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Lakhimpur Kheri News: आफत छोड़ गई आंधी... कई इलाकों में 40 घंटे बाद भी नहीं लौटी बिजली
Wed, 27 May 2026 11:17 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 27 May 2026 11:17 PM IST
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फॉल्ट दुरुस्त करते विद्युत कर्मी। स्रोत विद्युत कर्मी।
लखीमपुर खीरी। सोमवार रात आई आंधी मोहम्मदी डिवीजन क्षेत्र के लोगों के लिए आफत बन गई। 450 से अधिक बिजली के खंभे गिरने से 200 से ज्यादा गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। 40 घंटे बाद भी कई गांवों में बिजली बहाल नहीं हो सकी, जिससे भीषण गर्मी में लोग बेहाल हैं।
बिजली न होने से घरों में पानी खत्म हो गया है और मोबाइल फोन भी ठप पड़ गए हैं। एसडीओ शुभम मौर्य ने बताया कि आंधी से विद्युत निगम को काफी नुकसान हुआ है। विभाग के सामने आपूर्ति बहाल करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। आंधी के बाद से टीमें लगातार काम कर रही हैं। बुधवार शाम तक 100 गांवों की आपूर्ति बहाल कराने का लक्ष्य है। इसके बाद बाकी 100 गांवों की बिजली चालू कराने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वह खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं और कोशिश है कि जल्द आपूर्ति बहाल कर उपभोक्ताओं को राहत दी जा सके। इधर, बरवर क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों में बुधवार दोपहर बाद तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। जेई शिवप्रकाश ने बताया कि टीमें लगातार काम कर रही हैं और बुधवार शाम तक आपूर्ति चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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आंधी के बाद से मैगलगंज क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। यहां 36 घंटे में केवल छह घंटे बिजली मिल सकी। ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज से लोग परेशान हैं। मैगलगंज समेत 15 से अधिक गांवों में बिना सूचना घंटों बिजली कटौती की जा रही है। बिजली न मिलने से सबमर्सिबल और पानी की मोटरें नहीं चल पा रहीं, जिससे पेयजल संकट गहरा गया है। लोग हैंडपंपों के सहारे पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।
बिजली संकट को लेकर लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। मंगलवार रात गढ़ी क्षेत्र में 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने से दो घंटे तक आपूर्ति बाधित रही।
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उचौलिया क्षेत्र में 70 घंटे झेलना पड़ सकता है संकट
उचौलिया। आंधी के बाद से उचौलिया क्षेत्र में 40 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। विभागीय अधिकारियों ने आशंका जताई है कि लोगों को 70 घंटे तक संकट झेलना पड़ सकता है। बिजली न होने से पेयजल संकट गहरा गया है और मोबाइल फोन भी बंद हो गए हैं। इससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। एसडीओ शुभम मौर्य ने बताया कि कर्मचारी लगातार मरम्मत कार्य में जुटे हैं और बृहस्पतिवार तक आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। संवाद
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जनरेटर से सिंचाई के लिए मजबूर किसान
अमीरनगर। उमस भरी गर्मी और लगातार बिजली कटौती से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। पर्याप्त बिजली न मिलने से सिंचाई प्रभावित हो रही है। मजबूरी में किसान जनरेटर चलाकर खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। सोमवार को आई आंधी के बाद 24 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में आपूर्ति सुचारु बताई जा रही है।
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बिजली न होने से घरों में पानी खत्म हो गया है और मोबाइल फोन भी ठप पड़ गए हैं। एसडीओ शुभम मौर्य ने बताया कि आंधी से विद्युत निगम को काफी नुकसान हुआ है। विभाग के सामने आपूर्ति बहाल करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। आंधी के बाद से टीमें लगातार काम कर रही हैं। बुधवार शाम तक 100 गांवों की आपूर्ति बहाल कराने का लक्ष्य है। इसके बाद बाकी 100 गांवों की बिजली चालू कराने का प्रयास किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि वह खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं और कोशिश है कि जल्द आपूर्ति बहाल कर उपभोक्ताओं को राहत दी जा सके। इधर, बरवर क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों में बुधवार दोपहर बाद तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। जेई शिवप्रकाश ने बताया कि टीमें लगातार काम कर रही हैं और बुधवार शाम तक आपूर्ति चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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आंधी के बाद से मैगलगंज क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। यहां 36 घंटे में केवल छह घंटे बिजली मिल सकी। ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज से लोग परेशान हैं। मैगलगंज समेत 15 से अधिक गांवों में बिना सूचना घंटों बिजली कटौती की जा रही है। बिजली न मिलने से सबमर्सिबल और पानी की मोटरें नहीं चल पा रहीं, जिससे पेयजल संकट गहरा गया है। लोग हैंडपंपों के सहारे पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।
बिजली संकट को लेकर लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। मंगलवार रात गढ़ी क्षेत्र में 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने से दो घंटे तक आपूर्ति बाधित रही।
उचौलिया क्षेत्र में 70 घंटे झेलना पड़ सकता है संकट
उचौलिया। आंधी के बाद से उचौलिया क्षेत्र में 40 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। विभागीय अधिकारियों ने आशंका जताई है कि लोगों को 70 घंटे तक संकट झेलना पड़ सकता है। बिजली न होने से पेयजल संकट गहरा गया है और मोबाइल फोन भी बंद हो गए हैं। इससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। एसडीओ शुभम मौर्य ने बताया कि कर्मचारी लगातार मरम्मत कार्य में जुटे हैं और बृहस्पतिवार तक आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। संवाद
जनरेटर से सिंचाई के लिए मजबूर किसान
अमीरनगर। उमस भरी गर्मी और लगातार बिजली कटौती से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। पर्याप्त बिजली न मिलने से सिंचाई प्रभावित हो रही है। मजबूरी में किसान जनरेटर चलाकर खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। सोमवार को आई आंधी के बाद 24 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में आपूर्ति सुचारु बताई जा रही है।

फॉल्ट दुरुस्त करते विद्युत कर्मी। स्रोत विद्युत कर्मी।