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तीसरे चरण में भी छूट गईं 77 शराब दुकानें
ब्यूरो /लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 16 Mar 2016 10:22 PM IST
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शराब की दुकान
- फोटो : अमर उजाला
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64 देसी और 13 अंग्रेजी दुकानों के लिए नहीं जमा हुए फार्म
दुकान छूटने के मामले में प्रदेश में तीसरे नंबर पर खीरी
वर्ष 2016-17 के लिए शराब दुकानों के व्यवस्थापन प्रक्रिया के तीसरे चरण में 77 दुकानें छूट गई हैं। इन दुकानों के लिए किसी ने एक भी फार्म जमा नहीं किया। बुधवार को हुई लाटरी/ऑफर प्रक्रिया में सिर्फ 12 दुकानों का ही व्यवस्थापन किया जा सका है, जिसमें छह देसी और छह अंग्रेजी शराब दुकानें शामिल हैं। प्रदेश में कुल 956 दुकान छूटी हैं, जिसमें 77 दुकानों के साथ खीरी तीसरे नंबर पर है। जबकि मथुरा में सबसे ज्यादा 242 दुकानें, दूसरे नंबर पर आगरा में 82 दुकानें छूटी हैं।
शराब दुकानों के व्यवस्थापन के तीसरे चरण की लाटरी/आफर प्रक्रिया में 89 दुकानों का व्यवस्थापन होना था। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम एसपी सिंह और एएसपी एपी सिंह की मौजूदगी में प्राप्त 17 आवेदन फार्मों को खोला गया। इसमें एक ही दुकानों पर कई फार्म पाए गए, जिनका टेंडर के आधार पर निस्तारण किया गया। कुल 12 शराब दुकानों का व्यवस्थापन किया गया। जबकि 64 देसी और 13 अंग्रेजी शराब दुकानों के लिए एक भी फार्म प्राप्त न होने से इनका व्यवस्थापन नहीं हो सका है, जो विभागीय अधिकारियों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। विभागीय सूत्रों की माने तो अब चौथे चरण में इन दुकानों का व्यवस्थापन कराने के लिए दुकानों को तोड़ना पड़ेगा, जिसके लिए बड़े कोटे वाली एक दुकान को तोड़कर कम कोटे की दूसरी नई दुकान सृजित करनी पड़ेगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने कसरत शुरू कर दी है, लेकिन दुकानों की बढ़ती संख्या भी आने वाले समय में विभागीय अधिकारियों के लिए गले की हड्डी साबित हो सकता है। लाटरी/आफर प्रक्रिया के दौरान सहायक आबकारी आयुक्त एसके मिश्रा, जिला आबकारी अधिकारी ईश्वर प्रसाद, आबकारी निरीक्षक संतोष कुमार, दिलीप कुमार वर्मा, विनय कुमार, एसपी मल्ल मौजूद रहे।
दुकान छूटने के मामले में प्रदेश में तीसरे नंबर पर खीरी
वर्ष 2016-17 के लिए शराब दुकानों के व्यवस्थापन प्रक्रिया के तीसरे चरण में 77 दुकानें छूट गई हैं। इन दुकानों के लिए किसी ने एक भी फार्म जमा नहीं किया। बुधवार को हुई लाटरी/ऑफर प्रक्रिया में सिर्फ 12 दुकानों का ही व्यवस्थापन किया जा सका है, जिसमें छह देसी और छह अंग्रेजी शराब दुकानें शामिल हैं। प्रदेश में कुल 956 दुकान छूटी हैं, जिसमें 77 दुकानों के साथ खीरी तीसरे नंबर पर है। जबकि मथुरा में सबसे ज्यादा 242 दुकानें, दूसरे नंबर पर आगरा में 82 दुकानें छूटी हैं।
शराब दुकानों के व्यवस्थापन के तीसरे चरण की लाटरी/आफर प्रक्रिया में 89 दुकानों का व्यवस्थापन होना था। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम एसपी सिंह और एएसपी एपी सिंह की मौजूदगी में प्राप्त 17 आवेदन फार्मों को खोला गया। इसमें एक ही दुकानों पर कई फार्म पाए गए, जिनका टेंडर के आधार पर निस्तारण किया गया। कुल 12 शराब दुकानों का व्यवस्थापन किया गया। जबकि 64 देसी और 13 अंग्रेजी शराब दुकानों के लिए एक भी फार्म प्राप्त न होने से इनका व्यवस्थापन नहीं हो सका है, जो विभागीय अधिकारियों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। विभागीय सूत्रों की माने तो अब चौथे चरण में इन दुकानों का व्यवस्थापन कराने के लिए दुकानों को तोड़ना पड़ेगा, जिसके लिए बड़े कोटे वाली एक दुकान को तोड़कर कम कोटे की दूसरी नई दुकान सृजित करनी पड़ेगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने कसरत शुरू कर दी है, लेकिन दुकानों की बढ़ती संख्या भी आने वाले समय में विभागीय अधिकारियों के लिए गले की हड्डी साबित हो सकता है। लाटरी/आफर प्रक्रिया के दौरान सहायक आबकारी आयुक्त एसके मिश्रा, जिला आबकारी अधिकारी ईश्वर प्रसाद, आबकारी निरीक्षक संतोष कुमार, दिलीप कुमार वर्मा, विनय कुमार, एसपी मल्ल मौजूद रहे।
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