{"_id":"6112cd718ebc3ef3985d850e","slug":"the-tiger-dragged-the-bull-and-killed-it-lakhimpur-news-bly455926296","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैल को खींच ले गया बाघ और मार डाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैल को खींच ले गया बाघ और मार डाला
विज्ञापन
आबादी के निकट बाघ पहुंचने से लोगों में दहशत
बांकेगंज। कस्बा के निकटवर्ती बंगाली कॉलोनी गांव से सटे खेत में चरने के लिए खूंटे से बंधे एक पालतू बैल पर जंगल से निकले एक बाघ ने हमला कर दिया। बाघ बैल को घसीटकर जंगल किनारे बनी झाड़ियों में ले गया और मार डाला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी है।
सोमवार की दोपहर दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के भीरा और मैलानी रेंज की सीमा से सटी बंगाली कॉलोनी गांव निवासी मदई अपने पालतू बैल को जंगल से सटे खेत में चरने के लिए खूंटे से बांध कर घर चला गया। इस बीच शाम करीब पांच बजे जंगल से निकले बाघ ने बैल पर हमला कर उसे मार डाला और उसे घसीटकर जंगल की झाड़ियों में ले जाकर निवाला बनाया। शाम को खेत पर पहुंचे मदई को खूंटे से बंधे पालतू बैल की जगह खून और बाघ के पगचिह्न दिखे तो उसके होश उड़ गए। उसके शोर मचाने पर वहां पहुंचे ग्रामीणों ने घटनास्थल से सटे जंगल और उल्ल नदी किनारे बैल की खोजबीन की, जहां भीरा रेंज की छैरासी बीट जंगल से सटी सीमा पर झाड़ियों में बैल का अधखाया शव बरामद हुआ।
सोमवार की सुबह घटनास्थल पर पहुंचे फॉरेस्टर आकाश खरवार और सुरेंद्र कुमार ने बैल के अधखाए शव और पगचिन्ह मिलने से बैल पर बाघ हमले की पुष्टि की है। आबादी के निकट बाघ के पालतू बैल पर हमले की घटना से ग्रामीणों में दहशत है।
विज्ञापन
भीरा और मैलानी रेंज सीमा से सटे बंगाली कॉलोनी गांव के खेत में खूंटे से बंधे पालतू बैल पर बाघ हमले की सूचना मिली है। वन कर्मियों को बाघ की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग की ओर से पशु मालिक को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। ग्रामीणों से अपील है कि वे सतर्कता बरतें। - डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफर जोन
शाम होते ही बाघ की दहशत में बंद हो जाता है रास्ता
तिकुनिया। रमवापुर मार्ग पर गन्ने के खेतों में बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है। बाघ की दहशत के चलते शाम छह बजे से ही लोगों का इस रास्ते पर आवागमन इस मार्ग पर बंद हो जाता है। उत्तर निघासन रेंज बेलरायां रेंजर विमलेश कुमार ने बताया कि रात में वन विभाग की टीम रोड पर गश्त कर रही है। संवाद
बाघ की लोकेशन पता करने के लिए लगाए कैमरे
ममरी। मोहम्मदी रेंज क्षेत्र के गांव डोकरपुर में हमलावर बाघ की तलाश में वन विभाग ने नरवा नदी के समीप चार कैमरे लगाए हैं। गांव वालों का कहना है कि कमलेश पर हमला होने के बाद वन कर्मी वहां चार कैमरे लगाकर और गांव में बैठक करके चले गए थे। जब से वहां कोई नहीं पहुंचा है, जबकि बाघ अपना ठिकाना गन्ने और नरवा नदी की झाड़ी में बनाए हुए हैं जो किसी भी वक्त फिर हमला कर सकता है। उधर, डिप्टी रेंजर राम नरेश वर्मा का कहना है कि वन कर्मी समय-समय पर गश्त कर रहे हैं। वह खुद मौके पर जाकर कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं। अब तक बाघ की तस्वीर कैद नहीं हुई है, यदि खेतों में पद चिन्ह मिलते हैं, तो दिखवाया जाएगा। संवाद
