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Lakhimpur Kheri News: आतिशबाजी का धुआं फुला रहा बुजुर्ग, अस्थमा मरीजों की सांसें
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जिला अस्पताल में मरीजों की ओपीडी करते हुए डॉ. कमलेंद्र वर्म। संवाद
लखीमपुर खीरी/ओयल। दिवाली पर फोड़े गए पटाखों का धुआं बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों की सांसें फुला रहा है। आतिशबाजी से जिले की हवा में भी प्रदूषण के कण घुल गए हैं। नतीजतन अब जिला चिकित्सालय के साथ ही निजी अस्पतालों में भी श्वास संबंधी रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है।
दिवाली के अवकाश के बाद जिला अस्पताल में शुक्रवार और शनिवार को 12 बजे तक ओपीडी लगी। शुक्रवार को ओपीडी में 55 मरीज दवा लेने पहुंचे, वहीं शनिवार को 67 मरीज जिला अस्पताल दिखाने आए। मेडिकल कॉलेज के डॉ. कमलेंद्र वर्मा ने बताया कि पटाखाें के धुएं से हवा दूषित हो गई है। दूषित हवा सभी के लिए हानिकारक है, लेकिन इससे सबसे ज्यादा दिक्कत अस्थमा के मरीज और बुजुर्गों को हो रही है।
पिछले दो दिन ओपीडी में दिखाने आए 20 फीसदी मरीज श्वास संबंधी समस्याओं से ग्रसित थे। वहीं डॉ. शशांक तिवारी ने बताया कि दिवाली के बाद से श्वास संबंधी समस्याओं से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों को दवाएं देने के साथ ही बचाव का तरीका बताया जा रहा है।
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बदलते मौसम में भारी पड़ सकती है लापरवाही
जिला अस्पताल के डॉ. कमलेंद्र वर्मा ने बताया कि मौसम बदल रहा है। बदलते मौसम में लापरवाही भारी पड़ सकती है। ऐसे में खासकर बच्चों व बुजुर्गों को सेहत का ध्यान रखना चाहिए। मौजूदा समय में सांस फूलना, पेट दर्द, कमजोरी, खांसी, जुकाम आदि के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस मौसम में पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, खुले में न सोएं, ठंडी चीजें खाने व पीने से बचें। सर्दी-जुकाम के मरीजों से दूरी बनाए रखें।
बचाव के उपाय
- शरीर में पानी की कमी न होने दें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीयें।
- विटामिन सी से भरपूर चीजें खाएं, पौष्टिक आहार लें।
- मौसमी फल व सब्जियों का सेवन करें।
- बुजुर्ग व अस्थमा के मरीज घर से बाहर न निकलें।
- घर पर ही व्यायाम और प्राणायाम करें।
-घर से निकलें तो मास्क जरूर लगाएं।
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दिवाली के अवकाश के बाद जिला अस्पताल में शुक्रवार और शनिवार को 12 बजे तक ओपीडी लगी। शुक्रवार को ओपीडी में 55 मरीज दवा लेने पहुंचे, वहीं शनिवार को 67 मरीज जिला अस्पताल दिखाने आए। मेडिकल कॉलेज के डॉ. कमलेंद्र वर्मा ने बताया कि पटाखाें के धुएं से हवा दूषित हो गई है। दूषित हवा सभी के लिए हानिकारक है, लेकिन इससे सबसे ज्यादा दिक्कत अस्थमा के मरीज और बुजुर्गों को हो रही है।
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पिछले दो दिन ओपीडी में दिखाने आए 20 फीसदी मरीज श्वास संबंधी समस्याओं से ग्रसित थे। वहीं डॉ. शशांक तिवारी ने बताया कि दिवाली के बाद से श्वास संबंधी समस्याओं से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों को दवाएं देने के साथ ही बचाव का तरीका बताया जा रहा है।
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बदलते मौसम में भारी पड़ सकती है लापरवाही
जिला अस्पताल के डॉ. कमलेंद्र वर्मा ने बताया कि मौसम बदल रहा है। बदलते मौसम में लापरवाही भारी पड़ सकती है। ऐसे में खासकर बच्चों व बुजुर्गों को सेहत का ध्यान रखना चाहिए। मौजूदा समय में सांस फूलना, पेट दर्द, कमजोरी, खांसी, जुकाम आदि के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस मौसम में पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, खुले में न सोएं, ठंडी चीजें खाने व पीने से बचें। सर्दी-जुकाम के मरीजों से दूरी बनाए रखें।
बचाव के उपाय
- शरीर में पानी की कमी न होने दें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीयें।
- विटामिन सी से भरपूर चीजें खाएं, पौष्टिक आहार लें।
- मौसमी फल व सब्जियों का सेवन करें।
- बुजुर्ग व अस्थमा के मरीज घर से बाहर न निकलें।
- घर पर ही व्यायाम और प्राणायाम करें।
-घर से निकलें तो मास्क जरूर लगाएं।