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Lakhimpur Kheri News: खाद वितरण के दावे पर तीसरे दिन भी सर्वर ने फेरा पानी
Thu, 16 Jul 2026 11:42 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 16 Jul 2026 11:42 PM IST
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बी-पैक्स केंद्र भल्लिया बुजुर्ग में यूरिया लेने के लिए एकत्र किसान। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले में खाद वितरण के दावे पर तीसरे दिन भी सर्वर ने पानी फेर दिया। बृहस्पतिवार सुबह जिले की 144 समितियों पर साढ़े नौ बजे से यूरिया वितरण शुरू होने का दावा किया गया, लेकिन महज आधे घंटे बाद सर्वर ठप होने से व्यवस्था फिर धड़ाम हो गई।
कहीं एक बायोमीट्रिक मिलान में दस मिनट लगे तो कहीं किसानों के अंगूठे लगवाकर खाद की जगह टोकन थमाकर अगले दिन बुलाया गया। कई समितियों पर यूरिया का स्टॉक शून्य मिला। पूरे दिन किसान लाइन में लगे रहे और कई जगह बिना खाद मायूस लौटना पड़ा।
मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे सर्वर ठप होने के बाद बृहस्पतिवार शाम तक पूरी तरह बहाल नहीं हो सका। बुधवार दोपहर दो बजे कुछ सुधार आया, लेकिन शाम तक फिर फेल हो गया। तीन दिनों से कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई।
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भीखमपुर के ओदरहा में 25 किसानों के फिंगर लगे। गर्मी और नेटवर्क दोनों से किसान परेशान रहे। सचिव अनिल दीक्षित ने बताया कि 300 टोकन किसानों को वितरित किए गए थे, लेकिन सर्वर डाउन होने से वितरण नहीं हो सका। यूरिया की कमी नहीं है। कुंभी ब्लॉक की मढ़िया समिति में भी कमोबेश यही स्थिति रही। सचिव मौके पर नहीं मिले और फोन भी नहीं उठाया।
अमीरनगर साधन सहकारी समिति पर भी सर्वर डाउन होने से खाद वितरण नहीं हो सका। केशवापुर के भल्लिया बुजुर्ग के सचिव पवनेश वर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को 65 किसानों को यूरिया दी गई। निपनिया के सचिव दीनानाथ यादव और जलालपुर के सचिव शिवांशु वर्मा ने भी सर्वर के चलते वितरण में दिक्कत बताई। बी-पैक्स समिति जड़ौरा (बघमरा) और शहाबुद्दीनपुर (अजान) में यूरिया नहीं है।
बेहजम की बी-पैक्स भूलनपुर के सचिव प्रमोद कुमार ने भी यूरिया नहीं होने की बात कही। अंदापुर गौरिया में 27 एमटी यूरिया होने के बावजूद नेटवर्क की समस्या से वितरण नहीं हो सका।
-- -- यहां कुछ बेहतर रही स्थिति-- --
निघासन/सिंगाही में स्थिति कुछ बेहतर रही। बी-पैक्स निघासन के सचिव कौशल ने बताया कि 1200 बोरी यूरिया वितरित की गईं। नौरंगाबाद समिति के सचिव राजकुमार के अनुसार, 27 एमटी यूरिया मिली थी, जिसमें वितरण के बाद बृहस्पतिवार को 23.175 एमटी स्टॉक बचा है। खैरीगढ़ सिंगाही के सचिव रवि शुक्ला ने बताया कि टोकन प्रणाली से यूरिया दी जा रही है और 39.330 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है।
-- -- बायोमीट्रिक मिलान के बाद अगले दिन बुलाया-- --
महेवागंज क्षेत्र में बीच-बीच में सर्वर चलने पर किसानों के अंगूठे लगवाए गए, लेकिन खाद की जगह टोकन देकर अगले दिन बुलाया जा रहा है। समिति और गोदाम पर खाद होने के बावजूद किसान परेशान हैं। फूलबेहड़ समिति के सचिव देशवीर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को सिर्फ 17 किसानों का बायोमीट्रिक मिलान हो पाया। 100 किसानों के अंगूठे लगने पर अगले दिन गोदाम से खाद दी जाएगी।
बी-पैक्स हांथीपुर गणेशगंज के सचिव इंद्रेश वर्मा ने बताया कि 10 एमटी यूरिया वितरण के बाद स्टॉक निल है। एक बायोमीट्रिक मिलान में दस मिनट लग रहे हैं। सुंदरवल में कर्मियों और संचालन समिति के बीच मतभेद से वितरण नहीं हो सका।
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जिले में 21,919 एमटी यूरिया का स्टॉक
जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि जुलाई तक जिले में 1,18,948 मीट्रिक टन यूरिया का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष 1,15,371 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक मिल चुका है। इसमें से 93,452 एमटी यूरिया का वितरण हो चुका है और 21,919 एमटी यूरिया शेष है।