विज्ञापन
बांकेगंज। कस्बा के निकटवर्ती बंगाली कॉलोनी गांव से सटे खेत में चरने के लिए खूंटे से बंधे एक पालतू बैल पर जंगल से निकले एक बाघ ने हमला कर दिया। बाघ बैल को घसीटकर जंगल किनारे बनी झाड़ियों में ले गया और मार डाला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी है।
सोमवार की दोपहर दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के भीरा और मैलानी रेंज की सीमा से सटी बंगाली कॉलोनी गांव निवासी मदई अपने पालतू बैल को जंगल से सटे खेत में चरने के लिए खूंटे से बांध कर घर चला गया। इस बीच शाम करीब पांच बजे जंगल से निकले बाघ ने बैल पर हमला कर उसे मार डाला और उसे घसीटकर जंगल की झाड़ियों में ले जाकर निवाला बनाया। शाम को खेत पर पहुंचे मदई को खूंटे से बंधे पालतू बैल की जगह खून और बाघ के पगचिह्न दिखे तो उसके होश उड़ गए। उसके शोर मचाने पर वहां पहुंचे ग्रामीणों ने घटनास्थल से सटे जंगल और उल्ल नदी किनारे बैल की खोजबीन की, जहां भीरा रेंज की छैरासी बीट जंगल से सटी सीमा पर झाड़ियों में बैल का अधखाया शव बरामद हुआ।
विज्ञापन
सोमवार की सुबह घटनास्थल पर पहुंचे फॉरेस्टर आकाश खरवार और सुरेंद्र कुमार ने बैल के अधखाए शव और पगचिन्ह मिलने से बैल पर बाघ हमले की पुष्टि की है। आबादी के निकट बाघ के पालतू बैल पर हमले की घटना से ग्रामीणों में दहशत है।
विज्ञापन
भीरा और मैलानी रेंज सीमा से सटे बंगाली कॉलोनी गांव के खेत में खूंटे से बंधे पालतू बैल पर बाघ हमले की सूचना मिली है। वन कर्मियों को बाघ की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग की ओर से पशु मालिक को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। ग्रामीणों से अपील है कि वे सतर्कता बरतें। - डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफर जोन
शाम होते ही बाघ की दहशत में बंद हो जाता है रास्ता
तिकुनिया। रमवापुर मार्ग पर गन्ने के खेतों में बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है। बाघ की दहशत के चलते शाम छह बजे से ही लोगों का इस रास्ते पर आवागमन इस मार्ग पर बंद हो जाता है। उत्तर निघासन रेंज बेलरायां रेंजर विमलेश कुमार ने बताया कि रात में वन विभाग की टीम रोड पर गश्त कर रही है। संवाद
बाघ की लोकेशन पता करने के लिए लगाए कैमरे
ममरी। मोहम्मदी रेंज क्षेत्र के गांव डोकरपुर में हमलावर बाघ की तलाश में वन विभाग ने नरवा नदी के समीप चार कैमरे लगाए हैं। गांव वालों का कहना है कि कमलेश पर हमला होने के बाद वन कर्मी वहां चार कैमरे लगाकर और गांव में बैठक करके चले गए थे। जब से वहां कोई नहीं पहुंचा है, जबकि बाघ अपना ठिकाना गन्ने और नरवा नदी की झाड़ी में बनाए हुए हैं जो किसी भी वक्त फिर हमला कर सकता है। उधर, डिप्टी रेंजर राम नरेश वर्मा का कहना है कि वन कर्मी समय-समय पर गश्त कर रहे हैं। वह खुद मौके पर जाकर कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं। अब तक बाघ की तस्वीर कैद नहीं हुई है, यदि खेतों में पद चिन्ह मिलते हैं, तो दिखवाया जाएगा। संवाद