इसके अलावा अन्य 14 ग्राम पंचायतों में विभिन्न कारणों से ग्राम सभा की बैठकें सफल नहीं हो सकीं। बैठकों में अधिकतर जिम्मेदार अधिकारी नदारद रहे। प्रचार-प्रसार न होने के कारण ग्रामीणों की संख्या उंगलियों पर गिनती लायक रही। दिन में करीब तीन बजे गोला तहसीलदार अशोक कुमार जब कुकरा पंचायत में ग्राम सभा की बैठक में भाग लेने पहुंचे, तो वहां बैठक समाप्त हो चुकी थी। लिहाजा उन्हें बैरंग होना पड़ा।
पहले चरण में ब्लाक बांकेगंज की 15 पंचायतों में ग्राम सभा की खुली बैठकें कराई गईं, उनमें मात्र दो ग्राम पंचायत अधिकारी तैनात हैं। सुबह 11 बजे तक ग्राम प्रधानों को भी ग्राम सभा की बैठक बुलाए जाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। पिछले कई दिनों से बन रही योजना से प्रधानों और पंचायत सचिवों को अलग-थलग रखा गया। जिला प्रशासन के दबाव में ग्राम प्रधानों ने किसी तरह बैठक तो बुला ली, लेकिन कई ग्राम पंचायतों में कोरम तक पूरा नहीं हो पाया। इससे न कोई प्रस्ताव पारित हुए और न कोई गांव के विकास की योजना बन पाई। ग्राम पंचायत हजरतपुर में शाम चार बजे के बाद ग्राम सभा की बैठक में सीडीओ अमित सिंह बंसल पहुंचे। जहां उन्होंने बैठक में मौजूद ग्रामीणों को राज्य और केंद्र सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ लेने के बारे में जागरूक किया। इसके अलावा ग्रामीणों को संवेदनशील करने, जन सहभागिता बढ़ाने और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने की विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर बीडीओ राघवेंद्र तिवारी, सेक्रेटरी जगतपाल, ग्राम प्रधान दीक्षा देवी, प्रधानपति विक्रम जोशी, रोजगार सेवक रंजीत सिंह सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
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कोरम और सूचना के अभाव में कई पंचायतों में नहीं हुई बैठक
कोरम और सूचना के अभाव में कई ग्राम पंचायतों में बैठक नहीं हो सकी। प्रधानों का आरोप है कि पंचायतों में खुली बैठकों की सूचना उन्हें संबधित ग्राम पंचायत अधिकारियों ने मोबाईल पर बृहस्पतिवार की दिन में 11 बजे के बाद दी। ऐन वक्त पर बैठक की सूचना मिलने पर ग्रामीण और पंचायत सदस्य बैठकों में नहीं पहुंचे। नतीजतन सूचना और कोरम के अभाव में खुली बैठकें स्थगित होकर मात्र औपचारिकता बनकर रह गईं।
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ब्लाक में तो पूर्णकालिक बीडीओ तक नहीं
ब्लाक बांकेगंज में पूर्णकालिक बीडीओ की तैनाती नहीं है। जिसके चलते कुंभी ब्लाक में तैनात बीडीओ राघवेंद्र तिवारी के पास दोनों ब्लाकों का चार्ज है।
जब प्रधानों के फूले हाथ पांव
बृहस्पतिवार को दिन में एक बजे ग्राम पंचायत हरदुआ, जटपुरा, खंजनपुर, खजुहा, कुकरा, हजरतपुर, पहाड़नगर, पहाड़पुर आदि के प्रधानों को महत्वपूर्ण बैठक की सूचना मोबाइल से दी गई, जिससे उनके हाथ-पांव फूल गए। संबधित प्रधानों ने अफरा-तफरी के बीच ग्रामीणों और पंचायत सदस्यों को इसकी सूचना दी। दिन में 2.30 बजे न्याय पंचायत कुकरा की ग्राम पंचायत कुकरा में पंचायत सेक्रेटरी जगतपाल बैठक में भाग लेने पहुंचे, जहां रस्म आदायगी के बाद बैठक समाप्त हो गई। एसडीएम गोला के चुनाव प्रशिक्षण के लिए बरेली में होने के कारण तहसीलदार गोला कुकरा पंचायत पहुंचे जरूर लेकिन इससे पहले बैठक खत्म हो चुकी थी। शासनादेश के मुताबिक वीडियोग्राफी भी नहीं कराई गई।
पांच ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा बैठक में शामिल होकर ग्रामीणों को महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। इसके अलावा 10 अन्य ग्राम पंचायतों में हुई बैठकों की रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। पहला दिन होने के कारण कुछ जगहों पर अव्यवस्थाएं हुई हैं, लेकिन आगे से व्यवस्थाएं दुरुस्त करा ली जाएंगी।
-अमित सिंह बंसल, सीडीओ