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बृहस्पतिवार सुबह कुछ देर सर्वर चला, लेकिन फिर वही पुरानी समस्या आ गई। बीच-बीच में सर्वर चलता रहा, लेकिन नियमित नहीं चलने से खाद वितरण व्यवस्था प्रभावित रही। यह समस्या पूरे प्रदेश की है।
-प्रवीण कुमार, एआर, को-ऑपरेटिव
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कहीं एक बायोमीट्रिक मिलान में दस मिनट लगे तो कहीं किसानों के अंगूठे लगवाकर खाद की जगह टोकन थमाकर अगले दिन बुलाया गया। कई समितियों पर यूरिया का स्टॉक शून्य मिला। पूरे दिन किसान लाइन में लगे रहे और कई जगह बिना खाद मायूस लौटना पड़ा।
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मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे सर्वर ठप होने के बाद बृहस्पतिवार शाम तक पूरी तरह बहाल नहीं हो सका। बुधवार दोपहर दो बजे कुछ सुधार आया, लेकिन शाम तक फिर फेल हो गया। तीन दिनों से कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई।
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भीखमपुर के ओदरहा में 25 किसानों के फिंगर लगे। गर्मी और नेटवर्क दोनों से किसान परेशान रहे। सचिव अनिल दीक्षित ने बताया कि 300 टोकन किसानों को वितरित किए गए थे, लेकिन सर्वर डाउन होने से वितरण नहीं हो सका। यूरिया की कमी नहीं है। कुंभी ब्लॉक की मढ़िया समिति में भी कमोबेश यही स्थिति रही। सचिव मौके पर नहीं मिले और फोन भी नहीं उठाया।
अमीरनगर साधन सहकारी समिति पर भी सर्वर डाउन होने से खाद वितरण नहीं हो सका। केशवापुर के भल्लिया बुजुर्ग के सचिव पवनेश वर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को 65 किसानों को यूरिया दी गई। निपनिया के सचिव दीनानाथ यादव और जलालपुर के सचिव शिवांशु वर्मा ने भी सर्वर के चलते वितरण में दिक्कत बताई। बी-पैक्स समिति जड़ौरा (बघमरा) और शहाबुद्दीनपुर (अजान) में यूरिया नहीं है।
बेहजम की बी-पैक्स भूलनपुर के सचिव प्रमोद कुमार ने भी यूरिया नहीं होने की बात कही। अंदापुर गौरिया में 27 एमटी यूरिया होने के बावजूद नेटवर्क की समस्या से वितरण नहीं हो सका।
निघासन/सिंगाही में स्थिति कुछ बेहतर रही। बी-पैक्स निघासन के सचिव कौशल ने बताया कि 1200 बोरी यूरिया वितरित की गईं। नौरंगाबाद समिति के सचिव राजकुमार के अनुसार, 27 एमटी यूरिया मिली थी, जिसमें वितरण के बाद बृहस्पतिवार को 23.175 एमटी स्टॉक बचा है। खैरीगढ़ सिंगाही के सचिव रवि शुक्ला ने बताया कि टोकन प्रणाली से यूरिया दी जा रही है और 39.330 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है।
महेवागंज क्षेत्र में बीच-बीच में सर्वर चलने पर किसानों के अंगूठे लगवाए गए, लेकिन खाद की जगह टोकन देकर अगले दिन बुलाया जा रहा है। समिति और गोदाम पर खाद होने के बावजूद किसान परेशान हैं। फूलबेहड़ समिति के सचिव देशवीर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को सिर्फ 17 किसानों का बायोमीट्रिक मिलान हो पाया। 100 किसानों के अंगूठे लगने पर अगले दिन गोदाम से खाद दी जाएगी।
बी-पैक्स हांथीपुर गणेशगंज के सचिव इंद्रेश वर्मा ने बताया कि 10 एमटी यूरिया वितरण के बाद स्टॉक निल है। एक बायोमीट्रिक मिलान में दस मिनट लग रहे हैं। सुंदरवल में कर्मियों और संचालन समिति के बीच मतभेद से वितरण नहीं हो सका।
जिले में 21,919 एमटी यूरिया का स्टॉक
जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि जुलाई तक जिले में 1,18,948 मीट्रिक टन यूरिया का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष 1,15,371 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक मिल चुका है। इसमें से 93,452 एमटी यूरिया का वितरण हो चुका है और 21,919 एमटी यूरिया शेष है।
बृहस्पतिवार सुबह कुछ देर सर्वर चला, लेकिन फिर वही पुरानी समस्या आ गई। बीच-बीच में सर्वर चलता रहा, लेकिन नियमित नहीं चलने से खाद वितरण व्यवस्था प्रभावित रही। यह समस्या पूरे प्रदेश की है।
-प्रवीण कुमार, एआर, को-ऑपरेटिव