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Lakhimpur Kheri News: किनारों को मजबूत कर रेललाइन को दी जा रही मजबूती
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पलिया-भीरा रेल ट्रैक के बीच अतरिया के आगे बंधा बांधते कारसेवक। संवाद
पलियाकलां। पलिया-भीरा मार्ग पर अतरिया रेलवे क्राॅसिंग के आगे रेलवे लाइन पर होने वाले रिसाव को रोकने के बाद अब दोनों तरफ से किनारों को मजबूत करने का कार्य बीते दो दिन से किया जा रहा है। गले तक पानी में नीचे जाकर कार सेवक जाल में बोरियां भरकर ठोकर लगाने का कार्य कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ से लोहे के जाल में बोल्डरों को भरकर कटान को रोकने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। हालांकि अब रिसाव तो नहीं हो रहा है, लेकिन रेललाइन बचाने के लिए दोनों तरफ ठोकरें तैयार की जा रहीं हैं।
करीब 10 दिन पहले अतरिया क्राॅसिंग के पास रेल ट्रैक से रिसाव शुरू हो गया था, जिसे रोकने के लिए रेल महकमा व कारसेवक जुट गए थे। काफी प्रयास के बाद रेल ट्रैक से रिसाव सोमवार को रोक दिया गया था। उसके बाद से रेल ट्रैक के किनारे पटरी बनाकर उसे मजबूत किया जा रहा है जिससे कि बाढ़ से रेल ट्रैक दोबारा क्षतिग्रस्त न हो।
काफी प्रयासों और बड़ी संख्या में कारसेवकों के लगने के अलावा बड़ी तादाद में ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की संख्या में बढ़ोत्तरी के बाद से काफी हद तक कार्य तेज हो गया है। मंगलवार को भी पूरी तरीके से दोनों तरफ ठोकरों को बांधते हुए रेललाइन को पूरी तरह से कवर करने का कार्य कर दिया गया है। जिस जगह कटान हुआ था उसके दोनों तरफ लंबी जगह पर ठोकरें बनाईं गईं हैं और कटान को किसी हद तक रोकने की व्यवस्था की गई है।
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एक तरफ बोल्डरों को लोहे के जाल में भरकर डाला जा रहा है वहीं दूसरी तरफ प्लास्टिक के जाल में बोरियों में मिट्टी व मौरंग भरकर डालते हुए बचाव करने का कार्य किया जा रहा है। गुरुद्वारा की तरफ से लगातार पानी व लंगर की सेवा कारसेवकों के लिए जारी है।
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करीब 10 दिन पहले अतरिया क्राॅसिंग के पास रेल ट्रैक से रिसाव शुरू हो गया था, जिसे रोकने के लिए रेल महकमा व कारसेवक जुट गए थे। काफी प्रयास के बाद रेल ट्रैक से रिसाव सोमवार को रोक दिया गया था। उसके बाद से रेल ट्रैक के किनारे पटरी बनाकर उसे मजबूत किया जा रहा है जिससे कि बाढ़ से रेल ट्रैक दोबारा क्षतिग्रस्त न हो।
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काफी प्रयासों और बड़ी संख्या में कारसेवकों के लगने के अलावा बड़ी तादाद में ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की संख्या में बढ़ोत्तरी के बाद से काफी हद तक कार्य तेज हो गया है। मंगलवार को भी पूरी तरीके से दोनों तरफ ठोकरों को बांधते हुए रेललाइन को पूरी तरह से कवर करने का कार्य कर दिया गया है। जिस जगह कटान हुआ था उसके दोनों तरफ लंबी जगह पर ठोकरें बनाईं गईं हैं और कटान को किसी हद तक रोकने की व्यवस्था की गई है।
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एक तरफ बोल्डरों को लोहे के जाल में भरकर डाला जा रहा है वहीं दूसरी तरफ प्लास्टिक के जाल में बोरियों में मिट्टी व मौरंग भरकर डालते हुए बचाव करने का कार्य किया जा रहा है। गुरुद्वारा की तरफ से लगातार पानी व लंगर की सेवा कारसेवकों के लिए जारी है।